Corona Effect : वर्क फ्रॉम होम से टेलीकॉम कंपनियों की होगी चांदी

Updated at : 19 Mar 2020 3:05 AM (IST)
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Corona Effect : वर्क फ्रॉम होम से टेलीकॉम कंपनियों की होगी चांदी

बहुत-सी इंडस्ट्रीज का बिजनेस कोरोना वायरस के कारण घटने की आशंका है, लेकिन देश की तीन प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों को इससे बड़ा फायदा हो सकता है

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कोलकाता : बहुत-सी इंडस्ट्रीज का बिजनेस कोरोना वायरस के कारण घटने की आशंका है, लेकिन देश की तीन प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों को इससे बड़ा फायदा हो सकता है. देशभर में कंपनियां अपने एंप्लॉइज से वर्क फ्रॉम होम के लिए कह रही हैं और इससे डेटा की खपत आने वाले सप्ताहों में बढ़ सकती है. ऐनालिस्ट्स और इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे रिलायंस जियो इंफोकॉम, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के लिए होम ब्रॉडबैंड और वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) सर्विसेज की डिमांड में तेजी आयेगी.

कोरोना के कारण देश की तीन प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों को इससे बड़ा फायदा हो सकता है

वर्चुअल प्लेटफॉर्म्स का ज्यादा इस्तेमाल : भारती एयरटेल के पूर्व सीईओ संजय कपूर ने बताया : बड़ी टेलीकॉम कंपनियों को इससे अधिक फायदा होगा, क्योंकि ऐसी स्थिति में सामाजिक तौर पर दूरी बढ़ने से वर्चुअल प्लेटफॉर्म का अधिक इस्तेमाल होगा. उन्होंने कहा कि डेटा की खपत में निश्चित तौर पर बढ़ोतरी होगी. इससे तीनों प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों को रेवेन्यू बढ़ाने का मौका मिलेगा.

25-30 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान : एसबीआइकैप सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड राजीव शर्मा को शॉर्ट-टर्म में डेटा की खपत में तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 15 पर्सेंट की बढ़ोतरी होने का अनुमान है. अगर कोरोना वायरस को लेकर जोखिम कुछ महीनों तक रहता है, तो इन टेलीकॉम कंपनियों के लिए इंटरप्राइज बिजनेस सर्विसेज और होम ब्रॉडबैंड का बिजनेस 25-30 प्रतिशत बढ़ सकता है. इंडस्ट्री का अनुमान है कि देश का मौजूदा एंटरप्राइज और होम ब्रॉडबैंड बिजनेस सर्विसेज मार्केट 30,000-34,000 करोड़ रुपये का है.

बढ़ेगा डेटा का यूज : ऐनालिस्ट्स का अनुमान है कि अगली दो तिमाहियों में तिमाही-दर-तिमाही आधार पर डेटा की खपत 15 प्रतिशत बढ़ सकती है. इससे टेलीकॉम कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ कम से कम पांच प्रतिशत ज्यादा होगी. यूजर्स के मोबाइल रिचार्ज भी अधिक करने की संभावना है, क्योंकि वे ऐसी स्थिति में अपने डेटा का अधिक इस्तेमाल कर सकते हैं. हालांकि, टेलीकॉम कंपनियों को स्मॉल एंड मीडियम बिजनेस/एंटरप्राइसेज (एसएमइ) से मिलनेवाले बिजनेस में कुछ कमी आने की भी आशंका है, क्योंकि आर्थिक माहौल अनिश्चित होने के कारण ये बल्क डेटा कनेक्शन खरीदने से बच सकते हैं.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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