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Gorakhpur : 26 माह बीते, महिला अस्पताल में टायलेट के कमोड पर मिली नवजात की लाश मामले का खुलासा नहीं हुआ

Updated at : 01 Oct 2023 9:35 PM (IST)
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Gorakhpur : 26 माह बीते, महिला अस्पताल में टायलेट के कमोड पर मिली नवजात की लाश मामले का खुलासा नहीं हुआ

गोरखपुर, 26 महीने पहले महिला जिला अस्पताल के MCH विंग के ग्राउंड फ्लोर पर टॉयलेट के कमोड में नवजात बच्चे का शव मिलने से हड़कंप मच गया था. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जा दिया था.2साल 2महीने के बाद भी पुलिस हत्यारे तक नहीं पहुंच पाई है.

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गोरखपुर: महिला जिला अस्पताल में जुलाई 2021 में उस समय हड़कंप मच गया था, जब एमसीएच विंग के ग्राउंड फ्लोर पर बने टॉयलेट के कमोड में एक दिन पहले जन्मे नवजात शिशु की लाश मिली थीं. अस्पताल के टॉयलेट में शिशु की लाश मिलने के बाद खूब हंगामा मंचा था. अस्पताल में मौजूद मरीजों के तीमारदारो ने जब हंगामा मचाना शुरू किया तो अस्पताल प्रशासन ने इसकी सूचना पुलिस को दी थीं. मौके पर पहुंची पुलिस में नवजात शिशु की शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. 2 साल और 2 महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस अभी तक हत्या की गुत्थी नहीं सुलझा पाई है.

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बीते 26 महीनों से एक नवजात को अपने इंसाफ का आज भी इंतजार है, लेकिन मानवता को संसार करने वाली इस घटना की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस और अस्पताल प्रशासन नाकाम दिखाई दे रहे हैं. पुलिस प्रशासन 26 महीना के बीत जाने के बाद भी नवजात की कातिल तक नहीं पहुंच सकी है. महिला अस्पताल के एसआईसी (SIC ) डॉक्टर जयकुमार ने बताया कि वर्ष 2021 जुलाई में नवजात की लाश का प्रारंभिक परीक्षण करने के दौरान पाया गया था बच्चों को मां के साथ जोड़ने वाली नाल की लंबाई अधिक थी. उन्होंने बताया कि नाल का मुंह खींचकर तोड़ा गया था. प्रसव कराने वाले डॉक्टर ,नर्स और आया सभी बच्चों के जन्म के बाद नाल को काटकर उसका मुंह बांध देते हैं.

चार दिन तक अस्पताल के कैमरे खंगाले 

बताते चलें कि जिस समय यह घटना हुई थी उस समय महिला जिला अस्पताल प्रशासन और पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गए थे. नवजात शिशु के कातिल का पता लगाने के लिए जिला महिला अस्पताल के साथ डॉक्टर ने लगातार चार दिन तक अस्पताल कैंपस में लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला था. लेकिन अस्पताल के कैमरे में कोई भी व्यक्ति टॉयलेट कि तरफ जाते हुए नहीं दिखाई दिया. इतना ही नहीं अस्पताल प्रशासन में महिला अस्पताल में 4 दिन पहले तक हुए डिलीवरी के प्रस्ताव से भी पूछताछ की लेकिन कुछ पता नहीं चला. कमरे में कोई भी सुराख ना मिलने पर शक की सुई अस्पताल कर्मियों की तरफ गहराने लगी थी. पुलिस और अस्पताल प्रशासन अभी तक इस हत्या के तह तक नहीं पहुंच पाई है.

बच्चे की मां का कोई पता नहीं चला

हालांकि अभी तक बच्चे की मां का कोई पता नहीं चला है. पुलिस ने इस घटना के बाद में अस्पताल कैंपस में लगे सीसीटीवी कैमरे का खंगालने के साथ ही 24 घंटे के भीतर जन्मे बच्चों का उनकी मां का विवरण अस्पताल प्रशासन से मांगा था.लेकिन पुलिस को कोई भी सुराख आज तक पता नहीं लगा पाई. यह मामला आज भी मिस्ट्री बना हुआ है. अब देखना है कि पुलिस क्या इस हत्या के राज को खोल पाएगी. जबकि इस हत्या के हुए 2 साल 2 महीने हो चुके हैं.

रिपोर्ट : कुमार प्रदीप

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