एक बढ़िया ईयरबड्स लेते समय क्या-क्या देखें? पैसे खर्च करने से पहले जरूर जानें

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Earbuds Buying Tips

ईयरबड्स (Photo: bestproducts.com)

Earbuds Buying Tips: अच्छे ईयरबड्स चुनना सिर्फ दिखने या कीमत पर डिपेंड नहीं करता. सही साउंड, काम का फीचर, कंफर्टेबल फिट और भरोसेमंद बैटरी जैसे फैक्टर मिलकर असली एक्सपीरियंस बनाते हैं. आइए इसे डिटेल में समझते हैं.

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Earbuds Buying Tips: सही ईयरबड्स चुनना जितना सिंपल लगता है, उतना होता नहीं है. कई ऐसे जरूरी फैक्टर्स होते हैं जो आपके पूरे एक्सपीरियंस को बदल सकते हैं. अगर आपने इन्हें इग्नोर कर दिया, तो हो सकता है कि जो ईयरबड्स आप खरीदें, वो आपकी उम्मीदों पर बिल्कुल भी खरे न उतरें. इसलिए आइए जानते हैं एक अच्छे ईयरबड्स लेते समय किन चीजों को चेक करना चाहिए.

साउंड क्वालिटी और कोडेक सपोर्ट 

जब भी आप कोई ऑडियो डिवाइस खरीदते हैं, तो सबसे पहले ध्यान उसकी साउंड क्वालिटी पर जाना चाहिए. एक अच्छी ईयरबड्स या हेडफोन की जोड़ी वही होती है जिसमें साउंड बैलेंस्ड हो. मतलब वोकल्स साफ सुनाई दें, हाइस (Highs) डिटेल्ड हों और बास जरूरत से ज्यादा भारी न होकर कंट्रोल में रहे.

इसके साथ ही कोडेक सपोर्ट (codec support) पर ध्यान दें. दरअसल Bluetooth के codecs जैसे AAC, aptX या LDAC ये तय करते हैं कि वायरलेस ट्रांसमिशन के दौरान आपकी ऑडियो क्वालिटी कितनी डिटेल में बनी रहेगी. अगर आपके डिवाइस में बेहतर codec सपोर्ट है, तो आपको म्यूजिक ज्यादा साफ, रिच और ओरिजिनल साउंड के करीब सुनाई देगा.

एक्टिव नॉइज कैंसलेशन (ANC) 

एक्टिव नॉइज कैंसलेशन (ANC) आज के समय में लिसनिंग एक्सपीरियंस को काफी बेहतर बना देता है. सोचिए आप ट्रैवल कर रहे हैं, मेट्रो या बस में बैठे हैं, या फिर किसी बीजी ऑफिस में काम कर रहे हैं, ऐसे में आसपास का शोर बहुत डिस्ट्रैक्ट करता है. ANC इन लगातार आने वाली आवाजों को कम कर देता है.

आराम, फिट और लंबे समय तक यूज 

अक्सर लोग आराम (comfort) को हल्के में ले लेते हैं, लेकिन यही तय करता है कि आप अपने ईयरबड्स को कितनी देर तक आसानी से यूज कर पाएंगे. हर इंसान के कान अलग होते हैं, इसलिए अलग-अलग साइज के ईयर टिप्स, हल्का डिजाइन और कान के हिसाब से बना हुआ शेप (ergonomic design) लंबे समय तक यूज के लिए बहुत जरूरी होते हैं.

अगर ईयरबड्स सही से फिट नहीं होते, तो आवाज बाहर निकलती है, बेस कम हो जाता है और थोड़ी देर में ही असहज महसूस होने लगता है.

बैटरी परफॉर्मेंस 

बैटरी परफॉर्मेंस भी एक बहुत जरूरी फैक्टर है. लेकिन यहां सिर्फ कंपनी के बड़े-बड़े दावों पर भरोसा करना सही नहीं होता. अक्सर ब्रांड्स कुल बैटरी लाइफ (चार्जिंग केस के साथ) को हाइलाइट करते हैं, जबकि असली खेल सिंगल चार्ज पर मिलने वाले बैकअप का होता है. आजकल ज्यादातर ईयरबड्स एक बार चार्ज करने पर करीब 6-8 घंटे तक आराम से चल जाते हैं, और चार्जिंग केस के साथ ये पूरे दिन या उससे भी ज्यादा.

कीमत बनाम वैल्यू: आप वास्तव में किस चीज के लिए पैसे दे रहे हैं?

सिर्फ कीमत देखकर ईयरबड्स चुनना हमेशा समझदारी नहीं होती. महंगे मॉडल्स में भले ही बेहतर ANC, हाई-क्वालिटी codecs और प्रीमियम बिल्ड जैसे फीचर्स मिलते हैं, लेकिन सच ये है कि कई मिड रेंज ईयरबड्स भी लगभग वैसा ही एक्सपीरियंस दे देते हैं.

इसलिए जरूरी है कि आप पहले ये समझें कि आपके लिए कौन-से फीचर्स सच में मायने रखते हैं. बेवजह उन चीजों पर पैसा खर्च करने का कोई फायदा नहीं है जिन्हें आप इस्तेमाल ही नहीं करेंगे.

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Ankit Anand

लेखक के बारे में

By Ankit Anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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