ePaper

Sarva Pitru Amavasya 2022: कल है सर्व पितृ अमावस्या, बन रहा है ये शुभ योग

Updated at : 24 Sep 2022 7:31 AM (IST)
विज्ञापन
Sarva Pitru Amavasya 2022: कल है सर्व पितृ अमावस्या, बन रहा है ये शुभ योग

Sarva Pitru Amavasya 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार सर्वार्थ सिद्धि योग बहुत ही महत्वपूर्ण है. इस योग में जो भी काम किया जाता है वह सफल होता है और उसका परिणाम भी उत्तम निकल कर आता है. 25 सितंबर, रविवार के दिन उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के कारण सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है.

विज्ञापन

Sarva Pitru Amavasya 2022: हिंदू कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद पूर्णिमा तिथि से लेकर आश्विन माह की अमावस्या तिथि तक का समय पितरों के लिए समर्पित होता है. आश्विन मास की अमावस्या को पितृ पक्ष का समापन होता है. जिसे सर्व पितृ अमावस्या (Sarva Pitru Amavasya) कहा जाता है. 25 सितंबर को सर्व पितृ अमावस्या है.

सर्वपितृ अमावस्या तिथि 2022

सर्वपितृ अमावस्या तिथि- 25 सितंबर, रविवार
अमावस्या तिथि का आरंभ- 25 सितंबर को सुबह 03 बजकर 12 मिनट पर
अमावस्या तिथि का समापन- 26 सितंबर को सुबह 03 बजकर 23 मिनट तक

इस तरह बन रहा है सर्वार्थ सिद्धि योग

हिंदू पंचांग के अनुसार सर्वार्थ सिद्धि योग बहुत ही महत्वपूर्ण है. इस योग में जो भी काम किया जाता है वह सफल होता है और उसका परिणाम भी उत्तम निकल कर आता है. 25 सितंबर, रविवार के दिन उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के कारण सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र सभी नक्षत्रों में श्रेष्ठ माना गया है. साथ ही इस दिन बुधादित्य योग और त्रिकोण योग का भी दुर्लभ संयोग बन रहा है.

सर्वपितृ अमावस्या पर करें ये उपाय

25 सितंबर 2022 को सर्वपितृ अमावस्या के दिन प्रातः 8 से 11 बजे के दौरान एक सूखे नारियल में एक सुराख करके उसमें चीनी, चावल, आटा बराबर मात्रा में मिक्स करके भरें तथा पीपल के वृक्ष के पास गढ़ा खोदकर उसमें इस प्रकार दबायें कि ऊपर से सुराख वाला हिस्सा ही नजर आये ताकि कोई बड़ा जानवर उस नारियल को न निकाल पाए.

यह उपाय करने से बहुत सारे कीड़े-मकौड़े इस भंडारे को ग्रहण करेंगे और पीपल वृक्ष को अर्पण करके ही यह कार्य करें क्योंकि श्री कृष्ण जी ने स्वयं कहा है कि – वृक्षों में पीपल का वृक्ष मैं ही हूं. सभी प्रकार के अर्पण श्री विष्णु जी को ही प्राप्त होते हैं और जिस आत्मा के निमित्त वह कर्म किया जाता है, उस आत्मा तक वह पुण्य पहुंचाना श्री विष्णु जी के ही अधीन होता है इसीलिए ही यह उपाय पीपल वृक्ष के नीचे किया जाए तो बहुगुणा प्रभाव बनाता है.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola