WATCH: 52 करोड़ में खरीदा 'केला' खा गया शख्स, बताया कैसा था स्वाद

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 30 Nov 2024 1:09 PM

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शख्‍स ने खरीदकर खाया 52 करोड़ का केला

WATCH: सन से जब पूछा गया कि इतने महंगे केले का स्वाद उन्हें कैसा लगा, तो उन्होंने कहा कि यह बाकी केलों की तुलना में बहुत बेहतर था.

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WATCH: चीनी मूल के क्रिप्टोकरेंसी संस्थापक जस्टिन सन ने एक अनोखा कारनामा किया है. उन्होंने 6.2 मिलियन डॉलर (52.4 करोड़ रुपये) खर्च कर इटली के कलाकार मौरिजियो कैटेलन द्वारा बनायी गई दीवार पर चिपकी केले की कलाकृति खरीदी और फिर उसे मीडिया के सामने खा लिया.

कला और क्रिप्टो के बीच समानता

हांगकांग में हुए एक कार्यक्रम में, जस्टिन सन ने फल के स्वाद के बारे में बताया. इसके साथ ही, उन्होंने कला और क्रिप्टो के बीच समानताओं के बारे में भी बताया. सन से जब पूछा गया कि इतने महंगे केले का स्वाद उन्हें कैसा लगा, तो उन्होंने कहा कि यह बाकी केलों की तुलना में बहुत बेहतर था.

कला और लोकप्रिय संस्कृति में इसके महत्व को सम्मान

52 करोड़ रुपये से भी महंगा केला खाने का यह उपक्रम, कला के इतिहास का हिस्सा बनने के लिए किया गया था. सन ने नीलामी जीतने के तुरंत बाद घोषणा की थी कि वह इस केले को खाकर कला और लोकप्रिय संस्कृति में इसके महत्व को सम्मानित करेंगे. इससे पहले 2019 और 2023 में भी ऐसे केले खाए जा चुके हैं, लेकिन तब किसी ने पैसे खर्च नहीं किये थे. इस कार्यक्रम में शामिल हर व्यक्ति को एक केला और डक्ट टेप का रोल उपहार में दिया गया.

Artwork के नाम पर 52.5 करोड़ में बिका दीवार पर टेप से चिपका यह केला

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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