Tech Tip: ट्रेन की लाइव लोकेशन बिना इंटरनेट के जानें, फोन में कर लें ये छोटा सा जुगाड़
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 15 Feb 2024 9:51 PM
How To Check Train Live Location Without Internet - कई बार ट्रेन ऐसे किसी ग्रामीण या पहाड़ी इलाके से गुजरती है, जब फोन में इंटरनेट सर्विस नहीं मिल पाती हैं. ऐसे में आप यह जान नहीं पाते कि आपकी ट्रेन कहां है. अब आपकी यह मुश्किल आसान होने जा रही है.
Indian Railways Train Live Location Check Without Internet : मान लीजिए कि आप किसी ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं. आपकी रेलगाड़ी ऐसी जगह पर खड़ी हो जाती है, जहां आसपास न कोई स्टेशन है और न ही कोई साइनबोर्ड. ऐसे में आप चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, सीट पर बैठे-बैठे यह जान नहीं पाएंगे कि आपकी ट्रेन कहां है. यही नहीं, कई बार ट्रेन ऐसे किसी ग्रामीण या पहाड़ी इलाके से गुजरती है, जब फोन में इंटरनेट सर्विस नहीं मिल पाती हैं. ऐसे में आप यह जान नहीं पाते कि आपकी ट्रेन कहां है. अब आपकी यह मुश्किल आसान होने जा रही है. अब आप बिना इंटरनेट के भी अपनी ट्रेन की लाइव लोकेशन का पता लगा सकते हैं. इसके लिए हम आपको एक कमाल की ट्रिक बताते हैं-
Train Live Location without Internet?
ट्रेन की लाइव लोकेशन बिना इंटरनेट के पता लगाना अब संभव है. आपके पास अगर स्मार्टफोन है, तो आप अपने फोन के ऐप/प्ले स्टोर में जाकर एक छोटा-सा ऐप पहले से डाउनलोड कर लीजिए. Where is My Train नाम का यह ऐप आपको आपकी ट्रेन की सही लोकेशन उस समय भी बता देगा, जब आपके फोन में इंटरनेट नहीं होगा. इसके लिए आपको ऐप में एक छोटा-सा बदलाव करने की जरूरत पड़ती है.
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कैसे पता चलेगा इंटरनेट?
ऐप में लोकेशन पता करने के तीन मोड दिये गए हैं. इंटरनेट, सेल टावर और जीपीएस. इंटरनेट के अलावा बाद बाकी जो दो विकल्प हैं, उन्हें केवल ट्रेन में यात्रा के दौरान आप इस्तेमाल कर सकते हैं. इनमें से आप जब सेल टावर का विकल्प चुनेंगे, तो यह बगैर इंटरनेट के आपको ट्रेन की लाइव लोकेशन बता देगा. सेल टावर मोड में यह ऐप उस क्षेत्र का मोबाइल टावर सिग्नल रिसीव करता है, जहां से ट्रेन उस समय गुजर रही होती है. जहां भी सबसे नजदीकी टावर होगा, वहां की लोकेशन आपको इस ऐप पर दिख जाएगी. यहां ध्यान इस बात का रखना है कि अगर फोन में नेटवर्क नहीं आ रहा हो, तो यह मोड भी कुछ काम नहीं करेगा.
अन्य दो मोड क्या करते हैं?
इंटरनेट मोड में ट्रेन की लाइव लोकेशन एनटीईएस के सर्वर से पता चलती है. इसे रेलवे की तरफ से लगातार अपडेट किया जाता है और प्राइवेट कंपनियों के ऐप यहीं से अपने काम का डेटा लेते हैं. वहीं, जीपीएस मोड की बात करें तो इसका सीधा कनेक्शन सैटेलाइट से होता है. सैटेलाइट की ही मदद से ट्रेन की लाइव लोकेशन पता लगायी जाती है.
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क्या मैं बिना इंटरनेट के ट्रेन की लाइव लोकेशन जान सकता हूं?
हां, आप बिना इंटरनेट के भी अपनी ट्रेन की लाइव लोकेशन जान सकते हैं, इसके लिए आपको “Where is My Train” ऐप डाउनलोड करना होगा.
इस ऐप में लोकेशन पता करने के कितने मोड हैं?
इस ऐप में तीन मोड हैं: इंटरनेट, सेल टावर, और जीपीएस.
सेल टावर मोड कैसे काम करता है?
सेल टावर मोड बिना इंटरनेट के काम करता है. यह आपके पास के मोबाइल टावर से सिग्नल रिसीव करके ट्रेन की लोकेशन बताता है.
क्या सेल टावर मोड काम करेगा अगर नेटवर्क नहीं आ रहा?
नहीं, यदि आपके फोन में नेटवर्क नहीं आ रहा है, तो सेल टावर मोड भी काम नहीं करेगा.
इंटरनेट मोड और जीपीएस मोड में क्या अंतर है?
इंटरनेट मोड में ट्रेन की लाइव लोकेशन एनटीईएस के सर्वर से प्राप्त होती है, जबकि जीपीएस मोड सैटेलाइट के माध्यम से ट्रेन की लोकेशन बताता है.
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By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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