बरेली में भाजपा के बागी ने ही BJP मेयर को हरा दिया था चुनाव, जानें यहां कब किसकी रही शहर की सरकार

उत्तर प्रदेश की बरेली नगर निगम पहले नगर महापालिका थी. यहां से चेयरमैन बनता था. वर्ष 1989 में नगर निगम बनीं. लेकिन, उस वक्त मेयर के बजाय नगर प्रमुख का पद था. नगर प्रमुख जनता से सीधे चुनने के बजाय पार्षद चुनते थे.
बरेली. उत्तर प्रदेश के बरेली नगर निगम काफी महत्वपूर्ण है. एक बार फिर यहां की महापौर (मेयर) सीट जीतने को भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा कोशिश में जुटे हैं. मगर, वर्ष 2000 में भाजपा से टिकट मांगने वाले डॉक्टर आईएस तोमर को टिकट नहीं मिला. इससे वह भाजपा से बागी हो गए. उन्होंने भाजपा से बगावत कर निर्दलीय ताल ठोक दी थी. इस चुनाव में डॉ. आईएस तोमर ने भाजपा के नगर प्रमुख (मेयर) एवं प्रत्याशी सुभाष पटेल को लंबे अंतर से चुनाव हरा दिया. इसके बाद पहली बार मेयर बने थे. वह दूसरी बार वर्ष 2012 में सपा के टिकट पर चुनाव जीतकर मेयर बने थे. हालांकि, वर्ष 2017 में भाजपा प्रत्याशी उमेश गौतम ने उन्हें करीब 12 हजार वोट से अंतर से चुनाव हरा दिया था. नगर निगम के 32 साल के इतिहास में भाजपा ने 3, सपा ने 2, और कांग्रेस ने एक बार जीत दर्ज की है. मगर, यहां बसपा का हाथी कभी नहीं दौड़ पाया है.
उत्तर प्रदेश की बरेली नगर निगम पहले नगर महापालिका थी. यहां से चेयरमैन बनता था. वर्ष 1989 में नगर निगम बनीं. लेकिन, उस वक्त मेयर के बजाय नगर प्रमुख का पद था. नगर प्रमुख जनता से सीधे चुनने के बजाय पार्षद चुनते थे. बरेली नगर निगम के पहले नगर प्रमुख 1989 में भाजपा के राजकुमार अग्रवाल बने थे. इसके बाद वर्ष 1995 में यह सीट पिछड़ी जाति (ओबीसी) में चली गई. जिसके चलते भाजपा के सुभाष पटेल ने जीत दर्ज कर की. वह नगर प्रमुख बने थे.
बरेली नगर निगम में वर्ष 2000 में नगर प्रमुख की जगह मेयर का पद हुआ था. उस वक्त भी सीट ओबीसी में थी. डॉ.आईएस तोमर भाजपा से टिकट मांग रहे थे. मगर, उन्हें टिकट नहीं मिला. जिसके चलते वह बागी हो गए. उन्होंने भाजपा के खिलाफ ताल ठोक दी. वह भाजपा प्रत्याशी नगर प्रमुख सुभाष पटेल को हराकर पहले मेयर बने थे.
Also Read: UP पुलिस ने गैंगस्टर्स की लिस्ट से चुन-चुन कर शुरू की कार्रवाई, गोरखपुर में 2 माफियाओं को जेल,संपत्ति भी कुर्क
वर्ष 2005-06 में बरेली नगर निगम की मेयर सीट महिला सामान्य हो गई. कांग्रेस की सुप्रिया ऐरन ने भाजपा की संजना जैन को लंबे अंतर से हराकर जीत दर्ज की. वह पहली महिला मेयर बनीं थीं.
2012 में दोबारा बने मेयर
नगर निगम की मेयर सीट वर्ष 2012 में सामान्य हो गई. सपा से डॉ.आईएस तोमर ने सपा से चुनाव लड़ा. उन्होंने भाजपा के गुलशन आनंद को चुनाव हराया था. मगर, 2017 में भाजपा प्रत्याशी उमेश गौतम से मेयर डॉ.आईएस तोमर चुनाव हार गए थे.
बरेली नगर निगम मेयर सीट पर 13 दावेदार हैं. मगर, यहां से भाजपा प्रत्याशी निवर्तमान मेयर उमेश गौतम और दो बार के मेयर डॉ.आईएस तोमर के बीच मुकाबला माना जा रहा है.वह सपा के समर्थन से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं.
रिपोर्ट- मुहम्मद साजिद, बरेली
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










