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पहली बार आरंग और दूसरी बार अहिवारा विधानसभा सीट से जीते कांग्रेस नेता गुरु रुद्रकुमार

Updated at : 17 Feb 2024 2:20 PM (IST)
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पहली बार आरंग और दूसरी बार अहिवारा विधानसभा सीट से जीते कांग्रेस नेता गुरु रुद्रकुमार

छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रुद्रकुमार कांग्रेस के युवा नेता हैं. वर्ष 2018 में दूसरी बार विधायक बने. भूपेश बघेल की कैबिनेट में मंत्री भी बने. अहिवारा (एससी) विधानसभा सीट से चुनाव जीते थे. पहली बार आरंग (एससी) सीट से विधायक चुने गए थे.

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गुरु रुद्रकुमार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के नेता हैं. छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री हैं. वर्ष 2008 में पहली बार विधायक बने थे. इसके बाद वर्ष 2018 में दूसरी बार छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव जीतकर सदन में पहुंचे और मंत्री बने. इसके पहले विधानसभा की कई समितियों में सदस्य रहे थे. राजनीति के साथ-साथ वह सामाजिक गतिविधियों में भी हिस्सा लेते रहे हैं. जगत गुरु सतनामी समाज से जुड़े हैं. छत्तीसगढ़ युवक कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे. छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव के पद पर भी काम कर चुके हैं.

2008 में पहली बार विधायक बने गुरु रुद्रकुमार

गुरु रुद्रकुमार का जन्म रायपुर में 23 जुलाई 1977 को हुआ. उनके पिता का नाम विजय कुमार गुरु है. 29 अप्रैल 1998 को गुरु रुद्रकुमार का विवाह सरिता से हुआ. दोनों की दो संतानें (एक पुत्र, एक पुत्री) हैं. रुद्रकुमार आर्ट्स में ग्रेजुएट हैं. व्यवसाय कृषि है. तैराकी का शौक है. सिंगापुर की यात्रा की है. वर्ष 2008 में पहली बार विधायक बने. वर्ष 2009 से 2011 तक छत्तीसगढ़ विधानसभा में सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति के सदस्य रहे. वर्ष 2009-10 में स्पीकर ने उन्हें विशेषाधिकार समिति का सदस्य बनाया था. वर्ष 2011 से 2013 तक पटल पर रखे गये पत्रों का परीक्षण करने संबंधी समिति में वह सदस्य रहे.

2018 में बीजेपी प्रत्याशी को 31 हजार से अधिक वोट से हराया

वर्ष 2013-14 में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेता गुरु रुद्रकुमार को विधानसभा की सदस्य सुविधा एवं सम्मान समिति का सदस्य बनाया गया. इसके बाद वर्ष 2018 के चुनाव में जीतकर जब वह विधानसभा पहुंचे, तो भूपेश बघेल की सरकार बनी और उनकी कैबिनेट में इन्हें मंत्री बनाया गया. विधानसभा चुनाव में रुद्रकुमार अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित अहिवारा विधानसभा क्षेत्र का नेतृत्व करते हैं. 2018 के चुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राजमहंत सांवला राम डहरे को 31 हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित कर दिया था. गुरु रुद्रकुमार को 54.98 फीसदी वोट प्राप्त हुए थे.

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गुरु रुद्रकुमार को मिले 88,735 वोट

पिछले विधानसभा चुनाव में इस विधानसभा सीट पर 2,20,416 वोटर मतदान के लिए पंजीकृत थे. इनमें से 82.36 फीसदी लोगों ने यानी 1,85,321 वोटर्स ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. सबसे ज्यादा 88,735 मतदाताओं ने कांग्रेस उम्मीदवार गुरु रुद्रकुमार के पक्ष में मतदान किया. दूसरे नंबर पर बीजेपी के राजमहंत सांवला राम डहरे रहे. उन्हें 35.35 फीसदी यानी 57,048 वोटरों का समर्थन मिला. बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के डॉ शोभाराम बंजारे 5,844 वोट हासिल कर तीसरे नंबर पर रहे. उन्हें 3.62 फीसदी मत प्राप्त हुए. 3,681 (2.28 फीसदी) मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना.

अहिवारा (एससी) सीट से विधायक हैं रुद्रकुमार

अहिवारा (एससी) विधानसभा सीट पर वर्ष 2008 में बीजेपी के डोमन लाल कोरसेवाडा ने जीत दर्ज की थी. वर्ष 2013 में राजमहंत सांवला राम डहरे ने बीजेपी के लिए यह सीट जीती थी. वर्ष 2018 में कांग्रेस के टिकट पर गुरु रुद्रकुमार ने चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. डॉ रमन सिंह के कार्यकाल के दौरान लगातार दो बार इस विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी ने विजय पताका लहराया था. इसके बाद वर्ष 2018 के चुनाव में बीजेपी 15 सीट पर सिमट गई. कांग्रेस पार्टी ने 68 सीट जीतकर सरकार बनाई.

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पहली बार आरंग (एससी) से विधायक बने थे गुरु

पहली बार गुरु रुद्रकुमार आरंग (एससी) विधानसभा सीट से चुने गए थे. इसके पहले इस सीट पर संजय ढीढी ने जीत दर्ज की थी. गुरु रुद्रकुमार ने वर्ष 2008 में बीजेपी को पराजित कर इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा दिलाया. वर्ष 2013 के चुनावों में आरंग (एससी) सीट पर बीजेपी ने एक बार फिर जीत दर्ज की और वर्ष 2018 के चुनावों में कांग्रेस की लहर चली और सीट एक बार फिर कांग्रेस के हाथ आ गई. पिछले चुनाव में आरंग (एससी) सीट पर कांग्रेस नेता डॉ शिवकुमार डहरिया ने जीत दर्ज की.

छत्तीसगढ़ इलेक्शन 2023 कब होंगे?

बता दें कि छत्तीसगढ़ में सात एवं 17 नवंबर को चुनाव है. पहले चरण में 20 सीट पर सात नवंबर को मतदान होगा. 17 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान होगा, जिसमें 70 विधानसभा सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी जीत के दावे कर रही है, तो बीजेपी का दावा है कि कांग्रेस सरकार के पांच साल के शासन से जनता दुखी है और अब एक बार फिर बीजेपी की सरकार छत्तीसगढ़ में लौटेगी. बहरहाल, तीन दिसंबर को जब मतगणना होगी, तभी पता चलेगा कि छत्तीसगढ़ में अबकी बार किसकी सरकार बनेगी.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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