VIDEO: कैसा रहा झारखंड का बजट, बता रहे हैं अर्थशास्त्री हरिश्वर दयाल

केंद्र सरकार पर निर्भरता कम करके स्वावलंबी बनने की राह पर झारखंड सरकार अग्रसर है. कर्ज अदायगी के लिए सरकार ने सिंकिंग फंड बनाया है. कर्ज वैसे संस्थानों से लिये जा रहे हैं, जिनकी ब्याज दर कम है. एमएसएमई के विकास पर जोर दिया गया है.
Jharkhand Budget: झारखंड के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने वर्ष 2023-24 का बजट विधानसभा में पेश कर दिया. बजट में कौन-कौन सी घोषणाएं हुईं. हेमंत सोरेन सरकार के इस बजट से आम लोगों को क्या फायदा होने वाला है. इन सभी विषयों को आसान से समझा रहे हैं जाने-माने अर्थशास्त्री हरिश्वर दयाल. हरिश्वर दयाल की नजर में यह बेहद संतुलित बजट है. इसमें संसाधनों का और खर्च का पूरा-पूरा संतुलन बनाकर रखा गया है. केंद्र सरकार पर निर्भरता कम करके स्वावलंबी बनने की राह पर झारखंड सरकार अग्रसर है. कर्ज अदायगी के लिए सरकार ने सिंकिंग फंड बनाया है. कर्ज वैसे संस्थानों से लिये जा रहे हैं, जिनकी ब्याज दर कम है. एमएसएमई के विकास पर जोर दिया गया है. कृषि से इतर किसानों को रोजगार देने पर भी सरकार ने फोकस किया है. कर्ज को नियंत्रित किया गया है. पूंजीगत व्यय बढ़ाया जा रहा है, ताकि राज्य में आधारभूत संरचनाओं का विकास हो सके. सबसे अच्छी बात यह है कि झारखंड सरकार का टैक्स कलेक्शन बढ़ा है. इसलिए पहली बार बजट आकार में 15 फीसदी की वृद्धि हुई है. अमूमन बजट आकार में 10 फीसदी की वृद्धि हुआ करती थी.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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