PM Kisan: 11 करोड़ किसानों के खाते में 30 सेकेंड में कैसे चले जाते हैं पैसे? PM मोदी ने बता दिया सबकुछ

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 19 Jun 2024 8:41 AM

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PM Kisan Yojana

PM Kisan Samman Nidhi Yojana : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल का पहला फैसला किसानों के हित में लिया है. मोदी सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी कर दी है. करोड़ों किसानों के खाते में महज कुछ सेकेंड में रुपये कैसे ट्रांसफर कर दिये जाते हैं? पीएम मोदी ने हाल ही में इसके बारे में बताया-

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PM Kisan Scheme 2024: मोदी सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी कर दी है. पीएम किसान योजना के तहत सरकार देश के किसानों को साल में 3 बार 2-2 हजार रुपये की किस्त जारी करती है. मोदी सरकार के इस कदम से देशभर 9.3 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे. लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि सरकार महज कुछ सेकेंडों में करोड़ों किसानों के खातों में पैसे कैसे ट्रांसफर कर देती है? इसके पीछे कौन-सी तकनीक काम करती है? दरअसल, पिछले दिनों पीएम मोदी ने खुद ही इस बारे में बताया-

मात्र 30 सेकेंड का समय लगता है

प्रधानमंत्री नरेंद मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार साल में तीन बार देश के लगभग 10 करोड़ किसानों को किसान सम्मान निधि योजना के तहत 2-2 हजार की किस्त में उनके बैंक खातों में 6000 रुपये जमा करती है. आपको यह जानकर आश्चर्य हो सकता है कि करोड़ों खाते में पैसा जमा करने में मोदी सरकार को मात्र 30 सेकेंड का समय लगता है. यह जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद हाल ही में दी. उन्होंने इंडियाटीवी को दिये एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी.

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लोगों को मिला तकनीक का फायदा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह कमाल टेक्नोलॉजी और सरकार की दूरगामी नीतियों के कारण संभव हुआ है. उन्होंने बताया कि साल 2014 में जब वह पहली बार प्रधानमंत्री बने थे, तो देश की लगभग आधी अबादी के पास बैंक खाता नहीं था. तब मोदी सरकार ने सबसे पहले जन धन खाते खोले. पीएम मोदी ने बताया कि इसी की वजह से आज सरकार की डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजना (डीबीटी स्कीम) का पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा होता है. कोई बिचौलिया बीच में एक पैसे की चोरी नहीं कर पाता है. प्रधानमंत्री ने आगे बताया कि कोरोना के समय हमने करोड़ों लोगों को इस तकनीक जनित बैंकिंग क्रांति के दम पर बिना किसी परेशानी के मदद पहुंचायी. आज देश के सभी परिवार को सरकारी स्कीम का लाभ हम आसानी से पहुंचा पा रहे हैं. कोई भी उनके हक का पैसा बीच में नहीं खा पा रहा है. यह सब टेक्नोलॉजी के दम पर संभव हो पाया है.

किसान सम्मान निधि क्या है?

केंद्र सरकार की ओर से पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को हर साल 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. किसानों के खाते में प्रत्येक 4 महीने पर 2-2 हजार रुपये की राशि 3 किस्तों में भेजी जाती है. इस स्कीम के तहत एडवांस डिजिटल टेक्नोलॉजी के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के द्वारा लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता है. सरकार का कहना है कि योजना को अधिक कुशल, प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए किसान-केंद्रित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार सुधार किये गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो कि योजना का लाभ बिचौलियों के बिना, देशभर के सभी किसानों तक पहुंचे. मालूम हाे कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पोर्टल को यूआईडीएआई, पीएफएमएस (सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली), भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) और आयकर विभाग के पोर्टल के साथ इंटीग्रेट किया गया है.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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