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Jharkhand News: रामगढ़ के गोला में मनरेगा घोटाला, डोभा बनने से पहले निकाल लिये गये पैसे

Updated at : 17 Nov 2022 9:07 PM (IST)
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Jharkhand News: रामगढ़ के गोला में मनरेगा घोटाला, डोभा बनने से पहले निकाल लिये गये पैसे

रामगढ़ के महलीडीह गांव में मनरेगा योजना में अनियमितता बरतने का मामला सामने आया है. बिना डोभा बनाये पैसे निकाल लिये. इस मामले को देखते हुए मालती देवी ने मनरेगा लोकपाल को एक आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है. वहीं, लोकपाल ने बीडीओ से जांच रिपोर्ट मांगी है.

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Jharkhand News: रामगढ़ जिला अंतर्गत गोला प्रखंड क्षेत्र के मगनपुर पंचायत स्थित महलीडीह गांव में मनरेगा योजना में अनियमितता बरते जाने का मामला प्रकाश में आया है. इस गांव में बिना डोभा बनाये एक व्यक्ति के नाम पर राशि की निकासी कर ली गयी है. इस संदर्भ में मालती देवी पति स्वर्गीय इंद्रदेव महतो ने रामगढ़ मनरेगा लोकपाल को एक आवेदन दिया है. जिसमें कहा गया कि मेरे पति के नाम से डोभा निर्माण दिखाकर फर्जी तरीके से मजदूरों को मजदूरी भुगतान किया गया है.

पीड़ित मालती देवी ने लोकपाल को लिखा पत्र

लोकपाल को लिखे पत्र में मालती देवी ने कहा कि साल 2020 में डोभा निर्माण कार्य योजना मिला था. जिसकी जानकारी मेरे पति और मुझे नहीं थी. इस योजना का स्वीकृति संख्या 3416010/ 2020-21/332120/ए एस, दिनांक 01-11-2020 है. रोजगार सेवक व पंचायत सचिव द्वारा बैंक ऑफ इंडिया मगनपुर शाखा में मेरे खाते में तीन-चार बार 1164 रुपया डाला गया है. इसकी शिकायत करने पर रोजगार सेवक एवं पंचायत सेवक द्वारा कहा गया कि यह दूसरे योजना का राशि है. इसमें आप 20 फीसदी रखकर बाकी राशि हमलोग को दे देना.

साल 2022 में डोभा की मिली थी स्वीकृति

उनके अनुसार 250 रुपया रखकर बाकी पैसा उनलोगों को दे दिये. कुछ दिन पहले पता चला कि मेरे पति इंद्रदेव महतो के नाम से वर्ष 2020 में डोभा स्वीकृत हुआ था. जिसका निर्माण नहीं किया गया है. लेकिन, रोजगार सेवक और पंचायत सचिव के मिलीभगत से मेरे पति की योजना में बिना काम किये फर्जी तरीके से कागज में निर्माण कार्य दिखा कर अन्य मजदूरों को फर्जी तरीके से मजदूरी भुगतान किया गया. साथ ही मजदूरों के खाते में मजदूरी भेज कर राशि की बंदरबांट कर ली गयी है. उन्होंने इस मामले की जांच पड़ताल कर संलिप्त अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. उधर सूत्रों के अनुसार इस योजना के नाम पर लगभग 62 हजार 856 रुपये की निकासी की गयी है. 

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क्या कहते हैं लोकपाल

इस संबंध में मनरेगा लोकपाल डॉ सुदेश्वर प्रसाद ने बताया कि फर्जी निकासी को लेकर एक आवेदन प्राप्त हुआ है. इस मामले में बीडीओ से जांच रिपोर्ट मांगी गयी है. इसके बावजूद स्थल का भौतिक निरीक्षण किया जायेगा. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.

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Samir Ranjan

लेखक के बारे में

By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

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