ePaper

धनबाद : छह माह भी नहीं टिक पायी डीएमएफटी से बनी 2.61 करोड़ की सड़क

Updated at : 19 Jan 2024 7:06 AM (IST)
विज्ञापन
धनबाद : छह माह भी नहीं टिक पायी डीएमएफटी से बनी 2.61 करोड़ की सड़क

सड़क के निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर तिलैया पंचायत के मुखिया व पंचायत समिति सदस्य ने जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों से शिकायत की थी. पत्र लिख कर कहा था कि सड़क निर्माण कार्य में गड़बड़ी हुई है.

विज्ञापन

धनबाद : जिला खनिज विकास निधि (डीएमएफटी) की राशि से ग्रामीण कार्य विभाग (आरडब्लूडी) द्वारा बनायी गयी 2.61 करोड़ की सड़क छह माह भी नहीं टिक पायी. ब्लैक टॉप सड़कें कई जगह उखड़ गयी हैं. जगह-जगह गड्ढे हो गये हैं. वहीं इस सड़क के प्राक्कलन का हिस्सा रहे कई ब्रांच पथ में मिट्टी मोरम डाल कर छोड़ दिया गया है. हद यह है कि मुखिया, पंचायत सहित कई वार्ड सदस्यों के लिखित विरोध के बावजूद विभाग ने संवेदक की राशि भुगतान की संचिका मंजूर कर दी. हालांकि, विभाग का दावा है कि अभी तक राशि का भुगतान नहीं हुआ है.

संवेदक ने कागज पर पूर्ण दिखायी सड़क, विभाग ने भी मान लिया

धनबाद जिले के गोविंदपुर प्रखंड स्थित तिलैया पंचायत के डोमनपुर-मनियाडीह मुख्य पथ पर गोरगा चौक से राजगंज एनएच टू चाली बंगला तक आरडब्लूडी द्वारा एक सड़क का निर्माण कराया गया है. इस सड़क की लंबाई 4.80 किलोमीटर है. प्राक्कलन के अनुसार इस पर एक पुलिया भी बनाना था. इस सड़क का 3.4 किलोमीटर हिस्सा ब्लैक टॉप व एक किलोमीटर पीसीसी होना था. इसके लिए दो करोड़ 61 लाख 20 हजार रुपये की स्वीकृति है. यह राशि डीएमएफटी मद से विभाग को दो गयी है. हालात यह है कि इस सड़क का निर्माण संवेदक ने कागज पर पूर्ण दिखा दिया है और विभाग ने भी इसे मान लिया है, जबकि धरातल पर सड़क की स्थिति बेहद खराब है. कई जगह ब्लैक टॉप सड़क टूट गयी है या गिट्टी उखड़ गयी है. यही हाल पीसीसी का है. इस सड़क के बगल के कुछ गांवों को भी ब्लैक टॉप सड़क से जोड़ने की योजना थी, लेकिन दो-तीन गांवों तक जाने वाली सड़कों पर मिट्टी-मोरम डाल कर छोड़ दिया गया है.

मुखिया, पंसस ने की थी लिखित शिकायत, पर नहीं हुई कार्रवाई

इस सड़क के निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर तिलैया पंचायत के मुखिया व पंचायत समिति सदस्य ने जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों से शिकायत की थी. पत्र लिख कर कहा था कि सड़क निर्माण कार्य में गड़बड़ी हुई है. सड़क में गड्ढे हो गये हैं. पीसीसी भी गड़बड़ी है. कई स्थानों पर काम भी अधूरा है, पर कुछ नहीं हुआ.

ग्रामीणों ने तोड़ दी शिलापट्ट

सड़क निर्माण कार्य में गड़बड़ी से नाराज ग्रामीणों ने प्रारंभिक स्थान पर लगे शिलापट्ट को तोड़ दिया है. उस स्थान को भी समतल कर दिया है. विभाग ने भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है.

दबाव में राशि भुगतान की तैयारी

सूत्रों के अनुसार काम की गुणवत्ता को लेकर पंचायत सरकार के विरोध के बावजूद ग्रामीण कार्य विभाग ने राशि भुगतान की संचिका तैयार कर दी है. अंतिम बिल भुगतान के लिए एक करोड़ रुपये विमुक्त भी कर दिये गये हैं. सूत्रों ने बताया कि धनबाद जिले के एक जनप्रतिनिधि के दबाव में विभाग ने संवेदक के काम को फाइनल कर दिया है. उनके दबाव पर ही डीएमएफटी से योजना भी स्वीकृत हुई थी.

सड़क निर्माण में गड़बड़ी हुई है : कार्यपालक अभियंता

गोरगा पथ में गड़बड़ी की शिकायत मिली है. विभाग द्वारा अभी फाइनल राशि का भुगतान नहीं किया गया है. पूरे पथ की जांच होगी. गड़बड़ी पाये जाने पर राशि भी कटेगी. सड़क का निर्माण कार्य भी पूर्ण कराया जायेगा.

मनोज कुमार, कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग

कहते हैं मुखिया

डीएमएफटी मद से ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा कराये गये सड़क निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती गयी है. काम ठीक नहीं हुआ है. राशि की लूट हुई है.

सुधीर प्रसाद महतो, मुखिया, तिलैया.

ग्रामीण कार्य विभाग में योजना का क्रियान्वयन करने वाले संवेदक को तीन वर्षों तक सड़क का मेंटेनेंस करना पड़ता है. यहां तो एक वर्ष भी सड़क नहीं टिकी. डीसी, डीडीसी सहित विभाग के अधिकारियों से लिखित शिकायत की गयी है, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.

महेंद्र मुर्मू, पंसस

Also Read: धनबाद : ठंड का सितम, पश्चिमी विक्षोभ का असर, 21 जनवरी तक ऐसा ही रहेगा मौसम, फ्लाइट रद्द, ट्रेनें लेट

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola