WB News : अब मौसम के बारे में मिलेगी और सटीक जानकारी, राज्य में लगाये जायेंगे और दो डॉप्लर रडार

Updated at : 08 Dec 2023 12:13 PM (IST)
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WB News : अब मौसम के बारे में मिलेगी और सटीक जानकारी, राज्य में लगाये जायेंगे और दो डॉप्लर रडार

बिहार का कुछ हिस्सा और लगभग पूरा बांग्लादेश का मौसम भारत की निगरानी में आ जायेगा. देश का मौसम भवन अब बांग्लादेश के हवाई क्षेत्र में सटीक मौसम की परिस्थिति की जानकारी प्रदान करने में सक्षम होगा.

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पश्चिम बंगाल के लोगों को मौसम (Weather) व आपदाओं के बारे में अब और भी सटीक जानकारी मिलेगी. बताया गया है कि इससे मौसम व आपदाओं के संबंध में सही आंकलन लगाया जा सकेगा. राहत कार्यों की तैयारी में भी काफी मदद मिलेगी. मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, दो नये डॉप्लर रडार दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर व उत्तर बंगाल के मालदा जिले में लगाये जायेंगे. इसके परिणामस्वरूप, भारतीय मौसम विभाग पूरे पश्चिम बंगाल, बिहार के कुछ हिस्से और लगभग पूरे बांग्लादेश के मौसम पर नजर रख सकेगा. वर्तमान में, राज्य का एकमात्र डॉप्लर रडार महानगर में स्थित न्यू सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग की छत पर है. हाल ही में इस इमारत का इस्तेमाल कलकत्ता उच्च न्यायालय की एनेक्स बिल्डिंग के रूप में किया जा रहा है.


मालदा व डायमंड हार्बर में होगी स्थापना

मौसम विभाग के सूत्रों के मुताबिक, मालदा में एक सी बैंड राडार लगाया जायेगा. इस रडार को लगाने की योजना काफी समय से थी. आखिरकार यह लागू होने जा रहा है. इसके परिणामस्वरूप बिहार का कुछ हिस्सा और लगभग पूरा बांग्लादेश का मौसम भारत की निगरानी में आ जायेगा. देश का मौसम भवन अब बांग्लादेश के हवाई क्षेत्र में सटीक मौसम की परिस्थिति की जानकारी प्रदान करने में सक्षम होगा. इसके लिए हमें अब बांग्लादेश पर निर्भर होने जरूरत नहीं पड़ेगी. यही नहीं, युद्ध की परिस्थितियों में भी किसी अतिरिक्त रडार को तैनात करने की आवश्यकता नहीं होगी. यह डॉप्लर रडार 350-400 किलोमीटर तक के मौसम पर नजर रख सकता है.

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रडार के जरिये बंगाल की खाड़ी में चक्रवातों पर रखी जायेगी नजर

दूसरा रडार डायमंड हार्बर में स्थापित होगा. इस एक्स बैंड रडार के जरिये बंगाल की खाड़ी में कम दबाव और चक्रवातों पर नजर रखी जायेगी. 100 किमी की रेंज वाला यह रडार आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करेगा. यह रडार डायमंड हार्बर महिला कॉलेज में स्थापित किया जायेगा. फिलहाल पूरे देश में 37 डॉप्लर रडार हैं. गौरतलब है कि डॉप्लर रडार के माध्यम से बादलों की स्थिति व ऊंचाई का तुरंत पता चल जाता है. परिणामस्वरूप, इस रडार के माध्यम से कम समय में आपदा की सटीक भविष्यवाणी की जा सकती है. इस रडार तकनीक से भारी बारिश और बिजली गिरने की भी त्वरित जानकारी मिल पायेगी.

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Shinki Singh

लेखक के बारे में

By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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