अलीगढ़: अफ्रीकन स्वाइन फीवर से 60 सुअरों की मौत, डीएम ने जारी किया अलर्ट, मांस बिक्री पर लगाई रोक

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 15 May 2023 1:20 PM

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अलीगढ़ में सुअरो में अफ्रीकन स्वाइन फीवर ने दस्तक दी है. करीब 60 से ज्यादा सूअरों की मौत हो चुकी है. जिसके बाद जिलाधिकारी ने क्षेत्र में अलर्ट घोषित किया है. साथ ही सूअर और उससे निर्मित उत्पादों पर भी रोक लगा दी गई है.

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Aligarh : यूपी के अलीगढ़ में सुअरो में अफ्रीकन स्वाइन फीवर ने दस्तक दी है. करीब 60 से ज्यादा सूअरों की मौत हो चुकी है. जिसके बाद जिलाधिकारी ने क्षेत्र में अलर्ट घोषित किया है. साथ ही सूअर और उससे निर्मित उत्पादों पर भी रोक लगा दी गई है.वहीं सैनिटाइजेशन और सघन सफाई करने का निर्देश दिया गया है.

इसके साथ मुख्य पशु चिकित्सक डॉक्टर एमपी सिंह ने बताया कि अफ्रीकन स्वाइन में वायरस केवल सूअरों को प्रभावित करता है. बरेली स्थिति भारतीयी पशु अनुसंधान संस्थान ने अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि की है. जिला प्रशासन ने सूअर बाजार पर भी तत्काल रोक लगा दी है.

पशु चिकित्सा अनुसंधान ने की पुष्टि

दरअसल, अनूपशहर रोड पर सूकर प्रजनन केंद्र और सीडीएफ सेंटर पर एक मई को कुछ सूअरों की मौत हुई थी. तीन-चार दिनों में करीब 60 से अधिक सूअरों की मौत हो गई. इसके बाद मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर और बरेली में सूचित किया. वहीं बरेली से आई टीम ने सुअरों का सैंपल 4 मई को लिया. जिसके बाद 6 मई को अफ्रीकन स्वाइन वायरस की पुष्टि हुई.

वही, जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने सूअर और उससे जुड़े उत्पाद पर पूरी तरह रोक लगा दी है. डीएम के निर्देश के अनुसार रोक प्रभावित क्षेत्र में सुअरो के आवागमन को प्रतिबंधित किया गया है. किसी भी प्रकार के सूअर बाजार का आयोजन पूर्णता प्रतिबंधित रहेगा. वहीं सुअरो के मांस की बिक्री भी प्रतिबंधित किया है.

उपचार के लिए जागरुकता अभियान

इसके साथ ही सीडीएफ सेंटर के पास सघन सफाई डिसइन्फेक्शन और सैनिटाइजेशन का कार्य स्थानीय निकायों द्वारा युद्ध स्तर पर किया जा रहा है. इस बीमारी से पीड़ित सुअरों का उपचार जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है. गौवंश में लंपी बामारी की रोक थाम कर ही पाये थे. कि सूअरों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर ने फिर संकट खड़ा कर दिया है.

वायरस जानवरों को प्रभावित करता है

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ एमपी सिंह ने बताया कि देश में पहली बार यह वायरस 2019 में नॉर्थ ईस्ट में पाया गया था. जिसके बाद अब यह वायरस अलीगढ़ में पाया गया है. इससे पहले साउथईस्ट एशिया में मिला था. जिसके बाद भारत में दस्तक हुई. उन्होंने बताया कि यह वायरस सूअरों को छोड़कर न किसी इंसान और न ही किसी जानवर को प्रभावित करता है. यह सूअरों में होने वाली बीमारी है.

रिपोर्ट- आलोक, अलीगढ़

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