आपके बारे में दोस्तों से भी ज्यादा जानता है आपका फोन, नोट करें जरूरी प्राइवेसी टिप्स

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 10 Mar 2026 3:51 PM

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Android और iPhone यूजर्स के लिए 5 जरूरी प्राइवेसी टिप्स

आपका स्मार्टफोन सिर्फ कॉल और मैसेज तक सीमित नहीं है. यह आपकी लोकेशन, सर्च हिस्ट्री, ऐप एक्टिविटी और यहां तक कि कीबोर्ड डेटा तक रिकॉर्ड करता है. कंपनियां इस डेटा से आपके हैबिट्स का अनुमान लगाती हैं. प्राइवेसी सेटिंग्स चेक करके आप अपनी जानकारी को सुरक्षित रख सकते हैं.

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आज की डिजिटल दुनिया में स्मार्टफोन सिर्फ कॉल और मैसेज का साधन नहीं रहा. आपका फोन हर दिन आपकी लोकेशन, सर्च हिस्ट्री, ऐप यूज, खरीदारी की आदतें और यहां तक कि स्क्रीन पर बिताया गया समय भी रिकॉर्ड करता है. यही वजह है कि टेक कंपनियां यूजर के व्यवहार को समझकर उसी हिसाब से विज्ञापन और सेवाएं दिखाती हैं. चाहे आप Android इस्तेमाल करते हों या iOS, कुछ प्राइवेसी सेटिंग्स को सही तरीके से मैनेज करके आप अपने डेटा को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं.

लोकेशन हिस्ट्री: आपका हर कदम रिकॉर्ड हो सकता है

अधिकतर स्मार्टफोन में लोकेशन सर्विस डिफॉल्ट रूप से ऑन रहती है. इससे कई ऐप्स लगातार आपकी लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं. यह डेटा विज्ञापन और सुझावों के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

Android में कैसे बंद करें?

  • Settings → Location → Location Services
  • Location History या Google Location History बंद करें
  • जिन ऐप्स को जरूरत नहीं, उनके लिए Location permission “Allow only while using app” करें.

iPhone में कैसे बंद करें?

  • Settings → Privacy & Security → Location Services
  • नीचे जाकर Significant Locations बंद करें
  • हर ऐप के लिए “Never” या “While Using the App” विकल्प चुनें.

ऐप परमिशन: हर ऐप को सब कुछ जानने की जरूरत नहीं

कई ऐप्स कैमरा, माइक्रोफोन, कॉन्टैक्ट्स और स्टोरेज जैसी संवेदनशील परमिशन मांगते हैं. लेकिन हर ऐप को इन सबकी जरूरत नहीं होती.

क्या करें?

  • Settings → Privacy → Permission Manager (Android)
  • Settings → Privacy & Security → App Permissions (iPhone)
  • जिन ऐप्स का इस्तेमाल कम करते हैं, उनकी परमिशन हटा दें.

विज्ञापन आईडी ट्रैकिंग बंद करें

फोन में एक Advertising ID होता है, जिससे कंपनियां आपकी ऑनलाइन गतिविधियों के आधार पर विज्ञापन दिखाती हैं.

Android में

  • Settings → Privacy → Ads
  • Delete Advertising ID या Opt out of Ads Personalization.

iPhone में

  • Settings → Privacy & Security → Tracking
  • Allow Apps to Request to Track को बंद करें.

बैकग्राउंड डेटा पर नजर रखें

कई ऐप्स बैकग्राउंड में डेटा भेजते और लेते रहते हैं, जिससे आपकी गतिविधि रिकॉर्ड होती रहती है.

Android

  • Settings → Apps → Data Usage
  • अनचाहे ऐप्स का Background data बंद करें.

iPhone

  • Settings → General → Background App Refresh
  • जिन ऐप्स की जरूरत नहीं, उन्हें बंद करें.

नियमित रूप से प्राइवेसी चेक करें

अगर आप सच में अपने डेटा को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो महीने में एक बार फोन की प्राइवेसी सेटिंग्स जरूर चेक करें.

  • ऐप परमिशन
  • लोकेशन ऐक्सेस
  • माइक्रोफोन और कैमरा ऐक्सेस
  • ब्राउजर ट्रैकिंग

इन सेटिंग्स को नियंत्रित करके आप अपने डिजिटल फुटप्रिंट को काफी कम कर सकते हैं

समझें डिजिटल दुनिया का सच

आज इंटरनेट पर मुफ्त मिलने वाली कई सेवाएं असल में आपके डेटा पर आधारित होती हैं. आसान शब्दों में कहें तो अगर आप किसी सेवा के लिए पैसे नहीं दे रहे हैं, तो संभव है कि आपका डेटा ही उस सेवा का असली बिजनेस मॉडल हो. इसलिए अपने स्मार्टफोन की प्राइवेसी सेटिंग्स को समझना और उन्हें सही तरीके से मैनेज करना बेहद जरूरी है.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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