धंस रही जमीन, टूट रही सड़क... सरकार खाली करा रही उत्तराखंड का डेंजर जोन, तस्वीरों में देखें तबाही का मंजर

Published by : Pritish Sahay Updated At : 07 Jan 2023 6:41 AM

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उत्तराखंड के शहर जोशीमठ में तबाही का मंजर दिख रहा है. यहां दीवारें दरक रहीं हैं. जमीन धंस रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसको लेकर उच्च स्तरीय बैठ बुलाई. बैठक में सीएम ने निर्देश दिए हैं कि जोशीमठ में सुरक्षित स्थान पर तत्काल एक बड़ा अस्थाई पुनर्वास केंद्र बनाया जाए.

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उत्तराखंड के शहर जोशीमठ में तबाही का मंजर दिख रहा है. यहां दीवारें दरक रहीं हैं. जमीन धंस रही है. घरों की दीवारों को चीरकर पानी बह रहा है. लोग दहशत में जीने को मजबूर है. लोग अपना आशियाना छोड़कर पलायन कर रहे हैं.  

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जोशीमठ में धंस रही जमीन को लेकरआज यानी शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्च स्तरीय बैठ बुलाई. बैठक में उत्तराखंड के सीएम ने निर्देश दिए हैं कि जोशीमठ में सुरक्षित स्थान पर तत्काल एक बड़ा अस्थाई पुनर्वास केंद्र बनाया जाए. उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि डेंजर जोन को तत्काल खाली किया जाए और आपदा नियंत्रण कक्ष को सक्रिय किया जाए.

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वहीं, जिला प्रशासन ने जोशीमठ क्षेत्र के प्रभावितों को 6 महीने तक मकान का किराया देने का ऐलान किया है. अधिकारियों ने कहा है कि लोगों का घर खतरे की जद में हैं या रहने लायक नहीं है उन्हें 4000 रुपये प्रति परिवार सहायता दी जाएगी.

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वहीं, जोशीमठ में प्रभावित लोगों को रैन बसेरों में शिफ्ट किया जा रहा है. भूस्खलन से क्षतिग्रस्त होटलों में पर्यटकों के ठहरने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. कुछ इलाकों में जमीन के नीचे से पानी आने से दरारें आ गई हैं.

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विभिन्न इलाकों में अब तक 561 मकानों में दरारें आ चुकी हैं, जिनमें रविग्राम में 153, गांधीनगर में 127, मनोहरबाग में 71, सिंहधार में 52, परसारी में 50, अपर बाजार में 29, सुनील में 27, मारवाड़ी में 28 और लोअर बाजार में 24 मकान शामिल हैं.

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गढवाल कमिश्नर सुशील कुमार, आपदा प्रबंधन सचिव रन्जीत कुमार सिन्हा सहित विशेषज्ञों की पूरी टीम द्वारा जोशीमठ में भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया जा रहा है.

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उत्तराखंड के जोशीमठ शहर में कई मकानों में दरारें आने के बाद बृहस्पतिवार को परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने के बीच लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया. वहीं, चमोली प्रशासन ने डूबते शहर में और उसके आसपास सभी निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है.

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जिला प्रशासन ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से हेलांग बाईपास के निर्माण, तपोवन-विष्णुगढ़ जल विद्युत परियोजना के कार्य और नगर पालिका द्वारा किए जाने वाले अन्य निर्माण कार्यों पर तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक रोक लगा दी है.

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जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एन के जोशी ने कहा कि अब तक घरों में दरारें पड़ने के बाद जोखिम में रह रहे कई परिवारों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है.

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राज्य के चमोली जिले में, बदरीनाथ तथा हेमकुंड के मार्ग पर 6,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित शहर भूकंप के अत्यधिक जोखिम वाले ‘जोन-पांच’ में आता है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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