IRCTC/Indian Railways News : राउरकेला से टाटानगर के बीच पैसेंजर ट्रेनें नहीं चलने से मकर पर्व का रंग पड़ने लगा फीका, ग्रामीण हो रहे मायूस

IRCTC/Indian Railways News, Jharkhand news, Chakradharpur News, चक्रधरपुर (पश्चिमी सिंहभूम) : राउरकेला से टाटानगर के बीच सवारी गाड़ियों के नहीं चलने से मकर पर्व का रंग फीका पड़ने लगा है. टाटानगर- राउरकेला के बीच कई छोटे-छोटे रेलवे स्टेशन हैं. इन क्षेत्रों के ग्रामीणों का आवागमन का मुख्य जरिया ट्रेन ही है. मकर पर्व सामने है. लोकल ट्रेन के नहीं चलने से इन ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है.
IRCTC/Indian Railways News, Jharkhand news, Chakradharpur News, चक्रधरपुर (पश्चिमी सिंहभूम) : राउरकेला से टाटानगर के बीच सवारी गाड़ियों के नहीं चलने से मकर पर्व का रंग फीका पड़ने लगा है. टाटानगर- राउरकेला के बीच कई छोटे-छोटे रेलवे स्टेशन हैं. इन क्षेत्रों के ग्रामीणों का आवागमन का मुख्य जरिया ट्रेन ही है. मकर पर्व सामने है. लोकल ट्रेन के नहीं चलने से इन ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है.
मालूम हो कि राउरकेला से टाटनगर के बीच कई छोटे-छोटे रेलवे स्टेशन हैं. इनमें प्रमुख रूप से गम्हरिया, बीरबांस, सीनी, महालीमोरूप, राजखरसावां, बड़ाबाम्बो, लोटोपहाड़, सोनुवा, टुनिया, डेरवां, गोईलकेरा, पोसैता, महादेवशाल, घाघरा हाल्ट, मनोहरपुर, जराईकेला, बिश्रा व बंडामुंडा आदि के निवासी राउरकेला, चक्रधरपुर एवं टाटानगर में पर्व की खरीदारी करने आया करते थे. जिनसे इन तीनों शहरों में मकर के कारण बाजारों में रौनक हुआ करती थी. कई छोटे शहरों से ट्रेन के अलावे बड़े शहरों तक पहुंचने के लिए कोई दूसरा साधन नहीं है. सड़क मार्ग से आ पाना असुरक्षित, कठिन और खर्चीला है. गांवों में बसने वाले लोग अधिक खर्च कर या निजी वाहन की व्यवस्था कर बड़े शहरों तक जाने में असमर्थ हैं.
बता दें कि गांवों में और छोटे शहरों में किसानों ने धान की फसल काट लिया है. जिसे बड़े शहरों में बेचने के बाद मकर पर्व की तैयारी करते थे. लेकिन, कोरोना वायरस संक्रमण के कारण सवारी गाड़ियां बंद होने से किसान परिवारों के समक्ष दिक्कतें आ गयी है.
पर्व से पहले और बार में रिश्तेदारों और सगे-संबंधियों के यहां आना-जाना भी सवारी गाड़ियों से ही होता था. ट्रेन नहीं होने के कारण पर्व में घर लौटना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया है. लोकल यात्रियों का मानना है कि कोविड-19 में सभी तरह के वाहन चल रहे हैं. कई रेल गाड़ियां भी चल रही है,द में रिश्तेदारों और सगे-ंके यहां आना-जाना भी सवारी गाड़ियों से ही होता था. ट्रेन नहीं होने के कारण पर्व में घर लौटना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया है. लोकल यात्रियों का मानना है कि कोविड-19 में सभी तरह के वाहन चल रहे हैं. कई रेल गाड़ियां भी चल रही है, लेकिन गरीबों और गांवों में बसने वालों के लिए सवारी गाड़ी का परिचालन नहीं किया जा रहा है.
चक्रधरपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सह जनसंपर्क अधिकारी मनीष कुमार पाठक ने कहा है कि पोंगल और मकर को लेकर कोई पैसेंजर ट्रेन अथवा नई ट्रेन परिचालन की अनुमति फिलहाल नहीं मिली है. टाटा- राउरकेला के बीच लिंक एलेप्पी एक्सप्रेस के परिचालन की भी अब तक स्वीकृति नहीं मिली है. मालूम रहे कि धनबाद से एलेप्पी तक भाया राउरकेला यह ट्रेन 9 जनवरी, 2021 से चलने वाली है, लेकिन टाटा- राउरकेला के बीच परिचालन की स्वीकृति अब तक नहीं मिली है.
Posted By : Samir Ranjan.
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