ट्रेनिंग के नाम पर फर्जीवाड़ा: झारखंड में विद्यालय प्रबंधन समिति को ट्रेनिंग की खानापूर्ति, निकाले पैसे

Jharkhand News: प्रशिक्षण के नाम पर खानापूर्ति की गयी है. अधिकारियों की मिलीभगत से मार्च क्लोजिंग में धड़ल्ले से विद्यालयवार राशि निकाली जा रही है. बताया जा रहा है कि इन प्रखंडों के कई विद्यालयों ने अब तक फर्जी वाउचर लगाकर प्रति विद्यालय दो हजार रुपये प्रशिक्षण की राशि की निकासी कर ली है.
Jharkhand News: वित्तीय वर्ष 2021-22 में गढ़वा जिले के रमकंडा, भंडरिया व बड़गड़ प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों के अधिकतर विद्यालयों की विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) का प्रशिक्षण नहीं कराने का मामला सामने आया है. रमकंडा प्रखंड के कुछ एसएमसी को विद्यालय की बजाय सीआरसी स्तर पर, तो भंडरिया व बड़गड़ प्रखंड में कहीं-कहीं आधा दर्जन एसएमसी को एक साथ बुलाकर प्रशिक्षण की खानापूर्ति की गयी है. अधिकारियों की मिलीभगत से मार्च क्लोजिंग में धड़ल्ले से विद्यालयवार इसकी राशि निकाली जा रही है. बताया जा रहा है कि कथित रूप से इन प्रखंडों के कई विद्यालयों ने अब तक फर्जी वाउचर लगाकर प्रति विद्यालय दो हजार रुपये प्रशिक्षण की राशि की निकासी कर ली है.
प्रशिक्षण के नाम पर खानापूर्ति
जानकारी के अनुसार झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देश के आलोक में जिला शिक्षा अधीक्षक ने पत्रांक 23 के माध्यम से दिनांक 07.01.2022 को पत्र जारी कर वित्तीय वर्ष 2021-22 में गठित एसएमसी के सभी सदस्यों को विद्यालय स्तर पर प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रशिक्षण दिये जाने का निर्देश दिया था. इसके लिये प्रति विद्यालय एसएमसी मद में दो हजार रुपये राशि उपलब्ध कराया गया था, लेकिन निर्देश के आलोक में संकुल साधन सेवी (सीआरपी) ने प्रशिक्षण में अनियमितता बरती. प्रखंड स्तरीय अधिकारियों ने इसकी जांच किये बिना ही विभागीय रिपोर्ट में इसे प्रत्येक विद्यालयों में प्रशिक्षण कराया जाना दिखा दिया. ऐसे में भंडरिया प्रखंड के 73, बड़गड़ प्रखंड के 53 तथा रमकंडा प्रखंड के 67 सरकारी विद्यालयों की 16 सदस्यीय एसएमसी को विद्यालय स्तर पर प्रोजेक्टर के माध्यम से समग्र शिक्षा, आरटीई 2009, समिति का कार्य एवं उनका दायित्व सहित उनके कौशल एवं क्षमता को विकसित करने का बेहतर प्रशिक्षण नहीं मिल पाया.
केस स्टडी एक
प्रशिक्षण के लिये बुलाया, नाश्ता देकर भेज दिया
रमकंडा प्रखंड के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय गोरयाकरम के नवचयनित अध्यक्ष बीरबल परहिया ने बताया कि करीब एक माह पहले मध्य विद्यालय पटसर में प्रशिक्षण के लिये बुलाया गया था, लेकिन मशीन खराब होने की वजह से एसएमसी को दोबारा बुलाने की बात कहकर सिर्फ नाश्ता देकर भेज दिया गया, लेकिन प्रशिक्षण के लिये अब तक नहीं बुलाया गया.
केस स्टडी दो
एक ही जगह प्रशिक्षण के लिये बुलाया गया
इसी तरह नवप्राथमिक विद्यालय पिपरादामर के अध्यक्ष मो मोस्तकिम अंसारी ने बताया कि मध्य विद्यालय पटसर में ही इस क्षेत्र के सभी विद्यालयों से एक-दो लोगों को बुलाया गया था, लेकिन प्रशिक्षण दिये बिना विद्यालय में रंगरोगन का काम कराकर वाउचर जमा कर देने की बात कहकर वापस भेज दिया गया. इसी तरह नवप्राथमिक विद्यालय फगमरी के अध्यक्ष बहादुर भुइयां ने बताया कि प्रशिक्षण के लिये मध्य विद्यालय उदयपुर (सीआरसी केंद्र) में बुलाया गया. इसी तरह राजकीय प्राथमिक विद्यालय होमिया की उपाध्यक्ष प्रेमी किंडो ने बताया कि उन्हें मध्य विद्यालय दुर्जन में प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया था.
प्रशिक्षण कहीं भी दिया जा सकता है
इस संबंध में पूछे जाने पर रमकंडा प्रखंड के बीईईओ रहमत अली ने कहा कि अपनी सुविधा के अनुसार प्रशिक्षण कहीं भी सीआरसी स्तर पर दिया जा सकता है. हो सकता है विद्यालयों में प्रोजेक्टर चलाने में दिक्कत हुआ होगा, इसलिए सीआरसी स्तर पर बुलाकर प्रशिक्षण दिया गया होगा.
जानकारी लेकर मामले की जांच की जायेगी: बीईईओ
इस संबंध में पूछे जाने पर भंडरिया प्रखंड के बीईईओ जुनास टोप्पो ने कहा कि ट्रेनिंग हुई है या नहीं, उन्हें पता लगाना होगा. कहा कि अभी तक प्रशिक्षण की राशि की निकासी नहीं हुई है.
बीईईओ भी ठीक ही कह रहे हैं : डीएसई
इस संबंध में पूछे जाने पर डीएसई मयंक भूषण ने कहा कि बीईईओ से बात कर लीजिए. अगर बीईईओ द्वारा प्रशिक्षण कहीं भी कराये जाने की बात कही जा रही है, तो बीईईओ ठीक ही कह रहे हैं. वैसे वे इस मामले की जांच करेंगे.
रिपोर्ट: मुकेश तिवारी/संतोष वर्मा
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