झारखंड में अब हर दिन आनेवाले सैंपलों की होगी जांच, नहीं रखा जाएगा बैकलॉग, पढ़ें झारखंड की टॉप 5 खबरें ...

Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 11 Jun 2020 4:41 AM

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कोरोना जांच के लिए रखे गये सारे सैंपलों की जांच स्वास्थ्य विभाग ने मुहिम के तौर पर लिया और सारे सैंपल की जांच करा दी. अब सरकार के पास जितने सैंपल लंबित हैं, उतनी की रोजाना जांच हो सकेगी. तो वहीं, पीएमसीएच में हैं 300 सैंपल है, 10 जिलों के आंकड़े कहते हैं 2820 सैंपलों की जांच अब तक नहीं हुई, ऐसे में सवाल उठता है कि कहां गये ये सैंपल... इससे इतर पूर्वी सिंहभूम में कोविड-19 के 19 नये मरीज मिले है जिसके बाद जिले में संक्रमितों की कुल संख्या 200 का आंकड़ा पार कर गयी है. अगर किसी को अफसर का नौकरी मिले और उसे एटीएम गार्ड की नौकरी पर लगा दिया जाये तो इसे क्या कहेंगे. ऐसका कुछ हुआ है धनबाद में , जिसके बाद अब सरकार मामले की जांच कर रही है. तो वहीं लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के कठौन्धा गांव में 24 घंटे के अंदर पिता-पुत्र की मौत हो गयी. लोग इस मामले को कोरोना से जोड़ कर देख रहे हैं. भयवश ग्रामीण उसके घर भी नहीं जा रहे हैं..इन खबरों पर हम चर्चा करेंगे... स्वागत है आपका टॉप 5 झारखंड में...

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एक जून तक झारखंड में कोरोना सैंपल का बैकलॉग लगातार बढ़ता जा रहा था. स्थिति यह थी कि 13,631 सैंपल बैकलॉग में थे, लेकिन महज सात दिनों में ही बैकलॉग कम कर दिया गया है. 25-26 मई से लंबित सैंपल की भी जांच हो गयी. 10 जून की सुबह 10 बजे तक राज्य में बैकलॉग सैंपल 2195 ही बचे थे. स्वास्थ्य विभाग ने इसे मुहिम के तौर पर लिया और सारे सैंपल की जांच करा दी. अब सरकार के पास जितने सैंपल लंबित हैं, उतनी की रोजाना जांच हो सकेगी.

राज्य के 24 जिलों में ट्रूनेट मशीन लग गयी है. इस मशीन से एक दिन में 30 के करीब सैंपल की जांच हो जाती है. वहीं राज्य के चारों लैब में 2,200-2,300 सैंपल की जांच हो जाती है. यानी पूरे राज्य में एक दिन में अब 3,000 से अधिक सैंपल की जांच हो सकती है. प्रधान सचिव ने बताया कि अब बैकलॉग में सैंपल कम हैं. जितने सैंपल हैं, उतने की एक ही दिन में जांच संभव है. यानी अब प्रतिदिन सैंपल लिये जायेंगे और जांच होती जायेगी. अगले दिन रिपोर्ट भी आ जायेगी.

पीएमसीएच, धनबाद में 10 जिलों के कोरोना सैंपल की जांच हाेती है. इनमें से कुछ जिला प्रशासन ताे मेडिकल बुलेटिन जारी करता है या फिर सिविल सर्जन ऑफिस से आंकड़े मीडिया काे दिये जाते हैं. इन आंकड़ों काे जोड़ें, ताे 2820 स्वाब सैंपल की रिपोर्ट प्रतीक्षारत है. यानी रिपोर्ट नहीं आयी है. पर पीएमसीएच कहता है : उसके यहां करीब 300 सैंपल ही पेेंडिंग है. पीआरडी, धनबाद की ओर से 10 जून काे दो बुलेटिन जारी किये गये. पहले मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि उसके 937 सैंपल की रिपोर्ट अब भी प्रतीक्षारत है.

पर देर रात रिपोर्ट जारी कर कहा : अब किसी भी सैंपल का परिणाम प्रतीक्षारत नहीं है. फिर भी अगर प्रशासन और पीएमसीएच के आंकड़ाें काे मानें, ताे 2520 सैंपल का पता ही नहीं चल रहा है. ये सैंपल किसी दूसरे लैब में लंबित हैं या फिर जिला प्रशासन के आंकड़े अपडेट नहीं हुए हैं या कोई और वजह, यह पता नहीं चल रहा है.

