एक ही बैट से लोंग और शार्ट शॉट का तरीका खोजने वाले प्रो शमशाद ने दिव्यांगों लिए ईजाद की साइकिल, पेटेंट मिला
Published by : अनुज शर्मा Updated At : 02 Aug 2023 10:02 PM
अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के बॉयज पॉलिटेक्निक के एसोसिएट प्रोफेसर शमशाद अली ने दिव्यांगों के लिए एक विशेष साइकिल का आविष्कार किया है. भारत सरकार ने इसका पेटेंट भी मंजूर कर दिया है.
अलीगढ़: अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के बॉयज पॉलिटेक्निक के एसोसिएट प्रोफेसर शमशाद अली ने दिव्यांगों के लिए एक विशेष साइकिल का आविष्कार किया है. इस खोज के लिए भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय ने उन्हें पेटेंट (नंबर 441899 ) प्रदान किया गया है. प्रो शमशाद अली ने कहा कि इस साइकिल (आविष्कार ) में एक अटैचमेंट प्रदान किया गया है. इससे साइकिल को पीछे खींचने के लिए पहिये लगे हैं ताकि जब साइकिल स्थिर हो या धीरे-धीरे चल रही हो तो वह सीधी रहे. सवार किसी अन्य व्यक्ति की सहायता के बिना साइकिल पर बैठ सकते हैं. उन्होंने बताया कि इससे दिव्यांगों या बुजुर्ग लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा. उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा. वे बिना सहयोग के साइकिल के दो पहियों पर संतुलन बनाने में सक्षम होंगे. यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक के प्रिंसिपल प्रोफेसर अरशद उमर ने शमशाद अली को उनके अभिनव डिजाइन के लिए आठवां पेटेंट प्राप्त करने के लिए बधाई दी है.

एसोसिएट प्रोफेसर शमशाद अली ने बताया कि जब साइकिल अपनी सामान्य गति प्राप्त कर लेती है, तो सहायक पहियों को कंपाउंड लीवर हैंडल की मदद से बहुत कम प्रयास और घर्षण हानि के साथ जमीन से ऊपर उठाया जा सकता है. उन्हें कम करने के लिए लॉक किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि जब ब्रेक लगाकर साइकिल को रोका या धीमा किया जाता है, तो साइकिल को सीधी स्थिति में रखने के लिए सहायक पहिये स्वचालित रूप से पीछे हट जाएंगे और सवार को गिरने – घायल होने से बचाया जा सकेगा. एसोसिएट प्रोफेसर शमशाद अली ने एएमयू से एमटेक की एजुकेशन ली है. वह पीएचडी भी कर रहे हैं. एएमयू में एसोसिएट प्रोफेसर हैं. उनका काम करने का क्षेत्र ऊर्जा संरक्षण, निर्माण विज्ञान, गैर पारंपरिक मशीनी प्रक्रिया है. शमशाद अली का सोलर इलेक्ट्रिक व्हीकल पर पेपर पब्लिश हो चुका है. अब तक उन्होंने उन्होंने अपने बनाए हुए मशीन का 8 पेटेंट ले चुके हैं.
Also Read: UP Politics : यूपी में बीजेपी गठबंधन को बढ़त लेकिन सीटों का बंटवारा पेचीदा !एसोसिएट प्रोफेसर शमशाद अली नए-नए इनोवेशन करते आ रहे हैं. इससे पहले भी क्रिकेट बैट के हैंडल के साथ उन्होंने नया प्रयोग किया इसमें उन्होंने एक ही बैट से लोंग शॉट खेलने और शार्ट शॉट खेलने का तरीका ईजाद किया. इससे खिलाड़ी को दूसरे बैट की जरूरत नहीं पड़ती है. इस बैट का उन्होंने पेटेंट भी कराया. वही, बॉलिंग करता हुआ रोबोट के प्रोजेक्ट पर भी काम किया. इतना ही नहीं आज वह एलपीजी ईंधन की बचत के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं.

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