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Nag Panchami 2023 Date: यहां से जानें नागपंचमी की सही तारीख, नोट कर लें डेट, पूजा- विधि, महत्व, शुभ मुहूर्त

Updated at : 02 Aug 2023 9:15 AM (IST)
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Nag Panchami 2023 Date: यहां से जानें नागपंचमी की सही तारीख, नोट कर लें डेट, पूजा- विधि, महत्व, शुभ मुहूर्त

Nag Panchami 2023 Date: नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से जीवन की सारी समस्याओं का अंत हो जाता है. नाग पंचमी के दिन चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा किसी विप्र को या किसी मंदिर में दान करना बेहद शुभ माना जाता हैं. नाग पंचमी की सही तिथि क्या है, आइए जानें

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Nag Panchami 2023 Date: सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी त्योहार के रूप में मनाया जाता है. इस दिन नाग देवता की विशेष पूजा होती है. इस पूजा में नाग देवता को दुध अर्पित किया जाता है. इस विशेष दिन पर महिलाएं अपने भाइयों तथा परिवार की सुरक्षा के लिये नाग देवता से प्रार्थना करती हैं. नाग पंचमी के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए और इसकी सही तिथि क्या है, आइए जानें

नाग पंचमी 2023 तारीख, शुभ मुहूर्त

नाग पंचमी 21 अगस्त 2023, सोमवार को

नाग पंचमी पूजा मुहूर्त – प्रातः 05:53 बजे से प्रातः 08:30 बजे तक

अवधि – 02 घंटे 36 मिनट

पंचमी तिथि आरंभ – 21 अगस्त 2023 को 12:21 पूर्वाह्न

पंचमी तिथि समाप्त – 22 अगस्त 2023 को प्रातः 02:00 बजे

नोट: (तिथि और मुहूर्त दृक पंचांग के अनुसार)

नागपंचमी पर क्यों होती है नाग देव की पूजा

हिन्दू धर्म में बारिश की फुहारों और सावन माह के आगमन से साथ ही नागों की पूजा भी शुरू हो जाती है. नागों को देवताओं के रूप में पूजा जाता है. धर्म ग्रंथों में भगवान के कई अलग-अलग रूपों और नाग जाति का भी महत्वपूर्ण संबंध बताया गया है. इन्हीं मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार नागपंचमी पर नाग देव की पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि नागपंचमी के दिन नाग देव की पूजा से जीवन में धन, संपत्ति, सुख का आगमन होता है. शत्रुओं से छुटकारा मिलता है और सर्प दंश का डर भी समाप्त हो जाता है.

नाग पंचमी के दिन क्या करें क्या नहीं जानें

नाग पंचमी के दिन भूमि की खुदाई नहीं करनी चाहिए.

नाग पूजा के लिए नाग देवता की मूर्ति या फिर मिट्टी या धातू से बनी प्रतिमा की पूजा की जाती है.

दूध, धान, खीर और दूब चढ़ावे के रूप मे अर्पित की जाती है.

सपेरों से किसी नाग को खरीदकर उन्हें मुक्त भी कराया जाता है.

जीवित सर्प को दूध पिलाकर भी नागदेवता को प्रसन्न किया जाता है.

कालसर्प दोष निवारण के उपाय

नाग पंचमी के दिन कुछ लोग काल सर्प दोष निवारण पूजा भी करवाते हैं. नाग पंचमी पर शेष नाग, तक्षक नाग और वासुकी नाग की पूजा की जाती है. वासुकी नाग को भगवान भोलेशंकर अपने गले में धारण करते हैं. मान्यता है कि नागों की पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं.

1. राहु तथा केतु स्तोत्र एवं मंत्रों का जाप करें.

2.सर्प मंत्र या सर्प गायत्री एवं नाग स्तोत्र का पाठ करें .

3. मनसा देवी के मन्त्र एवं स्तोत्र का पाठ करें.

4. महामृत्युंजय मंत्र का जप करें.

5. प्रदोष व्रत और रुद्राभिषेक करें.

धन वृद्धि का उपाय (Nag Panchami 2023 Upay)

नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से जीवन की सारी समस्याओं का अंत हो जाता है. नाग पंचमी के दिन चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा किसी विप्र को या किसी मंदिर में दान करना बेहद शुभ माना जाता हैं. कहते हैं कि अगर इस दिन किसी व्यक्ति को नागों के दर्शन होते हैं तो उसे बेहद शुभ माना जाता है. नाग पंचमी की पूजा करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है और सांप के काटने का डर भी दूर होता है.

नाग पंचमी उपाय

धार्मिक मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नाग देव की पूजा करने से धन-संपत्ति की प्राप्ति होती है. ज्योतिष के अनुसार इस दिन चांदी के बने नाग-नागिन का जोड़ा किसी मंदिर में दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. कहते हैं कि यदि नागपंचमी के दिन नाग के दर्शन हो जाएं तो व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं. धन-संपत्ति की प्राप्ति होती है. नाग के काटने का डर भी नहीं रहता है.

नाग पंचमी पूजा मन्त्र

सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।

ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिताः॥

ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिनः।

ये च वापीतडगेषु तेषु सर्वेषु वै नमः॥

अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।

शङ्ख पालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा॥

एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।

सायङ्काले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषतः।

तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्॥

नाग पंचमी का महत्व

पौराणिक हिन्दू मान्यताओं के अनुसार सर्पों को पौराणिक काल से ही देवता के रूप में पूजनीय माना गया है. नाग पंचमी के दिन नाग देव की विशेष पूजा का विशेष महत्व है. ऐसी भी मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने वाले व्यक्ति को सांप के डसने का भय नहीं होता. ऐसा माना जाता है कि इस दिन सर्पों को दूध से स्नान कराने और पूजन करने और दूध पिलाने से अक्षय-पुण्य की प्राप्ति होती है. इस दिन घर के प्रवेश द्वार पर नाग चित्र बनाने की भी परम्परा है. ऐसा करने से घर नाग कृपा से सुरक्षित रहता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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