UPI से पेमेंट करनेवालों के लिए खुशखबरी, बढ़ गई ऑटोमैटिक पेमेंट की लिमिट

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 14 Dec 2023 7:32 AM

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upi autopay limit for automatic payment - अभी तक 15,000 रुपये के बाद के आवर्ती लेनदेन के लिए कार्ड, प्रीपेड भुगतान साधनों और यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) पर ई-निर्देश / स्थायी निर्देशों की प्रॉसेसिंग करते समय एडिशनल फैक्टर ऑफ ऑथेंटिकेशन (AFA) में छूट की मंजूरी है.

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Automatic Payment Limit Through UPI Raised to Rs 1 Lakh : अगर आप भी यूपीआई (UPI) से ऑटोमैटिक पेमेंट (Automatic Payment) करते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई , RBI) ने कुछ कैटेगरी के लिए यूपीआई के जरिये ऑटोमैटिक पेमेंट की लिमिट को 15,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रति ट्रांजैक्शन कर दिया है. भाषा की खबर के मुताबिक, म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) को भी इसके दायरे में शामिल किया गया है.

NPCI ने रेकरिंग पेमेंट के लिए UPI AUTOPAY की सुविधा दी हुई है. इस नयी सुविधा के साथ, ग्राहक अब मोबाइल बिल, बिजली बिल, ईएमआई भुगतान, मनोरंजन/ओटीटी सदस्यता, बीमा, म्यूचुअल फंड जैसे रेकरिंग पेमेंट के लिए किसी भी यूपीआई एप्लिकेशन का इस्तेमाल करके रेकरिंग ई-मैनडेट एनेबल कर सकते हैं.

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कुछ श्रेणियों के लिए यूपीआई (UPI) के जरिये ऑटोमेटेड पेमेंट की सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये प्रति ट्रांजैक्शन कर दिया है. इसके दायरे में म्यूचुअल फंड को भी शामिल किया गया है. अभी तक 15,000 रुपये के बाद के रेकरिंग ट्रांजैक्शंस के लिए कार्ड (Cards), प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पर ई-निर्देश / स्थायी निर्देशों की प्रॉसेसिंग करते समय एडिशनल फैक्टर ऑफ ऑथेंटिकेशन (AFA) में छूट की मंजूरी है.

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कुछ श्रेणियों के लिए यूपीआई के जरिये स्वचालित भुगतान की सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रति लेनदेन कर दिया. इसके दायरे में म्यूचुअल फंड को भी शामिल किया गया है.

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अभी तक 15,000 रुपये के बाद के आवर्ती लेनदेन के लिए कार्ड, प्रीपेड भुगतान साधनों और यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) पर ई-निर्देश/ स्थायी निर्देशों का निष्पादन करते समय प्रमाणीकरण के अतिरिक्त कारक (एएफए) में छूट की मंजूरी है.

आरबीआई ने आवर्ती लेनदेन के लिए ई-निर्देश के निष्पादन पर जारी एक परिपत्र में कहा, म्यूचुअल फंड की सदस्यता, बीमा प्रीमियम के भुगतान और क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान के लिए एक लेनदेन की सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 1,00,000 रुपये करने का निर्णय लिया गया है.

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने पिछले सप्ताह द्विमासिक मौद्रिक नीति की समीक्षा के दौरान यूपीआई से स्वचालित लेनदेन की सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपया करने का ऐलान किया था. नवंबर महीने में 11.23 अरब से अधिक लेनदेन के साथ यूपीआई आबादी के एक बड़े तबके के लिए डिजिटल भुगतान का पसंदीदा तरीका बनकर उभरा है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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