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ओडिशा के किसान कर रहे आत्महत्या, नवीन पटनायक सरकार की नहीं खुल रही नींद, बोले महेश्वर साहू

Updated at : 25 Nov 2023 7:53 PM (IST)
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ओडिशा के किसान कर रहे आत्महत्या, नवीन पटनायक सरकार की नहीं खुल रही नींद, बोले महेश्वर साहू

ओडिशा के जाजपुर जिले के धर्मशाला, नयागढ़ जिले के रणपुर और बलांगीर जिले के लुइसिंगा अंचल के तीन किसान बारिश की कमी के कारण धान की फसल के नुकसान के कारण आत्महत्या करने के लिए मजबूर हुए हैं.

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश किसान मोर्चा के अध्यक्ष महेश्वर साहू ने राज्य सरकार से धान मंडी को तुरंत खोलने और मंडियों में कटाई पर रोक लगाने का आह्वान किया है. वे शनिवार को भाजपा जिला कार्यालय में मीडिया कर्मियों से मुखातिब थे. उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से देश के किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कई किसान कल्याण योजनाएं शुरू की गयी है. इन योजनाओं से जहां सभी राज्यों को फायदा हो रहा है, वहीं ओडिशा के किसानों को नुकसान हो रहा है, क्योंकि राज्य की सत्ता 23 साल से भी ज्यादा समय से एक अक्षम सरकार के हाथों में है. जिससे राज्य के किसान जहां आत्महत्या करने पर मजबूर हैं. वहीं राज्य सरकार की कुंभकर्णी नींद खुल नहीं रही है. यह सरकार व्यापक भ्रष्टाचार में डूबी हुई है. प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राज्य के किसानों की आय दोगुनी करने के लिए लागू की गयी. कल्याणकारी योजना को सत्ताधारी दल, राजनेता, नेता, मंत्री और विधायकों द्वारा बाधित किया जा रहा है, ताकि वास्तविक लाभार्थियों को इसका सफल कार्यान्वयन नहीं मिल सके. राज्य सतर्कता विभाग ने रिपोर्ट दी है कि बालेश्वर रेमुना बीजद विधायक ने अनाज खरीद मशीन के जरिये अपनी कंपनी से करोड़ों रुपये का गबन किया है. लेकिन दुर्भाग्य है कि प्रदेश की यह निकम्मी सरकार उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है.

  • राउरकेला दौरे पर भाजपा प्रदेश किसान मोर्चा के अध्यक्ष महेश्वर साहू ने राज्य सरकार पर साधा निशाना

  • ओडिशा सरकार पर लगाया केंद्र की किसान कल्याण योजनाओं को लागू नहीं करने का आरोप

  • राज्य में धान मंडी खुलने में विलंब पर जताया रोष, तुरंत मंडी खोलने की रखी मांग

ओडिशा के सभी प्रखंडों में कोल्ड स्टोरेज का वादा अधूरा

इसके अलावा साहू ने कृषि एवं सहकारिता मंत्री के विधानसभा क्षेत्र आठगढ में धांधली होने का आरोप लगाया. राज्य की नवीन पटनायक सरकार के शासनकाल में जब कृषि योग्य भूमि पर सिंचाई की व्यवस्था नहीं हो पायी, तो कोल्ड स्टोरेज की बात न ही की जाये तो बेहतर है. राज्य सरकार ने सभी प्रखंडों में कोल्ड स्टोरेज बनाने की घोषणा की थी, लेकिन वह आज महज घोषणा बन कर रह गयी है. राज्य में 112 कोल्ड स्टोरेज में से केवल 8 चालू हैं. इस सरकार के किसान विरोधी रवैये और भ्रष्टाचार के कारण किसान परेशान होकर आत्महत्या कर रहे हैं.

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धान मंडियों में बंद हो मिलर्स की दादागिरी

इस नवंबर में, जाजपुर जिले के धर्मशाला, नयागढ़ जिले के रणपुर और बलांगीर जिले के लुइसिंगा अंचल के तीन किसान बारिश की कमी के कारण धान की फसल के नुकसान के कारण आत्महत्या करने के लिए मजबूर हुए हैं. उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री एवं स्थानीय जन प्रतिनिधियों से राज्य की सभी धान मंडियों को खोलने की अपील की है. राज्य की धान मंडियों में धान की कंटनी-छंटनी को हमेशा के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया जाए और धान मंडियों में मिलर्स की दादागिरी बंद करें. भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष महेश्वर साहू के साथ प्रदेश प्रवक्ता धीरेन सेनापति, पानपोस संगठन की जिला अध्यक्ष लतिका पटनायक, किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष हलपानी माझी, प्रदेश सचिव विक्रम केशरी रौतराई, जिला किसान मोर्चा के अध्यक्ष शुकदेव प्रधान उपस्थित थे.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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