ePaper

Vivah Muhurat: साल 2024 में विवाह के लिए मिलेंगे 58 दिन, यहां जानें जनवरी से दिसंबर तक शुभ मुहूर्त की लिस्ट

Updated at : 04 Dec 2023 11:13 AM (IST)
विज्ञापन
Vivah Muhurat: साल 2024 में विवाह के लिए मिलेंगे 58 दिन, यहां जानें जनवरी से दिसंबर तक शुभ मुहूर्त की लिस्ट

Vivah Muhurat: वैदिक ज्योतिष में हर वर्ष में कुल पांच सिद्ध मुहूर्त होते हैं, इनमें फुलेरा या फुलरिया दूज, देवउठनी एकादशी, बसंत पंचमी, विजयादशमी और अक्षय तृतीया है, इन पांच दिनों में मुहूर्त न होते हुए भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं. आइए जानते है कि साल 2024 में कुल कितनी विवाह के लिए शुभ मुहूर्त है.

विज्ञापन

Vivah Shubh Muhurat 2024 Date: सनातन धर्म में 16 संस्कार होते हैं, जिसमें विवाह संस्कार सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. विवाह व्यक्ति के जीवन का सबसे अहम पड़ाव है, जो वर और वधू के साथ-साथ दो परिवारों को आपस में जोड़ने का काम करता है. हिंदू धर्म में विवाह जैसे शुभ कार्य को अशुभ मुहूर्त में करने से बचना चाहिए, क्योंकि इसका नकारात्मक प्रभाव वर-वधू के जीवन पर पड़ता है. इसलिए शादी-विवाह को शुभ मुहूर्त में ही किया जाना जरूरी है. विवाह में गुण मिलान को जितना महत्वपूर्ण माना गया है, उतना ही महत्व शुभ मुहूर्त का भी दिया गया है. आइए जानते है ज्योतिषाचार्य-टैरो कार्ड रीडर और वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ रितु तिवारी से कि साल 2024 में शादी-विवाह करने के लिए कुल कितने शुभ मुहूर्त है…

ज्योतिषाचार्य रितु तिवारी ने बताया कि विवाह को संपन्न करने के लिए प्रेम और विवाह के कारक ग्रह शुक्र का उदित अवस्था में होना बेहद जरूरी होता है. वैदिक ज्योतिष में हर वर्ष में कुल पांच सिद्ध मुहूर्त होते हैं, इनमें फुलेरा या फुलरिया दूज, देवउठनी एकादशी, बसंत पंचमी, विजयादशमी और अक्षय तृतीया है, इन पांच दिनों में मुहूर्त न होते हुए भी शुभ कार्य जैसे विवाह आदि किए जा सकते हैं. क्योंकि ये अपने आप में सिद्ध मुहूर्त बताए गए हैं.

जानें कैसे तय होते हैं विवाह के शुभ मुहूर्त

जब वर-वधू के कुंडली मिलान या गुण मिलान हो जाता है तो उसके बाद जन्म राशि के आधार पर विवाह मुहूर्त के लिए तिथि, वार, नक्षत्र तथा समय को निकाला जाता है और इसे ही विवाह मुहूर्त के नाम से जाना जाता है, इसके साथ ही वर-वधू का जन्म जिस चंद्र नक्षत्र में होता है, उस नक्षत्र के चरण में आने वाले अक्षर को भी विवाह की तिथि ज्ञात करने में प्रयोग किया जाता है. हालांकि लड़का-लड़की की राशियों में विवाह के लिए एक जैसी ही तिथि को विवाह मुहूर्त के लिए लिया जाता है.

Also Read: Astrology: इन ग्रहों के अशुभ प्रभाव से जीवन में झेलनी पड़ती हैं तकलीफें, जानें लक्षण और ज्योतिषीय उपाय
साल 2024 में पड़ रहे हैं विवाह के 58 मुहूर्त

साल 2023 की अपेक्षा नव वर्ष 2024 में शादियों के शुभ मुहूर्त की भरमार है. साल 2024 शादी-विवाह के लिहाज़ से बहुत ही ख़ास रहने वाला है. देवशयनी एकादशी से लेकर देवउठनी एकादशी के चातुर्मास को अगर छोड़ दें तो साल 2024 में लगभग हर महीने शादी की शहनाइयां गूंजेंगी. पंचांग के अनुसार नए साल में विवाह के कुल 58 शुभ मुहूर्त रहेंगे, जिसमें लड़के-लड़की का विवाह किए जा सकेंगे.

