Samsung, Vivo, Oppo और OnePlus स्मार्टफोन्स हुए महंगे, जानें मेमोरी चिप्स की महंगाई ने कैसे बिगाड़ा बजट
मल्टी-ब्रांड स्मार्टफोन्स / सिम्बॉलिक पिक एआई से बनी
मेमोरी और चिपसेट की लागत बढ़ने से Realme, Samsung, Vivo, Oppo और OnePlus ने अपने कई स्मार्टफोन्स महंगे कर दिए हैं. जानें किस ब्रांड ने कितनी बढ़ाई कीमतें और आगे का अनुमान.
भारतीय स्मार्टफोन बाजार में नया फोन खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए बुरी खबर है. वैश्विक बाजार में मेमोरी चिप्स और प्रमुख स्पेयर पार्ट्स की कीमतें बढ़ने की वजह से सैमसंग, रियलमी, ओप्पो, वीवो और वनप्लस जैसी दिग्गज ब्रांड्स ने अपने कई चुनिंदा हैंडसेट के दाम बढ़ा दिए हैं. कंपनियों ने चुपके से अपने बजट, मिड-रेंज और प्रीमियम सेगमेंट के स्मार्टफोन्स की कीमतों में इजाफा किया है. ऐसे समय में जब आम ग्राहक पहले से ही महंगाई और आर्थिक तंगी के चलते नई खरीदारी को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं, टेक ब्रांड्स का यह कदम सीधे तौर पर जेब पर भारी पड़ने वाला है.
12,000 रुपये तक महंगे हुए पॉपुलर ब्रांड्स के फोन
टेक रिपोर्ट्स के मुताबिक, रियलमी ने 18 अगस्त से अपने कई लोकप्रिय मॉडल्स की कीमतों में 1,000 से 4,000 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की है. ओप्पो की बात करें तो कंपनी ने अपनी रेनो (Reno) और ए-सीरीज के स्मार्टफोन्स के दाम 5,000 रुपये तक बढ़ा दिए हैं. वीवो ने भी अलग-अलग वेरिएंट्स के हिसाब से 500 से 4,000 रुपये तक का इजाफा किया है. सबसे बड़ा झटका दिग्गज टेक कंपनी सैमसंग ने दिया है, जहां उसकी गैलेक्सी एस-सीरीज (जैसे Galaxy S25 वेरिएंट), एम-सीरीज और एफ-सीरीज के चुनिंदा फोन 12,000 रुपये तक महंगे हो गए हैं. इसी तरह वनप्लस ने अपने हैंडसेट्स में 2,000 से 4,000 रुपये की बढ़ोतरी की है.
क्यों बढ़ रहे हैं मोबाइल हैंडसेट के दाम?
कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी के पीछे मोबाइल इंडस्ट्री पर पड़ रहा भारी कंपोनेंट कॉस्ट का दबाव है. स्मार्टफोन निर्माताओं के अनुसार, आधुनिक फोन्स में इस्तेमाल होने वाले रैम, स्टोरेज चिप्स और सेमीकंडक्टर प्रोसेसर की लागत में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. वनप्लस इंडिया के आधिकारिक प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि इंडस्ट्री में सप्लाई चेन और मेमोरी चिप्स के दाम बढ़ने से उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है, जिसे मैनेज करने के लिए कीमतों में समायोजन करना मजबूरी बन गया है.
आने वाले महीनों में 10% तक और बढ़ सकती हैं कीमतें
बाजार विश्लेषकों और रिसर्च फर्म्स की मानें तो स्मार्टफोन महंगे होने का यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है. इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (IDC) की सीनियर रिसर्च मैनेजर उपासना जोशी के अनुसार, कंपोनेंट की बढ़ती लागत के चलते 2026 की दूसरी तिमाही के अंत तक ही स्मार्टफोन्स की औसत सेलिंग प्राइस (ASP) में लगभग 15 प्रतिशत का उछाल आ चुका था. विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि सेमीकंडक्टर और मेमोरी मार्केट में यही स्थिति बनी रही, तो आगामी महीनों में फोन्स की औसतन कीमतों में 7 से 10 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि देखने को मिल सकती है.
सेल और ऑफर्स का इंतजार कर रहे भारतीय ग्राहक
मार्केट रिसर्च एजेंसी काउंटरपॉइंट (Counterpoint) के डेटा के अनुसार, अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच भारतीय स्मार्टफोन बाजार में बिक्री का स्तर पिछले साल की तुलना में काफी धीमा रहा है. हालांकि, एमेजॉन प्राइम डे (Amazon Prime Day) और फ्लिपकार्ट गोट सेल (Flipkart GOAT Sale) जैसे बड़े ई-कॉमर्स डिस्काउंट इवेंट्स के दौरान बिक्री में थोड़ी रिकवरी देखी गई थी. लेकिन डिस्काउंट ऑफर्स खत्म होते ही बाजार की स्थिति फिर सुस्त हो गई. अब ग्राहक ज्यादा कीमत चुकाने की बजाय आगामी फेस्टिव सीजन और मेगा सेल्स का इंतजार कर रहे हैं.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
उत्तर: वैश्विक स्तर पर रैम, फ्लैश मेमोरी चिप्स और प्रोसेसर जैसे मुख्य कंपोनेंट्स की उत्पादन लागत बढ़ने के कारण स्मार्टफोन कंपनियों को कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं.
उत्तर: रिपोर्ट्स के मुताबिक सैमसंग के चुनिंदा फ्लैगशिप मॉडल्स (जैसे Galaxy S25 सीरीज वेरिएंट) की कीमतों में सबसे ज्यादा 12,000 रुपये तक का इजाफा हुआ है.
उत्तर: विशेषज्ञों का अनुमान है कि मेमोरी और स्पेयर पार्ट्स की बढ़ती लागत के कारण आने वाले महीनों में स्मार्टफोन की औसत कीमतों में 7 से 10 प्रतिशत की और बढ़ोतरी हो सकती है.
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