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Jharkhand Update : प्रवासी मजदूरों को हुनर के हिसाब से काम देने की कोशिश, हो रहा है सर्वे, पढ़ें झारखंड की टॉप 5 खबरें

लाखों प्रवासी मजदूर वापस झारखंड लौट रहे है़ं. ये प्रवासी मजदूरअपने ही घर में काम की तलाश में है़ं इस विषम परिस्थिति में प्रवासी अपना सब कुछ छोड़ कर आये है़ं अब ये लौटना नहीं चाहते है़ं . इसको लेकर प्रभात खबर के प्रमुख संवाददाता मनोज सिंह ने कृषि मंत्री बादल पत्रलेख से बातचीत की़. तो वहीं, सूबे में हर दिन जितनी सैंपलिंग हो रही है, उतनी जांच नहीं हो पा रही है. इसकी मूल वजह जांच सेंटर का कम होना है. झारखंड में कोरोना जांच सेंटर सरकारी व निजी मिलाकर सिर्फ आठ है. इसमें चार सरकारी व चार निजी जांच लैब हैं. एक तरफ कोरोना बढ़ता जा रहा है तो दूसरी ओर राज्य में क्राइम के ग्राफ में भी इजाफा होता जा रहा है, उसपर से नक्सलियों का भी तांडव जारी है. इनबससे इतर राज्य के हाइस्कूलों में संगीत शिक्षक नियुक्ति में प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद और प्राचीन कला केंद्र चंडीगढ़ की डिग्री मान्य नहीं है. जबकि, इन दोनों संस्थानों की डिग्री के आधार पर राज्य के कई जिलों में शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है. अब इन शिक्षकों को हटाने का आदेश जारी किया गया है. आज टॉप 5 खबरों में इन्ही पर विस्तार से चर्चा करेंगे.

लाखों की संख्या में प्रवासी मजदूर लौट रहे है़ं प्रवासी मजदूरों अपने ही घर में काम की तलाश में है़ं इस विषम परिस्थिति में प्रवासी अपना सब कुछ छोड़ कर आये है़ं अब ये लौटना नहीं चाहते है़ं प्रवासी मजदूरों को रोजगार देना चुनौती है़ इससे सबको मिल कर निबटना है़ सरकार को ठोस रणनीति व योजना बनाने की जरूरत है़ वहीं पक्ष-विपक्ष को मिल कर एक बेहतर माहौल तैयार करना है़ समाज के हर वर्ग को इनके लिए आगे आना होगा़ ऐसी परिस्थिति में कृषि विभाग की बड़ी भूमिका है़ एक बड़ी आबादी खेती-किसानी के काम में लग सकती है़ लोगों को रोजगार मिल सकता है़ प्रभात खबर के प्रमुख संवाददाता मनोज सिंह ने कृषि मंत्री बादल पत्रलेख से बातचीत की़

नीतिगत स्तर पर हो रहा काम : कृषि मंत्री बादल ने कहा कि लंबे समय तक अगर किसी को लाभ पहुंचाने की योजना है, तो नीतिगत स्तर पर भी काम करना होगा. यह वर्तमान सरकार की सोच है. यही कारण है कि कृषि विभाग निर्यात नीति बनाने जा रही है. कृषि नीति बनाने का काम अंतिम चरण में है. सब्जियों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने की दिशा में काम हो रहा है. इससे कृषि कार्य से जुड़ने वाले मजदूरों को बाजार की दिक्कत नहीं होगी. दूसरे राज्यों में सीखे गये स्किल से समृद्ध झारखंड बनाने में योगदान करेंगे.

संस्थाओं को भी किया जा रहा है मजबूत : कृषि मंत्री बादल ने कहा कि केवल नीति और नीयत से ही व्यवस्था नहीं बदली जा सकती है. इसके लिए संस्थाओं को भी मजबूत करना होगा. प्रवासी मजदूरों को ध्यान में रख कर ही सरकार ने कृषि से जुड़ी संस्थाओं को भी मजबूत करना है. झारखंड में कृषि उत्पाद की दिक्कत नहीं है. दिक्कत बाजार की है, जो किसानों को परेशान करती है. सरकार ने तय किया है कि बाजार समिति को मजबूत किया जायेगा. इसके लिए कृषि निदेशक की अध्यक्षता में एक कमेटी बनायी गयी है. कमेटी को इस मामले में रिपोर्ट करना है.

