WATCH: 52 करोड़ में खरीदा ‘केला’ खा गया शख्स, बताया कैसा था स्वाद

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Crypto entrepreneur justin sun eats duct taped banana artwork

शख्‍स ने खरीदकर खाया 52 करोड़ का केला

WATCH: सन से जब पूछा गया कि इतने महंगे केले का स्वाद उन्हें कैसा लगा, तो उन्होंने कहा कि यह बाकी केलों की तुलना में बहुत बेहतर था.

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WATCH: चीनी मूल के क्रिप्टोकरेंसी संस्थापक जस्टिन सन ने एक अनोखा कारनामा किया है. उन्होंने 6.2 मिलियन डॉलर (52.4 करोड़ रुपये) खर्च कर इटली के कलाकार मौरिजियो कैटेलन द्वारा बनायी गई दीवार पर चिपकी केले की कलाकृति खरीदी और फिर उसे मीडिया के सामने खा लिया.

कला और क्रिप्टो के बीच समानता

हांगकांग में हुए एक कार्यक्रम में, जस्टिन सन ने फल के स्वाद के बारे में बताया. इसके साथ ही, उन्होंने कला और क्रिप्टो के बीच समानताओं के बारे में भी बताया. सन से जब पूछा गया कि इतने महंगे केले का स्वाद उन्हें कैसा लगा, तो उन्होंने कहा कि यह बाकी केलों की तुलना में बहुत बेहतर था.

कला और लोकप्रिय संस्कृति में इसके महत्व को सम्मान

52 करोड़ रुपये से भी महंगा केला खाने का यह उपक्रम, कला के इतिहास का हिस्सा बनने के लिए किया गया था. सन ने नीलामी जीतने के तुरंत बाद घोषणा की थी कि वह इस केले को खाकर कला और लोकप्रिय संस्कृति में इसके महत्व को सम्मानित करेंगे. इससे पहले 2019 और 2023 में भी ऐसे केले खाए जा चुके हैं, लेकिन तब किसी ने पैसे खर्च नहीं किये थे. इस कार्यक्रम में शामिल हर व्यक्ति को एक केला और डक्ट टेप का रोल उपहार में दिया गया.

Artwork के नाम पर 52.5 करोड़ में बिका दीवार पर टेप से चिपका यह केला

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राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

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राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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