संक्रांति क्या होता है, मकर संक्रांति क्यों है इतना खास, जानें इसकी खासियत और महत्व

Makar Sankranti 2024 Date: संक्रांति उस समय को कहा जब-जब सूर्य राशि परिवर्तन करते है. संक्रांति साल में 12 बार आती है, लेकिन मकर संक्रांति का विशेष महत्व है.
Makar Sankranti 2024 Date: मकर संक्रांति हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार माना जाता है. मकर संक्रांति उस दिन मनाया जाता है, जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, इसी पल को मकर संक्रांति कहा जाता है. संक्रांति उस समय को कहा जब-जब सूर्य राशि परिवर्तन करते है. संक्रांति साल में 12 बार आती है, लेकिन मकर संक्रांति का विशेष महत्व है. सूर्य के मकर राशि में प्रवेश को मकर संक्रांति कहते हैं और इसी दिन से सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं. आइए जानते है कि मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाई या 15 जनवरी को …
मकर संक्रांति का पर्व इस साल 15 जनवरी को मनाया जाएगा. क्योंकि ग्रहों के राजा सूर्य 14 जनवरी 2024 की अर्धरात्रि 02 बजकर 42 मिनट पर मकर राशि में गोचर करेंगे. वहीं उदया तिथि 15 जनवरी को प्राप्त हो रही है, इसलिए मकर संक्रांति 15 जनवरी 2024 को है. मकर संक्रांति के साथ ही एक माह का खरमास भी इसी दिन से समाप्त हो जाएगा.
मकर संक्रान्ति के दिन ही गंगा जी भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जा मिली थीं, इस दिन यशोदा ने श्रीकृष्ण को प्राप्त करने के लिये व्रत किया था. इस दिन गंगासागर में स्नान-दान के लिए लाखों लोगों की भीड़ होती है. लोग कष्ट उठाकर गंगा सागर की यात्रा करते हैं.
ज्योतिषाचार्य के अनुसार शनि मकर राशि का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं. पिता और पुत्र के आपसी मतभेद को दूर करने और अच्छा संबंध स्थापित करने के लिए सूर्य इस दिन शनि देव की राशि मकर में प्रवेश करते हैं, इस संक्रांति को मकर संक्रांति के नाम से मनाया जाता है.
मकर संक्रांति के दिन स्नान दान का विशेष महत्व है. इस दिन सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करते है. मकर संक्रांति के दिन स्वर्ग का दरवाजा खुल जाता है, इस दिन गंगासागर में स्न्नान करने का बहुत महत्व है. मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य की पूजा की जाती है.
Also Read: साल 2024 में कब मनाई जायगी मकर संक्रांति, जानें इस दिन खिचड़ी खाने और स्नान दान करने का महत्व
मकर संक्रांति पर सूर्य देव के रथ से ये खर निकल जाते हैं और फिर सातों घोड़े सूर्य देव के रथ में जुड़ जाते हैं, इससे सूर्य देव का वेग और प्रभाव बढ़ जाता है, इसलिए इस दिन से शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं और मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Radheshyam Kushwaha
पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