दो हजार सैंपल बाहर भेजे गये थे : पीएमसीएच में बैकलॉग कम करने के लिए दो हजार सैंपल को निजी जांच घर थायरोकेयर में भेजा गया था. 5 जून को 1655, छह जून को 205 और सात जून को 140 सैंपल भेजे गये. इसके बाद जिले में बचे सैंपल की जांच हुई. चार जून को 857 सैंपल की जांच की गयी थी. पांच जून को 931, छह जून को 790 और सात जून को 568 सैंपल की जांच की गयी है. आठ जून से यहां दाे ही पालियाें में जांच हाे रही है.

कहां पेंडिंग है चतरा की रिपोर्ट : चतरा जिले के 732 सैंपल की रिपोर्ट भी पेंडिंग बतायी जा रही है. यह सैंपल कहां पेंडिंग है? इसकी रिपोर्ट कब तक जारी होगी, यह जानकारी देनेवाला कोई नहीं है. चतरा जिला के सैंपल की जांच 20 दिन से पीएमसीएच के लैब में की जा रही है. पहले इसकी जांच रांची में की जा रही थी.

पूर्वी सिंहभूम में बुधवार को कोविड-19 के 19 नये मरीज मिले, जिसके बाद जिले में संक्रमितों की कुल संख्या 200 का आंकड़ा पार कर 211 हो गयी है. ये सभी लोग संस्थागत कोरेंटिन में थे. रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद 19 में से 18 संक्रमितों को एमजीएम अस्पताल और एक को टीएमएच के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया है. वहीं, बुधवार को 10 संक्रमित स्वस्थ होकर घर लौट गये. वहीं पश्चिमी सिंहभूम व सरायकेला खरसावां जिले में दो-दो मरीज मिले. इसी के साथ राज्य में नये मरीजों की संख्या 127 हो गयी है

झारखंड रक्षा शक्ति विवि के छात्रों को सिक्यूरिटी अफसर की नौकरी की बात कह कर चेन्नई में एटीएम गार्ड की नौकरी दिये जाने के मामले में राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिये हैं. इसके लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी भी बनायी गयी है. कमेटी में उच्च शिक्षा निदेशालय की उप निदेशक विभा पांडेय, उप निदेशक नितेश राज और वित्त पदाधिकारी शशिशेखर सिंह हैं. कमेटी गठन के तत्काल बाद ही सदस्य बुधवार को विवि कैंपस पहुंचे और भुक्तभोगी 31 विद्यार्थियों को बुलाया. इनमें से चेन्नई गये आठ विद्यार्थियों से पूछताछ की. विद्यार्थियों ने बताया कि इस मामले में पूर्व रजिस्ट्रार के खिलाफ धोखाधड़ी करने को लेकर एसटी/एससी थाना में भी मामला दर्ज कराया गया है.

लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के कठौन्धा गांव में 24 घंटे के अंदर पिता-पुत्र की मौत हो गयी. लोग इस मामले को कोरोना से जोड़ कर देख रहे हैं. भयवश ग्रामीण उसके घर भी नहीं जा रहे हैं. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि परिवार के सभी लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है. सभी की रिपोर्ट निगेटिव आयी है. धनंजय भुइयां 24 मई को चेन्नई से लौटा था.

प्रशासन ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया और होम कोरेंटिन में भेज दिया गया. आठ जून को उसकी मौत हो गयी. शव को मेदिनीनगर पीएमसीएच लाया गया, जहां ट्रूनेट मशीन से जांच हुई, जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आयी. मंगलवार को उसका अंतिम संस्कार किया गया. पुत्र की मौत को पिता सुरेश भुइयां बर्दाश्त नहीं कर सके और मंगलवार रात में उनकी भी मौत हो गयी. वहीं, लोग अंदेशा जता रहे हैं कि दोनों की मौत कोरोना के कारण हुई है. बुधवार को सुरेश भुइयां के दाहसंस्कार में बहुत ही कम लोग शामिल हुए.

Posted by : Pritish Sahay

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