कोरोना से बचाव : राज्यकर्मियों की शाम चार बजे ही हो जायेगी छुट्टी

Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 19 Mar 2020 3:20 AM

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कोरोना वायरस के बढ़े खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के काम के समय को घटाने का फैसला लिया है.

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कोलकाता : कोरोना वायरस के बढ़े खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के काम के समय को घटाने का फैसला लिया है. अब सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी का समय शाम पांच बजे के बदले शाम चार बजे कर दिया गया है. राज्य सचिवालय, नबान्न में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की. जिन दफ्तरों में शिफ्ट में काम होता है वहां यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि एकसाथ अधिक कर्मचारियों की मौजूदगी न हो.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारी भीड़भाड़ से बचकर काम के बाद घर लौट सकें इसके लिए ही छुट्टी के समय में बदलाव किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि कोई सरकारी कर्मचारी अगर अस्वस्थ अनुभव करता है तो वह छुट्टी के लिए आवेदन करे. छुट्टी को लेकर कोई समस्या नहीं होगी. छुट्टी का आवेदन ऑनलाइन भी किया जा सकेगा.

क्या है जल्द छुट्टी की अधिसूचना में

कोलकाता. राज्यकर्मियों की जल्द छुट्टी के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गयी है. वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों, फेरी घाट आदि में भीड़भाड़ से बचने के लिए यह अधिसूचित किया जाता है कि 19 मार्च से आपातकालीन परिसेवा वाले विभागों के कर्मचारियों तथा वह कर्मचारी जिनकी सेवा की उच्च प्राधिकरण की जरूरत हो, को छोड़कर शाम चार बजे कर्मचारियों को कार्यालय से चले जाने की इजाजत होगी. यह शहरी व स्थानीय निकायों, शैक्षणिक संस्थानों, बोर्ड, निगम व उपक्रम तथा राज्य सरकार के तहत आने वाले सभी संस्थानों के कर्मचारियों के लिए लागू होगा. यह व्यवस्था 31 मार्च तक लागू रहेगी.

कोरोना संक्रमित मरीज के माता-पिता व ड्राइवर की जांच निगेटिव आयी

इधर, बुधवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कॉलरा एंड एंट्रिक डिजीजेज की ओर से जारी रिपोर्ट में कोरोना संक्रमित युवक के माता-पिता, ड्राइवर और नौकरानी की जांच निगेटिव आयी है. वे फिलहाल आइसोलेशन वार्ड में हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि इस रिपोर्ट को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे और एसएसकेएम में भेजी जायेगी.

ये हस्तियां भी हैं आइसोलेशन में

तृणमूल सांसद एवं अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती, तृणमूल सांसद सुखेंदू शेखर राय और बांग्ला फिल्मों के अभिनेता जीत.

गृह सचिव की पत्नी सोनाली चक्रवर्ती कलकत्ता विश्वविद्यालय की कुलपति हैं

कोलकाता. राज्य के गृह सचिव आलापन बंद्योपाध्याय अपनी पत्नी सोनाली चक्रवर्ती के साथ होम आइसोलेशन में चले गये हैं. सूत्रों से इसकी जानकारी मिली है. न केवल गृह सचिव बल्कि कई अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी फिलहाल होम आइसोलेशन में रहने के लिए कहा गया है. उल्लेखनीय है कि राज्य में मिले कोरोना के एकमात्र मरीज की मां, राज्य की विशेष गृह सचिव हैं. मंगलवार को वह राज्य सचिवालय नबान्न गयी थीं.

वहां उन्होंने गृह सचिव आलापन बंद्योपाध्याय से काफी देर तक बात की थी. लिहाजा सतर्कता अपनाते हुए श्री बंद्योपाध्याय को गृह आइसोलेशन में रहने के लिए कहा गया है. श्री बंद्योपाध्याय की पत्नी सोनाली चक्रवर्ती, कलकत्ता विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर हैं. वह भी होम आइसोलेशन में चली गयी हैं. उल्लेखनीय है कि विकास भवन में मंगलवार को एक बैठक हुई थी. बैठक में सोनाली चक्रवर्ती व अन्य विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर के अलावा राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी भी मौजूद थे.

अब ऐसे में आशंका व्यक्त की जा रही है कोरोना का खतरा कहीं अधिक न फैल जाये. विकास भवन में शिक्षा विभाग के दफ्तर हैं. आलापन बंद्योपाध्याय के अलावा उन सभी अधिकारियों को गृह आइसोलेशन में जाने के लिए कहा गया है जो कोरोना पीड़ित युवक की मां, विशेष गृह सचिव के संपर्क में आये थे. प्राप्त जानकारी के मुताबिक श्री बंद्योपाध्याय व अन्य अधिकारी जो आइसोलेशन में गये हैं वह फिलहाल टेस्ट नहीं करा रहे, केवल वह आमलोगों के संपर्क में न आने के लिए सावधानी बरतते हुए होम आइसोलेशन में गये हैं.

नियम सभी के लिए समान हो : सीएम

राज्य में पाये गये पहले कोरोना मरीज व उसके परिवार के लोगों के गैरजिम्मेदाराना रवैये की भी मुख्यमंत्री ने निंदा की. उन्होंने कहा कि विदेश से आने के बाद कम से कम 14 से 25 दिनों तक घर में पृथक रहना चाहिए. ऐसा नहीं होना चाहिए कि कोई प्रभावशाली है तो उसे जांच की जरूरत नहीं.

नियम सभी के लिए एक होना चाहिए. ऐसा नहीं होना चाहिए कि विदेश से आने के बाद इधर-उधर घूमने निकल गये जिससे और लोगों में यह बीमारी फैल जाये. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कई लोग कह रहे हैं कि बंगाल में कोरोना का यह पहला मामला पकड़ में आया है. यह गलत है. यह बीमारी यूके से भारत में लायी गयी. यह भी सोचने की बात है कि आखिर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किस तरह की चेकिंग की गयी. मुख्यमंत्री ने बीमारी को लेकर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की बात कही.

हावड़ा: 50 रुपये का प्लेटफॉर्म टिकट

हावड़ा. बुधवार को दक्षिण पूर्व रेलवे ने अपने क्षेत्राधिकार में पड़ने वाले 25 स्टेशनों के प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत बढ़ाने का फैसला किया है. टिकटों की कीमत 10 से बढ़ाकर 20 से 50 रुपये तक कर दी गयी है. इसमें सबसे ज्यादा कीमत हावड़ा स्टेशन के न्यू कॉम्प्लेक्स की बढ़ायी गयी है. यह फैसला 19 मार्च से लागू हो जायेगा. हावड़ा स्टेशन (न्यू कॉम्प्लेक्स) के प्लेटफॉर्म टिकट का दाम 50 रुपये करने की घोषणा की गयी है. इसके साथ ही पांसकुड़ा, बागनान, मिदनापुर, झाड़ग्राम, चक्रधरपुर, आद्रा, बांकुड़ा, विष्णुपुर, पुरुलिया, दीघा, जलेश्वर और घाटशिला स्टेशनों के प्लेटफॉर्म टिकटों की कीमत 10 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये की गयी है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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