कोरोना से जंग : 21 दिन नहीं, दो माह का बैकअप लेकर कार्य करें, सुनिश्चित करें कि आम जनता को परेशानी न हो

Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 25 Mar 2020 11:38 PM

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोरोना लॉकडाउन के तीसरे दिन राज्य के आला अधिकारियों से स्पष्ट कहा है कि 21 दिन नहीं, बल्कि दो माह का बैकअप लेकर चलें. तैयारी इतनी होनी चाहिए कि कहीं भी आम जनता को परेशानी न हो.

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रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोरोना लॉकडाउन के तीसरे दिन राज्य के आला अधिकारियों से स्पष्ट कहा है कि 21 दिन नहीं, बल्कि दो माह का बैकअप लेकर चलें. तैयारी इतनी होनी चाहिए कि कहीं भी आम जनता को परेशानी न हो. थर्मल गन, जांच मशीन, मास्क, टेस्ट किट, पीसीआर मशीन, पीपीए ड्रेस, ग्लोब्स जैसी जरूरी चीजों की कमी नहीं होनी चाहिए. यह सभी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो. यह आप सभी सुनिश्चित करेंगे. सीएम सूचना भवन में राज्य के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे.

सीएम ने कहा कि राज्य में जहां कहीं भी होम क्वारेंटाइन हो रहा है, उसे तत्काल बंद कर दें. सरकार के क्वारेंटाइन में लोग रहेंगे. हमें चीजों को समझना होगा. ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों में घर छोटे- छोटे होते हैं. ऐसी स्थिति में परिवार के सदस्यों या संपर्क में आनेवाले व्यक्ति में संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है. इस बात का सभी अधिकारी ध्यान रखें. राज्य में होनेवाली मृत्यु की भी जानकारी जुटायें. मौत के कारणों को जानें. पूरी जांच होनी चाहिए.

अधिकारियों को कार्य की जिम्मेवारी सौंपे : मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान विभागों में कार्य नहीं हो रहा है. ऐसे में अधिकारियों को कार्य की जिम्मेवारी दें. एक संरचना तैयार करें. नोडल अफसर नियुक्त होना चाहिए. इनसे राज्य के बाहर फंसे लोगों को मदद पहुंचाने, जरूरतमंदों को राशन व जरूरी सामान उपलब्ध कराने के कार्य सौंपा जाये. बताया गया कि अगले दिन अधिकारियों को जिम्मेवारी दे दी जायेगी. राज्य के अंदर में अफसरों को दो-दो जिलों का प्रभार दिया जायेगा.

जो जहां है, वहीं मदद पहुंचायी जायेगी: मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को लाने का काम नहीं होगा. जो जहां है वहीं, रहेगा. हां संबंधित राज्य सरकारों के साथ बात कर उन्हें मदद की जायेगी. जरूरत पड़ेगी तो एनजीओ की सहायता लेकर उनके खान-पान का ध्यान रखा जायेगा. देश के राज्यों के फूड सप्लाई डिपार्टमेंट से भी संपर्क स्थापित कर फंसे हुए लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जायेगी.

कार्गो विमान की व्यवस्था करें : मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉक डाउन के दौरान अन्य राज्यों से जरूरी मशीन, दवा व अन्य जरूरी वस्तुओं को लाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में एक छोटे कार्गो विमान की व्यवस्था करें. ताकि जरूरी सामान झारखंड समय पर आ सके.

बैठक में मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी, अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, प्रधान सचिव अविनाश कुमार, प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी, डीजीपी एमवी राव, विशेष सचिव रमाकांत सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपालजी तिवारी,आइपीआरडी निदेशक राजीव लोचन बक्शी, सीएम के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद व अन्य उपस्थित थे.

वार रूम पहुंचे सीएम, सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई को कहा

रांची. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार की शाम कोरोना वायरस से निपटने के लिए सूचना भवन में स्थापित किये गये राज्यस्तरीय कोरोना नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया. इस मौके पर उन्होंने अधिकारियों के साथ कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए उठाये जा रहे कदमों की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम में मिलने वाली सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई हो. सीएम के साथ मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी समेत अन्य अफसर मौजूद थे.

कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस की नीति

रांची. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी जायेगी. उन्होंने सभी जिला उपायुक्त एवं पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य में खाद्य पदार्थों की कालाबाजारी और गैस सिलिंडर से जुड़ी घटनाओं पर सख्ती से नकेल कसें. कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिल रही है कि कुछ जिलों में यह समस्या अभी भी आ रही है. इस बाबत जीरो टॉलरेंस अपना कर सख्ती से जारी निर्देश का पालन सुनिश्चित करें.

जो जहां है, वहीं रहे, सुरक्षित रहे

रांची. मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि हरिद्वार में फंसे झारखंड के लोगों की मदद करें. मुख्यमंत्री ने राज्य के बाहर फंसे लोगों से अनुरोध किया है कि जो जहां है, उनका वहीं अगले 21 दिन तक रहना सुरक्षित है. राज्य के बाहर फंसे झारखंड के लोग कंट्रोल रूम न०06512282201 पर फोन कर अपनी समस्या साझा कर सकते हैं. मुख्यमंत्री को जानकारी दी गयी कि देवघर के 25 लोग हरिद्वार में फंस गये हैं. मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मदद व सुरक्षा का आग्रह किया है.

पड़ोस के गरीबों की मदद करें : सीएस

रांची. मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने लोगों से आग्रह किया है कि वे अपने पड़ोस के गरीब लोगों की मदद करें. जितना संभव हो, उन्हें सहयोग दें. आवश्यक वस्तु लोगों के घरों तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है. मुख्य सचिव ने बुधवार को सूचना भवन में स्थापित राज्यस्तरीय कोरोना नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण करने के बाद उक्त बातें कही. इस क्रम में उन्होंने टॉल फ्री नंबर 181 पर आनेवाले कॉल से संबंधित जानकारी ली. मुख्य सचिव ने कहा कि कई अन्य राज्यों से मजदूरों के फंसे होने के मामले सामने आ रहे हैं. राज्य सरकार द्वारा उन राज्यों की सरकारों से संपर्क स्थापित कर उन मजदूरों के रहने एवं खाने की व्यवस्था की जा रही है. सरकार द्वारा खाद्य सामग्री की होम डिलीवरी के भी उपाय किये जा रहे हैं.

साथ ही आवश्यक सारी कार्रवाई कर रहे हैं. मौके पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के विशेष सचिव रमाकांत सिंह, निदेशक राजीव लोचन बख्शी, आरआरडीए उपाध्यक्ष राजकुमार, चिकित्सा शिक्षा के निदेशक डॉ लक्ष्मण लाल, जैप 2 के पुलिस उपाधीक्षक अविनाश कुमार, स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पदाधिकारी भी उपस्थित थे.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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