साइबर अपराध पर रिपोर्टिंग के लिए भारतीय पत्रकारों को मिला पुलित्जर पुरस्कार

Updated:
विज्ञापन

सुपर्णा शर्मा और आनंद आर.के. ने साइबर धोखाधड़ी उजागर कर जीता पुलित्जर पुरस्कार / फोटोज एक्स से

भारतीय पत्रकार आनंद आर.के. और सुपर्णा शर्मा को डिजिटल निगरानी और साइबर धोखाधड़ी पर रिपोर्टिंग के लिए पुलित्जर पुरस्कार मिला है. उनकी रिपोर्ट ‘Trapped’ ने वैश्विक स्तर पर साइबर अपराध के खतरे को उजागर किया.

विज्ञापन

भारतीय पत्रकारिता ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी ताकत साबित की है. न्यूयॉर्क में घोषित पुलित्जर पुरस्कार 2026 में दो भारतीय पत्रकारों- आनंद आर.के. और सुपर्णा शर्मा को सम्मानित किया गया है. इन दोनों ने डिजिटल निगरानी और साइबर धोखाधड़ी पर गहन पड़ताल करते हुए ऐसी रिपोर्ट तैयार की, जिसने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया को हिला दिया.

विज्ञापन

किस काम के लिए मिला सम्मान

आनंद और सुपर्णा को पुलित्जर की ‘Illustrated Reporting and Commentary’ श्रेणी में यह पुरस्कार दिया गया है. उन्होंने ब्लूमबर्ग की पत्रकार नताली ओबिको पियर्सन के साथ मिलकर ‘Trapped’ शीर्षक से एक रिपोर्ट तैयार की थी. इसमें भारत की एक न्यूरोलॉजिस्ट की कहानी सामने लाई गई, जिन्हें साइबर अपराधियों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का शिकार बनाया था. तस्वीरों और शब्दों के अनूठे संयोजन से तैयार इस रिपोर्ट ने डिजिटल ठगी के बढ़ते खतरे को बेहद प्रभावशाली ढंग से उजागर किया.

साइबर अपराध पर गहरी चोट

यह रिपोर्ट सिर्फ एक घटना का विवरण नहीं थी, बल्कि उसने यह दिखाया कि किस तरह डिजिटल निगरानी और ऑनलाइन धोखाधड़ी आम लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही है. रिपोर्ट ने यह चेतावनी दी कि साइबर अपराध अब केवल वित्तीय नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक और सामाजिक स्तर पर भी गंभीर असर डाल रहा है.

पुलित्जर पुरस्कार का महत्व

पुलित्जर पुरस्कार कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किया जाता है और इसे पत्रकारिता, साहित्य और संगीत के क्षेत्र में सर्वोच्च सम्मान माना जाता है. भारतीय पत्रकारों का इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को जीतना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय पत्रकारिता की वैश्विक पहचान को भी मजबूत करता है.

भारतीय पत्रकारिता की नई पहचान

आनंद आर.के. और सुपर्णा शर्मा की यह उपलब्धि आने वाले समय में भारतीय पत्रकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक अवसर दिला सकती है. यह साबित करता है कि भारतीय पत्रकारिता न केवल स्थानीय मुद्दों पर बल्कि वैश्विक चुनौतियों पर भी गहरी और प्रभावशाली रिपोर्टिंग करने में सक्षम है.

यह भी पढ़ें: CBI-ED वाले बनकर डिजिटल अरेस्ट कर रहे ठग, जिंदगीभर अफसोस कराएगी आपकी एक गलती

यह भी पढ़ें: पुणे में डिजिटल अरेस्ट स्कैम, 1.2 करोड़ गंवाने के सदमे से 83 साल के बुजुर्ग की मौत, आप रहें अलर्ट

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola