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ओडिशा : झारसुगुड़ा में बीजद की दीपाली दास ने भाजपा के टंकाधर त्रिपाठी को हराया, कांग्रेस की जमानत जब्त

Updated at : 13 May 2023 3:29 PM (IST)
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ओडिशा : झारसुगुड़ा में बीजद की दीपाली दास ने भाजपा के टंकाधर त्रिपाठी को हराया, कांग्रेस की जमानत जब्त

बीजद की दीपाली दास को सबसे ज्यादा 1,07,198 वोट मिले, जबकि भाजपा के टंकाधर त्रिपाठी को 58,477 वोट प्राप्त हुए. कांग्रेस के तरुण पांडेय को 4,496 वोट मिले और वह अपनी जमानत भी नहीं बचा पाये.

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ओडिशा में झारसुगुड़ा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के परिणाम आ गये हैं. यहां बीजू जनता दल की दीपाली दास ने एकतरफा जीत हासिल की है. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टंकाधर त्रिपाठी को बड़े मतों के अंतर से पराजित कर दिया. दीपाली दास को करीब 61 फीसदी मत प्राप्त हुए, जबकि भाजपा उम्मीदवार श्री त्रिपाठी को 33 फीसदी से अधिक वोट मिले. उपचुनाव में 9 उम्मीदवार मैदान में थे. केंद्रीय निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर ओडिशा उपचुनाव के रिजल्ट की घोषणा कर दी गयी है. दीपाली को 48721 वोटों से विजयी घोषित किया गया. मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने दीपाली को जीत पर बधाई दी है.

बीजद की दीपाली दास को मिले 1,07,198 वोट

बीजद की दीपाली दास को सबसे ज्यादा 1,07,198 वोट मिले, जबकि भाजपा के टंकाधर त्रिपाठी को 58,477 वोट प्राप्त हुए. कांग्रेस के तरुण पांडेय को 4,496 वोट मिले और वह अपनी जमानत भी नहीं बचा पाये. ओडिशा प्रगति दल, ओडिशा जनता पार्टी, कलिंग सेना, निर्दलीय उम्मीदवार बिजय कुमार जालान, महेंद्र लुहा और ज्ञानेंद्र बेहेरा की भी जमानत जब्त हो गयी. इन्हें क्रमश: 717, 286, 428, 454, 830 और 972 वोट मिले. 2,074 लोगों ने नोटा का बटन दबाया.

2,21,719 वोटर हैं झारसुगुड़ा विधानसभा क्षेत्र में

झारसुगुड़ा उपचुनाव में सभी उम्मीदवारों व दलों ने साम, दाम, दंड, भेद का उपयोग करते हुए कड़ी मेहनत की थी. गली-मुहल्लों में कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर हर हाल में वोटर को मतदान केंद्र तक ले जाने की व्यवस्था की थी. इस बार कुल 2,21,719 वोटर थे. इनमें से 1,75,932 वोट की गिनती हुई. यानी चुनाव में इतने लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था.

शहर में हुआ था कम मतदान

उपचुनाव में शहरी अंचल में कम मतदान से वोटिंग प्रतिशत पर असर पड़ा था. शहरी अंचल में 68.62 फीसदी लोगों ने मतदान किया, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अपने घर से 2 से 5 किलोमीटर दूर स्थित मतदान केंद्र तक पहुंचे. 43 से 44 डिग्री सेंटीग्रेड की प्रचंड गर्मी की परवाह न करते हुए ग्रामीण वोटर्स ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

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सबसे ज्यादा 320 पोस्टल वोट दीपाली दास को

झारसुगुड़ा स्थित इंजीनियरिंग स्कूल में सुबह 8:30 बजे से ही वोटों की गिनती शुरू हो गयी थी. सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की गयी. कुल 320 पोस्टल बैलेट में सबसे ज्यादा 195 पोस्टल वोट बीजद की दीपाली दास को मिले. 93 पोस्टल वोट भाजपा के टंकाधर त्रिपाठी के हिस्से आये. कांग्रेस के तरुण पांडेय, ओडिशा प्रगति दल प्रत्याशी जन्मा रोहिदास, ओडिशा जनता पार्टी के मनीष शर्मा, कलिंग सेना के महिंद्र पटनाक, निर्दलीय महेंद्र लुहा को क्रमश: 1, 2, 3 और 2 पोस्टल वोट मिले. एक सरकारी कर्मचारी ने नोटा (NOTA) का भी बटन दबाया.

कौन हैं दीपाली दास

दीपाली ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री नब किशोर दास की बेटी हैं, जिनकी जनवरी में एक पुलिस अधिकारी द्वारा कथित तौर पर हत्या कर देने से इस सीट पर उपचुनाव कराना जरूरी हो गया था. नब किशोर दास ने वर्ष 2019 के आम चुनावों में यह सीट 45,740 मतों के अंतर से जीती थी. उनकी बेटी ने उनसे भी बड़े अंतर से जीत दर्ज की है. पिछले दिनों नब किशोर दास को एक पुलिस वाले ने गोली मार दी थी. उन्हें एयरलिफ्ट कर भुवनेश्वर ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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