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अहम हज समझौता

Updated at : 10 Jan 2024 6:44 AM (IST)
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अहम हज समझौता

इस वर्ष हज यात्रा पर 1,75,025 भारतीय जा सकेंगे, जिनमें से 1,40,020 तीर्थयात्री भारत की हज कमिटी के जरिये जायेंगे.

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पिछले कुछ वर्षों से भारत और सऊदी अरब के परस्पर संबंधों का व्यापक विस्तार हुआ है. इस प्रक्रिया में द्विपक्षीय हज समझौता 2024 एक अहम मील का पत्थर है. बीते दिनों सऊदी अरब की राजधानी जेद्दा में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और सऊदी मंत्री तौफीक बिन फौजान अल-राबिया ने इस समझौते पर दस्तखत किये. इस दौरे में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन भी शामिल थे. अपनी यात्रा के दौरान स्मृति ईरानी ने इस्लाम के सबसे पवित्र शहरों में शुमार मदीना भी पहुंची तथा भारतीय तीर्थयात्रियों से भेंट की. इस वर्ष हज यात्रा पर 1,75,025 भारतीय जा सकेंगे, जिनमें से 1,40,020 तीर्थयात्री भारत की हज कमिटी के जरिये जायेंगे. पहली बार हज करने जाने वाले लोगों पर इस साल अधिक ध्यान दिया जायेगा. बाकी 35 हजार यात्री हज यात्रा कराने वाली निजी एजेंसियों के माध्यम से जायेंगे. महिला यात्रियों की संख्या बढ़ाना और उनकी सुविधा का समुचित ध्यान रखना इस समझौते की एक प्रमुख विशेषता है. समझौते की बातचीत में डिजिटल तकनीक के अधिक इस्तेमाल पर जोर दिया गया ताकि हज यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाया जा सके. सऊदी अरब ने इस मामले में भारत के प्रयासों की सराहना भी की है. साथ ही, यात्रा के प्रबंधन, संयोजन, चिकित्सा सुविधा, ठहरने की व्यवस्था आदि के बारे में सहमति बनी है. भारतीय मंत्रियों ने जेद्दा के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के हज टर्मिनल का भी मुआयना किया. इस समझौते से भारत और सऊदी अरब के धार्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को तो मजबूती मिलेगी ही, साथ ही सामाजिक और तकनीकी सहकार भी बढ़ेगा. इस नाते इसे एक महत्वपूर्ण प्रगतिशील पहल माना जा सकता है. इस्लाम के दो सबसे पवित्र मस्जिद और तीर्थस्थल- मक्का एवं मदीना- सऊदी अरब में स्थित हैं, जबकि दुनिया में मुस्लिम समुदाय की आबादी के हिसाब से इंडोनेशिया के बाद भारत दूसरे स्थान पर है. वर्ष 2022 में सऊदी अरब ने सबसे अधिक भारतीयों को रोजगार दिया था. संयुक्त अरब अमीरात के बाद सबसे अधिक भारतीय सऊदी अरब में ही काम करते हैं. ये भारतीय सऊदी अरब समेत विभिन्न अरब देशों के विकास में उल्लेखनीय योगदान तो दे ही रहे हैं, साथ ही वे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में भी बड़ा योगदान करते हैं. दोनों देशों का साझा व्यापार 240 अरब डॉलर से अधिक का है. सऊदी अरब भारत का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बन चुका है. नयी दिल्ली जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का राजकीय दौरा हुआ था. इस पृष्ठभूमि में हज समझौते का महत्व बहुत अधिक बढ़ जाता है.

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