आज इस शुभ मुहूर्त में होगी रामलला की प्राण प्रतिष्ठा, पांच हजार किलो सामग्री से तैयार हुआ महाप्रसाद
आज प्राण प्रतिष्ठा के लिए न्यूनतम विधि-अनुष्ठान रखे गये हैं. श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, प्राण प्रतिष्ठा समारोह में प्रातः 10 बजे से 'मंगल ध्वनि' का भव्य वादन होगा.
Ram Mandir Pran Pratishtha: आज वह शुभ घड़ी आ गयी है, जिसका इंतजार लाखों-करोड़ों रामभक्तों को वर्षों से था. प्रभु राम के बाल स्वरूप की झलक हम सबके सामने आ चुकी है. आज रामलला अपने भवन में विराजेंगे. जन-जन के आराध्य रामलला कीप्राण प्रतिष्ठा के इस ऐतिहासिक पल के लिए श्रद्धालु पलके बिछा कर बैठे हैं. आइए जानते है प्राण प्रतिष्ठा की शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
प्राण प्रतिष्ठा की विधि आज दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगी. मुख्य पूजा अभिजीत मुहूर्त 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकेंड से 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकेंड तक होगी. कार्यक्रम पौष मास के द्वादशी तिथि को अभिजीत मुहूर्त, इंद्र योग, मृगशिरा नक्षत्र, मेष लग्न एवं वृश्चिक नवांश में होगा. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए शुभ मुहूर्त 84 सेकेंड रहेगा.
श्रीराम जन्भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मार्गदर्शन में गुजरात की भगवा सेना भारती गरवी गुजरात व संत सेवा संस्थान की ओर से महाप्रसाद तैयार किया गया है, जिसे प्राण प्रतिष्ठा कार्यकम के बाद मेहमानों को वितरित किया जायेगा. संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमल भाई रावल ने बताया कि ट्रस्ट की ओर से उन्हें तीन दायित्व सौंपे गये हैं. इसके तहत उन्हें महाप्रसाद तैयार करने के साथ संतों के ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था का दायित्व सौंपा गया है. इस पैकेट में दो लड्डू, सरयू नदी का जल, अक्षत, सुपारी की थैली और कलावा होगा. महाप्रसाद को सनातनी परंपरा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.
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राम लला की मूर्ति को विभिन्न तीर्थ स्थलों से लाये गये ‘औषधियुक्त’ और पवित्र जल से भरे 114 घड़ों से स्नान कराया गया. मूर्ति को ‘मध्याधिवास’ और ‘रात्रि जागरण अधिवास’ में रखा गया. पुरानी मूर्ति की पूजा ‘यज्ञशाला’ में हुई. फूलों से अनुष्ठान किया गया.
प्राण प्रतिष्ठा समारोह पूर्ण होने के उपरांत ‘राम ज्योति’ प्रज्ज्वलित कर दीपावली मनायी जायेगी. शाम को अयोध्या 10 लाख दीपों से जगमगायेगी. इसके साथ ही मकानों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और पौराणिक स्थलों पर ‘राम ज्योति’ प्रज्ज्वलित की जायेगी. अयोध्या में सरयू नदी के तटों की मिट्टी से बने दीपों से रोशन होगी. रामलला के मंदिर, कनक भवन, हनुमानगढ़ी, गुप्तारघाट, सरयूतट, लता मंगेशकर चौक, मणिराम दास छावनी समेत 100 मंदिरों, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप जलाएं जायेंगे.
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By Radheshyam Kushwaha
राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.
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