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Karwa Chauth 2022 Rituals: सरगी, मेहंदी से लेकर चंद्र दर्शन, पारण तक जानें करवा चौथ व्रत के जरूरी नियम

Updated at : 11 Oct 2022 1:59 PM (IST)
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Karwa Chauth 2022 Rituals: सरगी, मेहंदी से लेकर चंद्र दर्शन, पारण तक जानें करवा चौथ व्रत के जरूरी नियम

Karwa Chauth 2022 Rituals: करवा चौथ व्रत कर रही हैं तो जान लें इस दौरान कौन-कौन से जरूरी नियमों का पालन करना जरूरी है. यहां पढ़ें सरगी, मेहंदी से लेकर चंद्र दर्शन और पारण के तरीके, नियम और महत्व.

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Karwa Chauth 2022 Rituals: करवा चौथ मुख्य रूप से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश राज्यों में मनाया जाता है. इस दिन विवाहित महिलाएं बिना पानी पिए या बिना खाना खाए निर्जला व्रत रखती हैं. वे शाम को चंद्रोदय के बाद चंद्रमा से प्रार्थना करके, अर्ध्य देन कर और अपने पति के चेहरे को देखकर उपवास तोड़ती हैं. वे इस दिन भगवान शिव, देवी पार्वती और भगवान गणेश की भी पूजा करती हैं. करवा चौथ इस साल 13 अक्टूबर को है. इस त्योहार के महत्वपूर्ण अनुष्ठानों, नियमों के बारे में जान लें जिसमें सरगी, मेहंदी, करवा चौथ कथा, चंद्र दर्शन समेत और बहुत कुछ शामिल हैं. पूरी डिटेल आगे पढ़ें…

मेहंदी और अल्ता लगाना

करवा चौथ उत्सव की तैयारी के लिए विवाहित महिलाएं अपने हाथों पर मेहंदी लगाती हैं और अपने पैरों पर अल्ता (जिसे महावर भी कहा जाता है). ये पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.

पूरे एक दिन का उपवास

करवा चौथ के दौरान सूर्योदय से चंद्रोदय तक महिलाएं सख्त उपवास रखती हैं और अपने पति की लंबी उम्र, समृद्धि और सुरक्षा के लिए प्रार्थना करती हैं. व्रत के दौरान, वे पूरे दिन पानी नहीं पीती हैं साथ ही कुछ भी नहीं खाती हैं. कुछ पुरुष और अविवाहित महिलाएं भी अपने यह व्रत रखती हैं.

करवा चौथ श्रृंगार

करवा चौथ पूजा शुरू करने और शुभ अनुष्ठान शुरू करने से पहले विवाहित महिलाएं नई दुल्हन की तरह तैयार हो जाती हैं. वे नए कपड़े पहनती हैं और सोलह श्रृंगार करती हैं जो सुखी वैवाहिक जीवन का प्रतीक है.

करवा चौथ कथा और पूजा

करवा चौथ व्रत तोड़ने से पहले, विवाहित महिलाएं करवा चौथ कथा सुनने और शाम को पूजा करने के लिए एकत्र होती हैं. वे माता पार्वती से अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए प्रार्थना करती हैं.

करवा चौथ सरगी

करवा चौथ सरगी इस त्योहार के सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक है. यह एक विशेष थाली होती है जिसमें विवाहित महिलाओं को उनकी सास द्वारा दिए गए विभिन्न खाद्य पदार्थ और उपहार होते हैं. करवा चौथ के दौरान महिलाएं सुबह जल्दी उठकर स्नान करती हैं और सूर्योदय से पहले सरगी खाती हैं0

चांद देखने के बाद व्रत का पारण

करवा चौथ पर शाम को चांद देखने के बाद महिलाएं अपना निर्जला व्रत तोड़ती हैं. वे एक छलनी के माध्यम से चंद्रमा को देखती हैं, प्रार्थना करती हैं और अर्घ्य देती हैं, इसके बाद अपने पति के हाथों से पानी पीकर व्रत तोड़ती हैं.

Also Read: Karwa Chauth 2022: करवा चौथ पर महिलाएं छलनी से क्यों देखती हैं चांद, जानें कारण, मान्यताएं
करवा चौथ बया

बया एक विशेष करवा चौथ उपहार है जो बहू अपनी सास को भेजती है. इसमें कपड़े, आभूषण, भोजन, बर्तन और अन्य उपहार होते हैं. व्रत रखने वाली विवाहित महिलाएं अपनी सास का आशीर्वाद लेती हैं.

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