पूर्व की सरकार ने बाजार शुल्क खत्म कर दिया था. इससे बाजार समिति को नुकसान हुआ है. व्यापारियों के साथ मिलकर बाजार शुल्क के माध्यम से संस्था को मजबूत करने का रास्ता निकाला जायेगा. इसके अतिरिक्त पशुपालन भी प्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है. डेयरी और पशुपालन के साथ-साथ मत्स्य विभाग में कई स्कीम चल रही हैं. अपने स्किल के आधार पर प्रवासी किसी भी स्कीम से जुड़ना चाहेंगे, तो सरकार हर संभव सहयोग करेगी.

प्रवासी मजदूरों के आने से झारखंड में कोरोना जांच चुनौती बन गया है. कोरेंटिन सेंटर में जांच के लिए सैंपलिंग तो हो रही है, लेकिन समय पर जांच रिपोर्ट नहीं मिल रही है. राज्य में धीरे-धीरे बैकलॉग की संख्या 12691 पहुंच गयी है. जानकारों की मानें, तो हर दिन जितनी सैंपलिंग हो रही है, उतनी जांच नहीं हो पा रही है. इसकी मूल वजह जांच सेंटर का कम होना है. झारखंड में कोरोना जांच सेंटर सरकारी व निजी मिलाकर सिर्फ आठ है. इसमें चार सरकारी व चार निजी जांच लैब हैं. सरकारी लैब में भी बैकलॉग होने के कारण रिपोर्ट समय पर नहीं मिल रहा है. निजी जांच लैब भी तीन से चार दिन में रिपोर्ट दे रहे हैं. राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में भी 750 से 800 सैंपल की जांच होने से भी गति नहीं बढ़ पा रही है. यहां भी बैकलॉग बढ़ता जा रहा है.

जिले के उग्रवाद प्रभावित किस्को प्रखंड के पाखर बॉक्साइट माइंस में नक्सलियों ने मंगलवार देर रात करीब चार घंटे तक जमकर उत्पात मचाया. पाखर बॉक्साइट माइंस के पोखरापाट और बंगलापाट में बीकेबी व बालाजी कंपनी में पहुंचे नक्सलियों ने एक जेनेरेटर, 12 पोकलेन, पेलोडर और जेसीबी मशीन में आग लगा दी. इसके बाद माइंस कार्यालय में तोड़फोड़ की और वहां के कर्मियों व मजदूरों को पीटा. पर्चा छोड़ कर नक्सलियों ने धमकी दी कि कंपनी हमारी मांगें पूरी करे, इसके बाद क्षेत्र में काम करने की इजाजत दी जायेगी.

गैंगवार में पलामू के चर्चित गैंगस्टर कुणाल सिंह की बुधवार सुबह 7:20 बजे सूदना में गोली मार कर हत्या कर दी गयी. पुलिस के अनुसार, वर्चस्व की लड़ाई में डबलू सिंह गिरोह ने घटना को अंजाम दिया है. इस मामले में तीन को हिरासत में लिया गया है. जानकारी के अनुसार, कुणाल सुबह में कार से अकेले ही हमीदगंज स्थित घर से बीसफुटा पुल की ओर जा रहा था. इसी दौरान सूदना बिजली ग्रिड के पास सफारी गाड़ी में सवार अपराधियों ने सामने से उसकी कार में टक्कर मार दी. कार चला रहा कुणाल गेट खोल कर बाहर निकलना चाहा, तभी अपराधियों ने उसके सिर व सीने में तीन गोली मार दी.

राज्य के हाइस्कूलों में संगीत शिक्षक नियुक्ति में प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद और प्राचीन कला केंद्र चंडीगढ़ की डिग्री मान्य नहीं है. जबकि, इन दोनों संस्थानों की डिग्री के आधार पर राज्य के कई जिलों में शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है. अब इन शिक्षकों को हटाने का आदेश जारी किया गया है. माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में पत्र जारी कर दिया है. सभी उपायुक्त व क्षेत्रीय उप शिक्षा निदेशक व जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेज दिया गया है. राज्य में हाइस्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए वर्ष 2016 में विज्ञापन जारी किया गया था.

Prabhat Khabar Digital Desk
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