विवाह मुहूर्त 2024 सूची

16 जनवरी दिन मंगलवार, 17 जनवरी दिन बुधवार, 20 जनवरी दिन शनिवार, 21 जनवरी दिन रविवार, 22 जनवरी दिन सोमवार, 27 जनवरी दिन शनिवार, 28 जनवरी दिन रविवार, 30 जनवरी दिन मंगलवार, 31 जनवरी दिन बुधवार, 04 फरवरी दिन रविवार, 06 फरवरी दिन मंगलवार, 07 फरवरी दिन बुधवार, 08 फरवरी दिन गुरुवार, 12 फरवरी दिन सोमवार, 13 फरवरी दिन मंगलवार, 17 फरवरी दिन शनिवार, 24 फरवरी दिन शनिवार, 25 फरवरी दिन रविवार, 26 फरवरी दिन सोमवार, 29 फरवरी दिन गुरुवार, 1 मार्च दिन शुक्रवार, 2 मार्च दिन शनिवार, 3 मार्च दिन रविवार, 4 मार्च दिन सोमवार, 5 मार्च दिन मंगलवार, 6 मार्च दिन बुधवार, 7 मार्च दिन गुरुवार, 10 मार्च दिन रविवार, 11 मार्च दिन सोमवार, 12 मार्च दिन मंगलवार, 18 अप्रैल दिन गुरुवार, 19 अप्रैल दिन शुक्रवार, 20 अप्रैल दिन शनिवार, 21 अप्रैल दिन रविवार, 22 अप्रैल दिन सोमवार

विवाह मुहूर्त 2024 सूची

9 जुलाई दिन मंगलवार, 11 जुलाई दिन गुरुवार, 12 जुलाई दिन शुक्रवार, 13 जुलाई दिन शनिवार, 14 जुलाई दिन रविवार, 15 जुलाई दिन सोमवार, 12 नवंबर दिन मंगलवार, 13 नवंबर दिन बुधवार, 16 नवंबर दिन शनिवार, 17 नवंबर दिन रविवार, 18 नवंबर दिन सोमवार, 22 नवंबर दिन शुक्रवार, 23 नवंबर दिन शनिवार, 25 नवंबर दिन सोमवार, 26 नवंबर दिन मंगलवार, 28 नवंबर दिन गुरुवार, 29 नवंबर दिन शुक्रवार, 4 दिसंबर दिन बुधवार, 5 दिसंबर दिन गुरुवार, 9 दिसंबर दिन सोमवार, 14 दिसंबर दिन शनिवार, 15 दिसंबर दिन रविवार

विवाह जीवन का एक बहुत बड़ा फैसला

विवाह जीवन का एक बहुत बड़ा फैसला होता है, ऐसे में यह बेहद जरूरी हो जाता है कि लड़का और लड़की की कुंडली पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से दिखाया जाता है. वैदिक ज्योतिष में विवाह संस्कार को काफ़ी महत्वपूर्ण और शुभ माना गया है, इसलिए शुभ मुहूर्त के साथ-साथ शुभ तिथियां, नक्षत्र, योग और करण का भी ध्यान रखा जाता है. ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्रों का जिक्र है, लेकिन विवाह के लिए कुछ ही नक्षत्र को ही शुभ माना जाता है. आइए ज्योतिषाचार्य रितु तिवारी से जानते हैं कि शादी के लिए कौन सी तिथियां, नक्षत्र, योग और करण शुभ माने जाते हैं.

शुभ करण

विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए सात ऐसे करण बताए गए हैं जिन्हें शुभ माना गया है. किन्स्तुघना करण, बव करण, बालव करण, कौलव करण, तैतिल करण, गर करण, वणिज करण शादी के लिए शुभ होते है.

मुहूर्त- विवाह करने के लिए अभिजीत मुहूर्त और गोधूलि बेला का मुहूर्त को बेहद शुभ माना जाता है. तिथि- द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, एकादशी, त्रयोदशी तिथि में शादी करना शुभ माना जाता है.

शुभ नक्षत्र- रोहिणी नक्षत्र, मृगशिरा नक्षत्र, मघा नक्षत्र, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र, हस्त नक्षत्र, स्वाति नक्षत्र, अनुराधा नक्षत्र, मूल नक्षत्र, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, रेवती नक्षत्र को शुभ माना गया है.

