Gyanvapi Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी वजूखाने के एएसआई सर्वे के मामले को सुनने योग्य माना
Published by : Amit Yadav Updated At : 31 Jan 2024 2:43 PM
याचिकाकर्ता राखी सिंह के वकील सौरभ तिवारी ने बताया कि कोर्ट ने माना है कि वजूखाने की 15 अगस्त 1947 को धार्मिक स्थिति क्या था, इसलिए बचे हुए हिस्से का सर्वे भी जरूरी है. इसलिए मस्जिद कमेटी व अन्य को नोटिस जारी की जा रही है.
प्रयागराज: हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी वजूखाने के एएसआई सर्वे के मामले को सुनने योग्य माना है. जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच में बुधवार को सुनवाई हुई. कोर्ट ने अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी व अन्य विपक्षियों को नोटिस दिया है. हिंदू पक्ष ने वजूखाने का भी एएसआई सर्वे कराने की याचिका दाखिल की थी.
याचिकाकर्ता राखी सिंह के वकील सौरभ तिवारी ने बताया कि कोर्ट ने उनसे पूछा कि आखिर आप कैसे कहेंगे कि जिला जज वाराणसी ने अपने 21 अक्तूबर के आदेश में गलती किया है. इस पर सौरभ तिवारी ने जवाब दिया कि 17 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के ज्ञानवापी के एरिया को सील करने के फैसले को मॉडिफाई करके ड्यूली प्रोटेक्ट किया है.
उसी सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त के आदेश में लिखा है कि एएसआई के सर्वे का तरीका सेफ हैं. ऐसे में शिवलिंग छोड़कर ड्यूली प्रोटेक्टेड एरिया का सर्वे कराया जाएगा तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन नहीं होगा. इसके बाद कोर्ट ने एएसआई व विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट को नोटिस दे दी गई है. मस्जिद कमेटी और अन्य चार लोगों को नोटिस दिया गया है.
वकील सौरभ तिवारी ने कहा कि कोर्ट ने विचारणीय माना है. उस स्थान की 15 अगस्त 1947 को धार्मिक स्थिति क्या था, इसलिए बचे हुए हिस्से का सर्वे भी जरूरी है. कोर्ट ने इसे सही माना है. इसलिए नोटिस जारी की जा रही है.
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