ALERT: एंड्रॉयड यूजर्स के लिए सरकार ने जारी की बड़ी चेतावनी, हैकर्स के निशाने पर हैं ये स्मार्टफोन
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 18 Jan 2024 8:39 AM
इंडियन कंप्यूटर एमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम (Computer Emergency Response Team) यानी सीईआरटी-इन (CERT-In) ने एंड्रॉयड 14 और उससे पुराने एंड्रॉयड वर्जन पर काम करनेवाले यूजर्स के लिए एक चेतावनी जारी की है.
Android Smartphone High Risk Warning : ज्यादातर स्मार्टफोन्स एंड्रॉयड (Android Smartphone) पर चलते हैं और अगर आपका भी हैंडसेट एंड्रॉयड वाला है, तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है. इंडियन कंप्यूटर एमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम (Computer Emergency Response Team) यानी सीईआरटी-इन (CERT-In) ने एंड्रॉयड 14 और उससे पुराने एंड्रॉयड वर्जन पर काम करनेवाले यूजर्स के लिए एक चेतावनी जारी की है. इस रिपोर्ट में ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) में मौजूद कई खामियों के बारे में बताया गया है. एंड्रायड डिवाइसेज में मौजूद इन कमियों का फायदा उठाकर हैकर्स और स्कैमर्स आपके डिवाइस पर पूरा कंट्रोल हासिल कर सकते हैं और आपकी सेंसिटिव इनफाॅर्मेशन चुरा सकते हैं.
किन खामियों का पता लगा?
CERT-In के अलर्ट नोट में बताया गया है कि एंड्रॉयड इकोसिस्टम में कई खामियां सामने आई हैं. इनमें फ्रेमवर्क, सिस्टम, गूगल प्ले सिस्टम अपडेट और कई निर्माताओं के हार्डवेयर कंपोनेंट्स शामिल हैं. इसके साथ ही, कुछ मीडियाटेक कंपोनेंट्स, इमैजिनेशन टेक्नोलॉजीज, क्वालकॉम कंपोनेंट्स, यूनिसॉक कंपोनेंट्स और क्वालकॉम क्लोज्ड-सोर्स कंपोनेंट्स में कुछ कमियों का पता लगाया गया है.
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किन स्मार्टफोन्स पर है खतरा?
सीईआरटी-इन (CERT-In) के मुताबिक, कोई भी डिवाइस जो एंड्रॉयड वर्जन 11, 12, 12एल, 13 या 14 पर चल रहा है, इस समय बड़े खतरे में है. इसमें सैमसंग, गूगल पिक्सल, वनप्लस, शाओमी, ओप्पो और कई पॉपुलर स्मार्टफोन्स शामिल हैं.
अपना फोन कैसे रखें सुरक्षित?
अपने एंड्रॉयड स्मार्टफोन को हैकर्स से बचाने के लिए, CERT-IN ने कुछ सुझाव दिये हैं. एंड्रॉयड डिवाइस की इन कमियों से खुद को सुरक्षित रखने का एकमात्र तरीका अपने डिवाइस को जल्द से जल्द अपडेट करना है. स्मार्टफोन कंपनियां भी इन खामियों को दूर करने के लिए सिक्योरिटी पैच जारी कर रहे हैं. हालांकि ब्रांड और मॉडल के आधार पर इनकी उपलब्धता में कुछ और समय लग सकता है.
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ऑन करें ऑटोमैटिक अपडेट
आपके हैंडसेट में अगर ऑटोमैटिक अपडेट ऑप्शन उपलब्ध है, तो हमारी सलाह है कि जल्द से जल्द इसे ऑन कर लें. इसके जरिये सिक्योरिटी पैच जैसे ही उपलब्ध होगा, तो वह अपने आप डाउनलोड और इंस्टॉल हो जाएगा, जिससे आप अपने फोन को संभावित खतरों से बचा सकते हैं.
बग से क्या-क्या खतरे हैं?
CERT-In की रिपोर्ट के अनुसार, इन बग की मदद से हैकर्स आपके फोन में मालवेयर भी इंस्टॉल कर सकते हैं. आपके निजी डेटा तक उनकी पहुंच हो सकती है. हैकर्स आपके पासवर्ड, कॉन्टैक्ट, फोटो, बैंकिंग डेटा और फोन में मौजूद सभी जानकारी ले सकते हैं. फोन को पूरी तरह से अपने कंट्रोल में ले सकते हैं. यूजर की एक्टिविटी पर नजर रख सकते हैं.
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इसका समाधान क्या है ?
बड़ा सवाल यह है कि इस बग से निपटने का रास्ता क्या है. सबसे सटीक और बेहतर तरीका यह है कि आपको अपने फोन को तुरंत अपडेट करना है. यदि कोई सॉफ्टवेयर अपडेट आया है, तो उसे नजरअंदाज ना करें, उसे इंस्टॉल करें. इसके साथ ही, यदि आपके फोन में ऐसा कोई ऐप दिखाई दे रहा है, जिसे आपने डाउनलोड नहीं किया है, तो उसे तुरंत डिलीट करें. किसी भी थर्ड पार्टी स्टोर से ऐप डाउनलोड न करें.
थर्ड पार्टी ऐप्स यूज करने में रहें अलर्ट
अपने फोन में कोई भी ऐप इंस्टॉल करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें. आपका फोन अगर एंड्रॉयड ओएस पर चलता है, तो उसे केवल गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) जैसे भरोसेमंद सोर्स से ही ऐप्स इंस्टॉल करें. थर्ड पार्टी वेबसाइट्स या ऐप स्टोर से ऐप्स डाउनलोड न करने की सलाह दी जाती है.
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By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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