Hindu Nav Varsh 2022: हिंदू नववर्ष पर बन रहा है दुर्लभ योग, जानें क्या पड़ेगा आपकी राशि पर असर
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Apr 2022 4:52 PM
Hindu Nav Varsh 2022: हिंदू नववर्ष का आरंभ बहुत ही दुर्लभ योग में होने जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अप्रैल का महीना ग्रहों के राशि परिवर्तन के लिहाज से बहुत ही खास रहने वाला होगा. इस महीने सभी 9 ग्रह अपनी चाल बदलते हुए एक से दूसरी राशि में गोचर करेंगे.
Hindu Nav Varsh 2022: हिंदू नववर्ष 2079 की शुरुआत के मौके पर ग्रहों की ऐसी दुर्लभ स्थिति बन रही है जो डेढ़ हजार साल पहले बनी थी. इसका असर आम लोगों से लेकर देश की व्यवस्था तक पर पड़ेगा.
सभी ग्रहों में मंगल ग्रह को सेनापति का दर्जा हासिल है. अप्रैल महीने में सबसे पहले मंगल ग्रह अपनी राशि बदलेंगे. 07 अप्रैल को मंगल ग्रह मकर राशि में अपनी यात्रा को विराम देते हुए शनि की राशि कुंभ में प्रवेश करेंगे.
बुद्धि और वाणी के देवता बुध ग्रह 08 अप्रैल 2022 को मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश करेंगे. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध ग्रह व्यापार, लेखन, कानून,वाणी और तर्क शास्त्र के कारक ग्रह हैं. इन्हें दो राशियों का स्वामित्व प्राप्त है. मिथुन और कन्या राशि के स्वामी बुध ग्रह है.
शनि के बाद राहु ग्रह सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं. यह किसी एक राशि में करीब 18 महीने तक रहते हैं. अप्रैल के महीने में होने वाला राहु का परिवर्तन सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण होगा. 12 अप्रैल 2022 को राहु 18 वर्षों बाद मेष राशि में प्रवेश करेंगे. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु हमेशा उल्टी चाल से ही चलते हैं. राहु का राशि परिवर्तन सभी जातकों के जीवन पर जरूर पड़ेगा.
राहु-केतु को छाया ग्रह माना गया है. राहु के साथ केतु भी अप्रैल के महीने में राशि परिवर्तन करेंगे. केतु मौजूदा समय में वृश्चिक राशि में विराजमान है. 12 अप्रैल को केतु वृश्चिक राशि की अपनी यात्रा को खत्म करते हुए अगले 18 महीनों के लिए तुला राशि में गोचर करेंगे. राहु की तरह केतु भी हमेशा वक्री चाल से चलते हैं.
सभी ग्रहों में सबसे शुभ फल प्रदान करने वाले ग्रह और देवताओं के गुरु बृहस्पति 13 अप्रैल को कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में गोचर करेंगे. मीन राशि के स्वामी ग्रह स्वयं गुरु हैं ऐसे में इस राशि के जातकों के ऊपर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा.
करीब ढाई वर्षों बाद अप्रैल के महीने में शनि ग्रह का राशि परिवर्तन होने जा रहा है. ज्योतिष में शनि ग्रह का राशि परिवर्तन बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. शनिदेव अभी मकर राशि में विराजमान है और आगामी 29 अप्रैल को कुंभ राशि में आ जाएंगे. जहां पर ये अगले ढाई वर्षों के लिए इसी राशि में रहेंगे. मकर और कुंभ राशि शनिदेव की स्वयं की राशि होती है. शनि के राशि परिवर्तन करने से कुछ राशि के जातकों को शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी वहीं कुछ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रकोप शुरू हो जाएगा.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर एक माह में सूर्यदेव अपनी राशि बदलते हैं. सूर्य को ज्योतिष में आत्म का कारक और ग्रहों का राजा माना जाता है. 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे. सूर्य देव के मीन से मेष राशि में आते ही खरमास खत्म हो जाएगा.
ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सुख,वैभव और धन प्रदान करने वाला ग्रह माना गया है. 27 अप्रैल को शुक्र का गोचर गुरु की राशि मीन में होगा. कुंडली में शुक्र ग्रह के शुभ भाव में रहने पर सभी तरह के सुख और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है.
संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/954529
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