आरा पहुंचा टिड्डी दल, एक लाख रेगिस्तानी टिड्डी भोजपुर में कर गये हैं प्रवेश

Updated at : 29 Jun 2020 8:16 AM (IST)
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आरा पहुंचा टिड्डी दल, एक लाख रेगिस्तानी टिड्डी  भोजपुर में कर गये हैं प्रवेश

रेगिस्तानी टिड्डी दल के रोहतास जिले से भोजपुर जिले में प्रवेश करने की सूचना प्राप्त हुई. टिड्डियों के प्रवेश की सूचना मिलते ही कृषि विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के द्वारा टिड्डी दलों को रोकने के लिए आवश्यक सभी प्रयास किये गये.

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आरा : रेगिस्तानी टिड्डी दल के रोहतास जिले से भोजपुर जिले में प्रवेश करने की सूचना प्राप्त हुई. टिड्डियों के प्रवेश की सूचना मिलते ही कृषि विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के द्वारा टिड्डी दलों को रोकने के लिए आवश्यक सभी प्रयास किये गये. लगभग एक लाख टिड्डी दल द्वारा भोजपुर में घुसने के बाद तरारी प्रखंड के सिकरहटा पंचायत में रात्रि विश्राम के दौरान जिला स्तर पर गठित दल जिला कृषि पदाधिकारी संजयनाथ तिवारी के नेतृत्व में घटना स्थल पर पहुंचा.

जिला कृषि पदाधिकारी के सहयोगी के रूप में आत्मा के उप परियोजना निदेशक राणा राजीव रंजन कुमार थे. दल में कृषि समन्वयक, पौधा संरक्षण पर्यवेक्षक एवं कामदार आदि थे. गठित टीम आवश्यक पीपीइ कीट, मास्क, ग्लोब्स, अग्निशमन यंत्र के साथ स्थल पर पहुंचा. घटनास्थल पर पहुंचते ही दल ने टिड्डियों के विश्राम के दौरान दवा के प्रयोग से लगभग 25000 टिड्डियों को मारा. अभियान रात्रि 11 बजे अपराह्न से सुबह चार बजे तक चलाया गया. अभियान के बाद टिड्डी दल तरारी प्रखंड को छोड़कर भाग गये. वर्तमान में टिड्डियों से किसी प्रकार की क्षति की सूचना प्राप्त नहीं हुई है. गठित दल में कृषि समन्वयक प्रदीप कुमार, शत्रुघ्न सिन्हा, कामदार सर्वजीत राय, अशोक कुमार यादव, सच्चिदानंद पांडेय, कामदार उमेश सिंह, सुरेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे.

निगरानी करने का दिया निर्देश: जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा टिड्डी दलों के प्रवेश को देखते हुए सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक को पंचायत मुख्यालय में उपस्थित रहते हुए निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है. वहीं टिड्डी दलों को भगाने के लिए बताया गया कि टिड्डी दल सूर्यास्त होने के समय किसी न किसी पेड़, पौधे पर सूर्योदय होने तक आश्रय लेता है. इससे बचाव के लिए कृषि रक्षा रसायनों क्लोरनीरीफोस 20 प्रतिशत इसी, डेल्टामेथ्रीन 2.8 प्रतिशत इसी, फिपरोनिल पांच प्रतिशत इसी, लैमडेसुहैलोथीन पांच प्रतिशत इसी का छिड़काव रात में कराया जाये. टिड्डी दल आवाज से घबराते हैं. किसानों को ढोल, नगाड़े, थाली एवं पटाखे बजाकर टिड्डी दल को भगाना चाहिए.

अभी भी जिले में घूम रहे हैं टिड्डी दल: शनिवार को जिले में प्रवेश करने के बाद टिड्डियों का दल अभी भी काफी संख्या में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में घूम रहा है. तरारी प्रखंड के सेदहां गांव सहित अन्य क्षेत्रों में, अगिआंव प्रखंड में, सहार प्रखंड के कुछ क्षेत्रों में, संदेश प्रखंड के कमरिआंव, अजीमाबाद आदि क्षेत्रों में टिड्डियों का दल घूम रहा है. शाम तक आरा प्रखंड व कोईलवर प्रखंड के कायमनगर तक टिड्डियों का दल पहुंच सकता है. अभी दिन में तो यह विचरण करेंगे और इनको केवल शोर पैदा करके अपने खेतों से भगाया जा सकता है. इनका नियंत्रण रात में ही संभव है. रात में बचाव दल दवाओं के साथ तैयार है. वहीं अग्निशमन दस्ता भी तैयार है.

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