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WB News : बिना गहनों के ही सजी अनुब्रत मंडल की मां काली की प्रतिमा

Updated at : 11 Nov 2023 7:01 PM (IST)
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WB News : बिना गहनों के ही सजी अनुब्रत मंडल की मां काली की प्रतिमा

बोलपुर में तृणमूल कांग्रेस कार्यालय में होने वाली काली पूजा को अनुब्रत काली पूजा के नाम से जाना जाता है. अनुब्रत' की अनुपस्थिति का असर मातृ पूजा पर पड़ा है. 1988 में इस काली पूजा की शुरुआत अनुब्रत मंडल ने ही की थी.

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बोलपुर, मुकेश तिवारी : पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोलपुर में आयोजित होने वाली बीरभूम जिला तृणमूल कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष अनुब्रत मंडल की मां काली की प्रतिमा का रंग इस बार फीका है. सोने के आभूषणों से सुसज्जित होने वाली अनुब्रत मंडल की मां काली की प्रतिमा इस वर्ष बिना गहनों के ही है.ना तो प्रतिमा की कोई राजसी पोशाक ही है. अनुब्रत मंडल के काली पूजा का आयोजन किया जा रहा है.बोलपुर के तृणमूल कांग्रेस पार्टी कार्यालय में होने वाली काली पूजा का आयोजन हो रहा है. बीरभूम तृणमूल जिला अध्यक्ष अनुब्रत मंडल ने वर्ष 2021 तक पूजा का आयोजन स्वयं किया था. प्रतिमा की शाही सजावट सबसे अधिक चर्चा वाले विषयों में से एक रहती थी.अनुब्रत मंडल को 11 अगस्त, 2022 को गिरफ्तार किया गया था. तब से बोलपुर में तृणमूल जिला कार्यालय की काली पूजा ने लगभग अपना आकर्षण खो दिया है.

वर्तमान में, अनुब्रत मंडल के तिहाड़ जेल में है. इस वर्ष अनुब्रत मंडल की मां काली प्रतिमा को विशाल आभूषणों से नहीं सजाया जाएगा. कोई बहुत बड़ा भोज नहीं होगा. संक्षेप में कहें तो अनुब्रत मंडल की काली पूजा बिना धूमधाम के आयोजित हो रही है. बीरभूम के तृणमूल नेतृत्व पार्टी की बैठक में निर्णय लिया गया है कि अनुब्रत मंडल की अनुपस्थिति में सभी लोग चंदा कर पूजा करेंगे. हालांकि, अनुब्रत ने शारीरिक रूप से उपस्थित रहते हुए कभी भी काली पूजा के लिए वार्षिक सदस्यता एकत्र नहीं की थी.

सभी जानते हैं कि बोलपुर में तृणमूल कांग्रेस कार्यालय में होने वाली काली पूजा को अनुब्रत काली पूजा के नाम से जाना जाता है. अनुब्रत’ की अनुपस्थिति का असर मातृ पूजा पर पड़ा है. 1988 में इस काली पूजा की शुरुआत अनुब्रत मंडल ने ही की थी. बाद में इस पूजा का वैभव बढ़ता ही गया. अनुब्रत मंडल की मां काली प्रतिमा का विशेष आकर्षण सोने के आभूषण रहते थे. वर्ष 2018 की इस काली पूजा में, प्रतिमा पर सोने के आभूषण 180 भारी थे, 2019 में यह 260 भारी थे, 2020 में यह 360 भारी हुए. और 2021 में सोने के आभूषण बढ़कर 570 भरी तक पहुंच गया था. इस प्रतिमा की सजावट देखने योग्य होती थी.

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जिला ही नही बंगाल भर में चर्चा रहता था .लेकिन इस बार काली पूजा को ग्रहण लग गया. बोलपुर के विभिन्न पूजा पंडालों के होर्डिंग्स और फ्लेक्स में अनुब्रत मंडल की शानदार उपस्थिति रहती थी.  स्थानीय तृणमूल नेताओं के अनुसार, काली पूजा के प्रति जुनून कई वर्षों से पूरे बोलपुर शहर में बना हुआ है. अनुब्रत मंडल की कमी कार्यकर्ता-समर्थकों को हमेशा खलती है. बहरहाल, पूजा की सारी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. हालांकि इस काली पूजा में हजारों की संख्या में लोग जुटते थे, लेकिन पिछले साल ऐसा देखने को नहीं मिला था. देखना ये है कि इस साल क्या होता है.

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Shinki Singh

लेखक के बारे में

By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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