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Agra: पुलिस कस्टडी में सफाई कर्मी की हत्या के मामले में पुलिसकर्मियों को मिली क्लीन चिट, जानें पूरा मामला

Updated at : 06 May 2022 8:07 PM (IST)
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Agra: पुलिस कस्टडी में सफाई कर्मी की हत्या के मामले में पुलिसकर्मियों को मिली क्लीन चिट, जानें पूरा मामला

इस मामले में कई पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई भी हुई थी. ऐसे में जांच में इन सभी पुलिसकर्मियों को अब क्लीन चिट मिल गई है. मामले की जांच कर रहे विवेचक ने मुकदमे में अपनी अंतिम रिपोर्ट लगा दी है और सभी पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट दे दी है.

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Agra News: ताजनगरी में पिछले साल एक थाने के मालखाने की चोरी के आरोप में गिरफ्तार हुए सफाई कर्मी अरुण बाल्मीकि की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी. परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर उनके बेटे की हत्या का आरोप लगाया था और मुकदमा दर्ज कराया था. इस मामले में कई पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई भी हुई थी. ऐसे में जांच में इन सभी पुलिसकर्मियों को अब क्लीन चिट मिल गई है. मामले की जांच कर रहे विवेचक ने मुकदमे में अपनी अंतिम रिपोर्ट लगा दी है और सभी पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट दे दी है.

अचानक अरुण की तबीयत बिगड़ी

आगरा के थाना जगदीशपुरा में विगत 17 अक्टूबर 2021 को माल खाने में रखे 25 लाख रुपए चोरी होने का मामला प्रकाश में आया था. इसके बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था. पुलिस ने इस मामले में शक के आधार पर 19 अक्टूबर को लोहा मंडी निवासी सफाई कर्मी अरुण बाल्मीकि को हिरासत में लिया था. अरुण थाने में सफाई करने आया करता था. अवधपुरी पुलिस चौकी पर अरुण से पूछताछ की गई और उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 15 लाख रुपए बरामद कर लिए थे. मगर आधी रात के बाद अचानक अरुण की तबीयत बिगड़ गई पुलिसकर्मी उसे एसएन मेडिकल ले गए जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था.

मामला काफी गरमा गया

पुलिस कस्टडी में अरुण की मौत के बाद यह मामला काफी गरमा गया और इस पर सियासत भी शुरू होने लगी. अरुण की मौत के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस पर जमकर हंगामा किया था और पुलिसकर्मियों पर हत्या का आरोप लगाया था. जब यह मामला तूल पकड़ने लगा तो कांग्रेस की प्रियंका गांधी अरुण के परिजनों से मिलने के लिए आगरा पहुँची और उन्होंने परिवार को 25 लाख की आर्थिक मदद भी दी थी. साथ ही उनके साथ कानूनी लड़ाई लड़ने का आश्वासन भी दिया था. वहीं अरुण के परिजनों से मिलने के लिए और भी कई बड़े नेता आगरा पहुंचे थे.

इन पर दर्ज हुई थी FIR

पुलिस कस्टडी में सफाई कर्मी की मौत के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था. और तत्काल कार्रवाई करते हुए एसएसपी मुनिराज ने इस्पेक्टर क्रिमिनल इंटेलिजेंस विंग आनंद शाही, एसआई योगेंद्र कुमार, सिपाही महेंद्र, सत्यम और रूपेश को निलंबित कर दिया था. वहीं परिजनों की तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा भी लिखा गया था. हिरासत में मौत के मामले में दर्ज मुकदमे की विवेचना एडीजी जोन राजीव कृष्ण ने अलीगढ़ रेंज में ट्रांसफर की थी और आईजी रेंज अलीगढ़ ने विवेचना कासगंज जिले में स्थानांतरित की थी. एसपी कासगंज रोहन प्रमोद बोत्रे ने यह विवेचना इंस्पेक्टर ढोलना ओमप्रकाश सिंह को दी थी.

हत्या के कोई भी साक्ष्य नहीं मिले

ओम प्रकाश सिंह ने विवेचना के दौरान अरुण के परिजनों के बयान भी दर्ज किए थे और परिजनों से शपथ पत्र भी दिए थे. वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर विशेषज्ञों की राय ली गई थी और उन्होंने यह बताया था कि मौत हार्ट अटैक से हुई है. और उनके शरीर पर ऐसी कोई चोट नहीं थी जिससे मारपीट से मृत्यु का पता चले. साक्ष्यों के आधार पर विवेचक ने मुकदमे में अब अंतिम रिपोर्ट लगाई है. और इसमें विवेचक के अनुसार अरुण की हत्या के कोई भी साक्ष्य नहीं मिले हैं. और ना ही पुलिस ने उसे बेरहमी से पीटा था. जिसके आधार पर सभी पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट मिली है.

रिपोर्ट : राघवेंद्र गहलोत

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