Astrology: कुंडली से समझिए जिंदगी के राज? जानें आपके भाग्य में संतान योग है या नहीं

Updated:
विज्ञापन

Janam Kundali: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति की जन्म कुंडली उसके भविष्य, वर्तमान और भूतकाल के बारे में जानकारी देती है. कुंडली में 12 घर या 12 भाव होते हैं. कुंडली के इन 12 भावों से जिंदगी के राज खुलते हैं. इन्हीं को देखकर ज्योतिषाचार्य व्यक्ति के जीवन से जुड़ी भविष्यवाणी करते हैं.

विज्ञापन
undefined

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि लग्‍नेश, पंचमेश और नवमेश तीनों ग्रह शुभ ग्रहों से युत होकर 6, 8 और 12वें भाव में गए हों तो विलंब से संतान होती है. दशम भाव में सभी शुभ ग्रह और पंचम भाव में सभी पाप ग्रह हों तो संतान विलंब से हो पाती है.

विज्ञापन
undefined
45 साल में हो सकती है संतान

एकादश भाव में राहु विराजमान है तो वृद्धावस्‍था में पुत्र होने का योग बनता है. यदि किसी महिला के हाथ में चंद्र पाप ग्रह से युक्‍त अथवा दृष्‍ट हो और सूर्य को शनि देखता हो तो लगभग 45 साल की उम्र में उस महिला को संतान की प्राप्ति हो सकती है.

undefined
30 साल के बाद मां बनने का योग

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कुंडली के पंचम भाव का स्‍वामी शुक्र के साथ हो तो 30 साल के बाद की उम्र में पुत्र होता है. वहीं पंचमेश और बृहस्‍पति 1-4-7-10 स्‍थानों में हो तो 36 वर्ष की आयु में संतान की प्राप्ति होती है.

undefined
40 साल की उम्र में मिलता है संतान सुख

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि जब कुंडली के नवम भाव में बृहस्‍पति हो और बृहस्‍पति से नवम भाव में शुक्र लग्‍नेश से युत हो तो 40 साल की उम्र में महिला को संतान सुख की प्राप्ति का योग रहता है.

undefined
संतान योग कब बनता है?

कुंडली में जब संतान प्राप्ति कारक ग्रह बृहस्पति की दशा आती है अथवा कुंडली के पंचम भाव के स्वामी की दशा प्राप्त होती है या उन ग्रहों की दशा प्राप्त होती है, जो पंचम भाव से संबंध बना रहे हों और शुभ ग्रह हों तो जातक को संतान प्राप्ति के योग बन जाते हैं.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola