Coronavirus In Jharkhand : कोरोना काल में फीस वृद्धि नहीं कर सकेंगे प्राइवेट स्कूल, सरायकेला डीसी ने जारी किये ये निर्देश

Coronavirus In Jharkhand, सरायकेला न्यूज (शचिंद्र कुमार दाश) : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के निजी विद्यालय चालू शैक्षणिक सत्र (2021-22) में विद्यालय शुल्क में किसी तरह का बढ़ोत्तरी नहीं कर सकेंगे. इस संबंध में सरायकेला-खरसावां जिले के उपायुक्त अरवा राजकमल ने आवश्यक निर्देश जारी किया है. प्रभात खबर से बातचीत में उपायुक्त ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में शिक्षण शुल्क जमा नहीं करने पर किसी विद्यार्थी का नामांकन रद्द नहीं किया जायेगा तथा ऑन लाइन शिक्षण व्यवस्था से वंचित नहीं किया जा सकता है.
Coronavirus In Jharkhand, सरायकेला न्यूज (शचिंद्र कुमार दाश) : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के निजी विद्यालय चालू शैक्षणिक सत्र (2021-22) में विद्यालय शुल्क में किसी तरह का बढ़ोत्तरी नहीं कर सकेंगे. इस संबंध में सरायकेला-खरसावां जिले के उपायुक्त अरवा राजकमल ने आवश्यक निर्देश जारी किया है. प्रभात खबर से बातचीत में उपायुक्त ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में शिक्षण शुल्क जमा नहीं करने पर किसी विद्यार्थी का नामांकन रद्द नहीं किया जायेगा तथा ऑन लाइन शिक्षण व्यवस्था से वंचित नहीं किया जा सकता है.
कोविड-19 के कारण झारखंड के निजी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के अभिभावकों की आय प्रभावित हुई है. कई अभिभावकों को निजी विद्यालयों के शिक्षण शुल्क तथ अन्य शुल्कों का ससमय भुगतान करने में कठिनाई हो रही है. झारखंड सरकार के निर्देशानुसार अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिये स्कूल बंद हैं तथा ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है. इसको लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया गया है.
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दूसरी ओर उपायुक्त के निर्देशानुसार सरायकेला-खरसावां के जिला शिक्षा अधीक्षक ने सभी कोटि के निजी विद्यालयों के प्राचार्य व प्रबंधन समिति को पत्र लिखा है. सात सूत्री पत्र में कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र (2021-22) में विद्यालय शुल्क में किसी तरह की बढ़ोत्तरी नहीं की जायेगी. विद्यालयों का पूर्ववत संचालन प्रारंभ होने के पूर्व मात्र शिक्षण शुल्क मासिक दर पर लिया जायेगा.
किसी भी परिस्थिति में शिक्षण शुल्क जमा नहीं करने पर किसी विद्यार्थी का नामांकन रद्द नहीं किया जायेगा या ऑनलाइन शिक्षा से शिक्षण व्यवस्था से वंचित नहीं किया जायेगा. विद्यालय में नामांकित छात्रों को बिना किसी भेदभाव के ऑनलाइन शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने की पूर्ण जिम्मेवारी विद्यालय प्रमुख की होगी. विद्यालय बंद रहने की अवधि तक किसी भी प्रकार का वार्षिक शुल्क, यातायात शुल्क या किसी अन्य प्रकार का शुल्क अभिभावकों से नहीं लिया जायेगा.
इससे संबंधित शुल्क विद्यालय में पुन: शिक्षण कार्य प्रारंभ होने के पश्चात समानुपातिक आधार पर अभिभावकों से ली जा सकेगी. किसी भी परिस्थिति में अभिभावकों से विलंब शुल्क नहीं लिया जा सकेगा. निजी विद्यालयों द्वारा उपरोक्त निर्देशों का अनुपालन नहीं करने संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित विद्यालय के विरुद्ध शिक्षा के अधिकार अधिनियम-2009 के आलोक में विधि सम्मत कार्रवाई की जा सकती है.
खरसावां के कमलेश सिन्हा ने उपायुक्त को ट्वीट कर आग्रह किया था कि कोरोना काल में निजी विद्यालयों द्वारा किसी तरह की फीस में बढ़ोत्तरी नहीं की जाये. इसके साथ ही किसी अन्य प्रकार की फीस भी अभिभावकों से न ली जाये. उन्होंने ऐसी व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया था.
Posted By : Guru Swarup Mishra
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