द्रौपदी मुर्मू एक सुलझी हुई महिला हैं, आदिवासी हित के लिए काम करती हैं : महुआ माजी

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महुआ माजी

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महुआ माजी ने कहा कि द्रौपदी मुर्मू झारखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं और मैंने कई बार उनके साथ मंच साझा किया है. वे बेहद ही सहज और सरल महिला हैं. साथ ही वे आदिवासी हित को लेकर काम करती हैं.

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झारखंड से राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने प्रभात खबर के साथ विशेष बातचीत में कहा कि हमारी पार्टी ने राष्ट्रपति चुनाव में पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में मतदान करने का फैसला किया है. चूंकि हमारी सरकार गठबंधन की है, इसलिए हमने द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में मतदान करने का फैसला थोड़ी देर से लिया था, लेकिन फैसला हो चुका है और पार्टी गुरुजी के आदेश का पालन करेगी. दिल्ली रवाना होने से पहले महुआ माजी ने प्रभात खबर से बातचीत की.

झारखंड की राज्यपाल रह चुकीं हैं द्रौपदी मुर्मू

महुआ माजी ने कहा कि द्रौपदी मुर्मू झारखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं और मैंने कई बार उनके साथ मंच साझा किया है. वे बेहद ही सहज और सरल महिला हैं. साथ ही वे आदिवासी हित को लेकर काम करती हैं. उन्होंने समाज के हर वर्ग के लोगों के प्रति अपनी संवेदना जतायी है और उनकी इन खूबियों की वजह से ही पार्टी उनके साथ खड़ी है.

द्रौपदी मुर्मू एक सुलझी हुई महिला

महुआ माजी ने कहा द्रौपदी मुर्मू जब राज्यपाल थीं, उस वक्त मैं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष थी. इसलिए मैंने महिलाओं से जुड़े कई मुद्दों पर उनसे बातचीत की थी. वे बहुत ही सुलझी हुई महिला हैं. उम्मीद है वे चुनाव जीतेंगी, हमारी शुभकामनाएं उनके साथ हैं.

झारखंड के मुद्दों को संसद में उठायेंगी

संसद के मानसून सत्र को लेकर बात करते हुए महुआ माजी ने कहा कि सदस्य चुने जाने के बाद मैं पहली बार संसद के सत्र में शामिल हो रही हूं. मुझे उम्मीद है कि मैं झारखंड के मुद्दों को संसद में उठा पाऊंगी, ताकि पूरा देश उनसे परिचित हो. इसके लिए मुझे राज्यवासियों के सहयोग और शुभकामनाओं की जरूरत है.

महुआ माजी ने लिया शपथ

महुआ माजी ने आज राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली. उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम, कपिल सिब्बल, प्रफुल्ल पटेल और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह सहित 28 नवनिर्वाचित सदस्यों ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण किया. आज सुबह सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने नवनिर्वाचित सदस्यों को पद की शपथ दिलायी. शपथ लेने वालों में 11 राज्यों के सदस्य और एक मनोनीत सदस्य शामिल थे.

हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगू, तमिल, ओड़िया, मराठी और पंजाबी भाषा में शपथ

आज शपथ लेने वालों सदस्यों ने हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगू, तमिल, ओड़िया, मराठी और पंजाबी भाषा में शपथ ग्रहण किया. सबसे पहले आंध्र प्रदेश की सत्ताधारी युवाजना श्रामिका रैतु कांग्रेस पार्टी (वाईएसआर कांग्रेस) के मस्तान राव बीडा ने अंग्रेजी में शपथ ग्रहण किया. इसके बाद वाईएसआर कांग्रेस के ही विजय साई रेड्डी ने तेलुगू में शपथ ली. बिहार से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के फैयाज अहमद और मीसा भारती, जनता दल (यूनाइटेड) के खीरू महतो और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शंभु शरण पटेल ने शपथ ग्रहण किया. छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के सदस्य के रूप में कांग्रेस के रंजीत रंजन और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ल ने शपथ ली.

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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