ePaper

PHOTOS: राजमहल गंगा घाट में साफाहोड़ आदिवासियों ने किया वैदिक स्नान, सनातन धर्म के साथ की प्रकृति पूजा

Updated at : 27 Nov 2023 12:55 PM (IST)
विज्ञापन
PHOTOS: राजमहल गंगा घाट में साफाहोड़ आदिवासियों ने किया वैदिक स्नान, सनातन धर्म के साथ की प्रकृति पूजा

झारखंड के एकमात्र गंगा घाट पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. यहां तीन राज्यों के साफाहोड़ आदिवासी जुटे और अपने-अपने धर्मगुरु के साथ वैदिक स्नान किया. इस दौरान उन्होंने नाच-गान भी किया. धर्मगुरु ने बताया कि साफाहोड़ आदिवासी सनातन धर्म के साथ प्रकृति पूजा भी करते हैं.

विज्ञापन
undefined

राजमहल (साहिबगंज) दीप सिंह : कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को साहिबगंज जिला अंतर्गत राजमहल उत्तरवाहिनी गंगा तट पर गंगास्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. श्रद्धालुओं ने वैदिक मुहूर्त के अनुसार दो दिवसीय गंगा स्नान किया.

undefined

विशेष कर झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल से आए साफाहोड़ आदिवासियों ने गंगा तट पर अखाड़ा लगाकर मरांग बुरु एवं भगवान श्री रामचंद्र की पूजा अर्चना की. साफाहोड़ आदिवासियों ने अपने-अपने धर्म गुरुओं के साथ गंगा स्नान कर गंगा पूजन किया. बता दें कि गंगा तट पर लगभग 20 से अधिक छोटे-बड़े अखाड़ा लगाए गए थे.

undefined

राजमहल सहित संथाल परगना के विभिन्न इलाके से गैर आदिवासी श्रद्धालुओं का जत्था भी गंगा स्नान करने के लिए पहुंचा था. सभी ने गंगा पूजन के बाद दीप दान किया.

undefined

वैदिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के बाद दीप दान का विशेष महत्व होता है. शास्त्रों में उल्लेख है कि कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के बाद दीप दान से पुण्य की प्राप्ति होती है और पाप से मुक्ति मिलती है.

undefined

मालूम हो कि कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर साफाहोड़ आदिवासी हर साल वैदिक परंपरा से गंगा स्नान करते हैं. स्नान करने के बाद वह अपने-अपने धर्म गुरुओं के साथ मां गंगा की पूजा अर्चना करते हैं.

undefined

साफाहोड़ आदिवासी हर साल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा किनारे अखाड़ा लगाकर पूजा अर्चना करते हैं. इन अखाड़ों में वह नाच-गाना कर अपने ईष्ट देवी-देवता को प्रसन्न करते हैं.

undefined

साफाहोड़ आदिवासियों में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर प्रकृति की पूजा करने का विशेष रिवाज है. एक धर्म गुरु ने बताया की साफाहोड़ आदिवासी सनातन धर्म के साथ-साथ प्रकृति की भी पूजा करते हैं.

undefined

धर्मगुरु ने बताया कि वह धान की फसल को सूप में लेकर गंगाजल के साथ अखाड़ा में धर्म गुरुओं की मौजूदगी में पूजा अर्चना करते हैं. कार्तिक पूर्णिमा पर राजमहल गंगा घाट पर कुंभ मेले जैसा दृश्य देखने को मिला.

Also Read: झारखंड: कार्तिक पूर्णिमा पर आज ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करेंगे श्रद्धालु, पंचुक व्रत का होगा समापन
विज्ञापन
Jaya Bharti

लेखक के बारे में

By Jaya Bharti

This is Jaya Bharti, with more than two years of experience in journalistic field. Currently working as a content writer for Prabhat Khabar Digital in Ranchi but belongs to Dhanbad. She has basic knowledge of video editing and thumbnail designing. She also does voice over and anchoring. In short Jaya can do work as a multimedia producer.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola