Vivah Panchami 2022: विवाह पंचमी के दिन हुआ था भगवान राम और मां सीता का विवाह, जानें तिथि और शुभ मुहूर्त

Updated at : 17 Nov 2022 7:09 AM (IST)
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Vivah Panchami 2022: विवाह पंचमी के दिन हुआ था भगवान राम और मां सीता का विवाह, जानें तिथि और शुभ मुहूर्त

Vivah Panchami 2022 Puja Shubh Muhurat: मान्यता है कि विवाह पंचमी के दिन भगवान राम और मां सीता का विवाह हुआ था. ज्योतिष के अनुसार इस दिन राम और सीता का विधिवत पूजन करने से विवाह में आ रही अड़चनें दूर हो जाती हैं. जानें विवाह पंचमी 2022 कब है? पूजा विधि और शुभ मुहूर्त, उपाय नोट कर लें.

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Vivah Panchami 2022 Puja Muhurat, Shubh Muhurat:  साल 2022 में विवाह पंचमी 28 नवंबर, सोमवार को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान राम और सीता माता का विवाह हुआ था.

विवाह पंचमी 2022 शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की विवाह पंचमी 27 नवंबर 2022 को शाम 04 बजकर 25 मिनट से प्रारंभ हो रही है और 28 नवंबर को दोपहर 01 बजकर 35 मिनट पर समाप्त होगी. उदया तिथि के अनुसार, विवाह पंचमी इस साल 28 नवंबर को मनाई जाएगी.

विवाह पंचमी 2022 शुभ मुहूर्त और शुभ योग

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की विवाह पंचमी 27 नवंबर 2022 को शाम 04 बजकर 25 मिनट से प्रारंभ हो रही है और 28 नवंबर को दोपहर 01 बजकर 35 मिनट पर समाप्त होगी. उदया तिथि के अनुसार, विवाह पंचमी इस साल 28 नवंबर को मनाई जाएगी.

विवाह पंचमी 2022 पूजन विधि

विवाह पंचमी के दिन सुबह उठकर स्नान आदि से निवृत होकर श्रीराम विवाह का संकल्प लें. स्नान के बाद शुभ मुहूर्त में श्रीराम और माता सीता का विवाह करें. इसके पहले पूजा स्थान पर श्रीराम और माता सीता की प्रतिमा स्थापित करें. इसके बाद भगवान राम को पीले वस्त्र और माता सीता को लाल रंग के वस्त्र अर्पित करें. इसके बाद बालकांड में विवाह प्रसंग का पाठ करें. साथ ही साथ ओम् जानकीवल्लभाय नमः इस मंत्र का 108 बार जाप करें. इसके बाद माता सीता और श्रीराम का गठबंधन करें. फिर उनकी आरती करें. पूजन के बाद गांठ लगे वस्त्र को अपने पास सुरक्षित रख लें.

क्यों खास है विवाह पंचमी?

अगर विवाह होने में बाधा आ रही हो तो वो समस्या दूर हो जाती है. मनचाहे विवाह का वरदान भी मिलता है. वैवाहिक जीवन की समस्याओं का अंत भी हो जाता है. इस दिन भगवान राम और माता सीता की संयुक्त रूप से उपासना करने से विवाह होने में आ रही बाधाओं का नाश होता है. इस दिन बालकाण्ड में भगवान राम और सीता जी के विवाह प्रसंग का पाठ करना शुभ होता है. इस दिन सम्पूर्ण रामचरित-मानस का पाठ करने से भी पारिवारिक जीवन सुखमय होता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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