शुभ दिन: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार इन दिनों को विवाह के लिए काफी शुभ माना जाता है.

शुभ योग: प्रीति योग, सौभाग्य योग, हर्षण योग

Also Read: Astrology: कुंडली में ये ग्रह व्यक्ति को बना देता हैं कंगाल, धन वृद्धि और सुख समृद्धि के लिए करें ये उपाय
विवाह के लिए महत्वपूर्ण होता है लग्न भाव

ज्योतिषाचार्य रितु तिवारी ने बताया कि विवाह करने के लिए लग्न अर्थात फेरे का समय निकाला जाता है. लग्न का समय विवाह की तिथि तय होने के बाद किया जाता है. वैदिक ज्योतिष में विवाह लग्न में कोई गलती नहीं होनी चाहिए अन्यथा इसका नकारात्मक परिणाम वर-वधू को भुगतना पड़ सकता है. विवाह में तिथि को शरीर, चंद्रमा को मन, योग-नक्षत्रों आदि को शरीर के अंग और वहीं लग्न को आत्मा माना गया है, इसलिए लग्न को ध्यान में रखकर ही विवाह जैसे शुभ कार्य किया जाता है. लग्न के बिना कोई भी शुभ कार्य करना व्यर्थ माना जाता है.

विवाह मुहूर्त के निर्धारण में ध्यान रखें ये बातें

  • अष्टमेश यानी आठवें भाव के स्वामी विवाह लग्न में स्थित नहीं होना चाहिए.

  • विवाह लग्न से बारहवें भाव में शनि व दसवें भाव में मंगल स्थित नहीं होना चाहिए.

  • विवाह लग्न से तीसरे स्थान पर शुक्र व लग्न भाव में कोई पापी ग्रह राहु या केतु मौजूद नहीं होना चाहिए.

  • विवाह लग्न में कमज़ोर चंद्रमा स्थित नहीं होना चाहिए, इसके साथ ही चंद्रमा व शुक्र ग्रह का छठे और मंगल का आठवें भाव में मौजूद नहीं होना चाहिए.

  • विवाह लग्न से सातवें भाव में कोई भी ग्रह मौजूद नहीं होना चाहिए.

  • विवाह लग्न पाप कर्तरी दोष से युक्त नहीं होना चाहिए अर्थात विवाह लग्न के दूसरे और बारहवें भाव में कोई पापी ग्रह स्थित नहीं होना चाहिए.

विवाह में प्रमुख ग्रहों की शुभता है जरूरी

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विवाह के शुभ योग के लिए नौ ग्रहों में बृहस्पति, शुक्र और सूर्य का अनुकूल स्थिति में होना बेहद जरूरी होता है. ज्योतिषाचार्य रितु तिवारी ने बताया कि जब बृहस्पति, शुक्र व सूर्य ग्रह अस्त होते हैं तो इस दौरान विवाहित और अन्य मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है, इस दौरान कोई भी विवाह समारोह नहीं किया जाता है, जबकि विवाह के लिए रवि-गुरु की युति बेहद शुभ फलदायी मानी जाती है. इन ग्रहों की शुभता को शादी के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है.

Also Read: Shadi ke Upay: शादी में हो रही देरी तो करें ये ज्योतिषीय उपाय, जानें कुंडली में कब बनता है प्रेम विवाह का योग
ज्योतिष संबंधित चुनिंदा सवालों के जवाब प्रकाशित किए जाएंगे

ज्योतिष शास्त्र में कई ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिन्हें करने से जीवन की हर परेशानी दूर की जा सकती है. ये उपाय करियर, नौकरी, व्यापार, पारिवारिक कलह सहित कई अन्य कार्यों में भी सफलता दिलाते हैं. नीचे दिए गए विभिन्न समस्याओं के निवारण के लिए आप एक बार ज्योतिषीय सलाह जरूर ले सकते है. यदि आपकी कोई ज्योतिषीय, आध्यात्मिक या गूढ़ जिज्ञासा हो, तो अपनी जन्म तिथि, जन्म समय व जन्म स्थान के साथ कम शब्दों में अपना प्रश्न radheshyam.kushwaha@prabhatkhabar.in या WhatsApp No- 8109683217 पर भेजें. सब्जेक्ट लाइन में ‘प्रभात खबर डिजीटल’ जरूर लिखें. चुनिंदा सवालों के जवाब प्रभात खबर डिजीटल के धर्म सेक्शन में प्रकाशित किये जाएंगे.

विज्ञापन
Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola