आपके बारे में दोस्तों से भी ज्यादा जानता है आपका फोन, नोट करें जरूरी प्राइवेसी टिप्स

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Android और iPhone यूजर्स के लिए 5 जरूरी प्राइवेसी टिप्स

आपका स्मार्टफोन सिर्फ कॉल और मैसेज तक सीमित नहीं है. यह आपकी लोकेशन, सर्च हिस्ट्री, ऐप एक्टिविटी और यहां तक कि कीबोर्ड डेटा तक रिकॉर्ड करता है. कंपनियां इस डेटा से आपके हैबिट्स का अनुमान लगाती हैं. प्राइवेसी सेटिंग्स चेक करके आप अपनी जानकारी को सुरक्षित रख सकते हैं.

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आज की डिजिटल दुनिया में स्मार्टफोन सिर्फ कॉल और मैसेज का साधन नहीं रहा. आपका फोन हर दिन आपकी लोकेशन, सर्च हिस्ट्री, ऐप यूज, खरीदारी की आदतें और यहां तक कि स्क्रीन पर बिताया गया समय भी रिकॉर्ड करता है. यही वजह है कि टेक कंपनियां यूजर के व्यवहार को समझकर उसी हिसाब से विज्ञापन और सेवाएं दिखाती हैं. चाहे आप Android इस्तेमाल करते हों या iOS, कुछ प्राइवेसी सेटिंग्स को सही तरीके से मैनेज करके आप अपने डेटा को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं.

लोकेशन हिस्ट्री: आपका हर कदम रिकॉर्ड हो सकता है

अधिकतर स्मार्टफोन में लोकेशन सर्विस डिफॉल्ट रूप से ऑन रहती है. इससे कई ऐप्स लगातार आपकी लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं. यह डेटा विज्ञापन और सुझावों के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

Android में कैसे बंद करें?

  • Settings → Location → Location Services
  • Location History या Google Location History बंद करें
  • जिन ऐप्स को जरूरत नहीं, उनके लिए Location permission “Allow only while using app” करें.

iPhone में कैसे बंद करें?

  • Settings → Privacy & Security → Location Services
  • नीचे जाकर Significant Locations बंद करें
  • हर ऐप के लिए “Never” या “While Using the App” विकल्प चुनें.

ऐप परमिशन: हर ऐप को सब कुछ जानने की जरूरत नहीं

कई ऐप्स कैमरा, माइक्रोफोन, कॉन्टैक्ट्स और स्टोरेज जैसी संवेदनशील परमिशन मांगते हैं. लेकिन हर ऐप को इन सबकी जरूरत नहीं होती.

क्या करें?

  • Settings → Privacy → Permission Manager (Android)
  • Settings → Privacy & Security → App Permissions (iPhone)
  • जिन ऐप्स का इस्तेमाल कम करते हैं, उनकी परमिशन हटा दें.

विज्ञापन आईडी ट्रैकिंग बंद करें

फोन में एक Advertising ID होता है, जिससे कंपनियां आपकी ऑनलाइन गतिविधियों के आधार पर विज्ञापन दिखाती हैं.

Android में

  • Settings → Privacy → Ads
  • Delete Advertising ID या Opt out of Ads Personalization.

iPhone में

  • Settings → Privacy & Security → Tracking
  • Allow Apps to Request to Track को बंद करें.

बैकग्राउंड डेटा पर नजर रखें

कई ऐप्स बैकग्राउंड में डेटा भेजते और लेते रहते हैं, जिससे आपकी गतिविधि रिकॉर्ड होती रहती है.

Android

  • Settings → Apps → Data Usage
  • अनचाहे ऐप्स का Background data बंद करें.

iPhone

  • Settings → General → Background App Refresh
  • जिन ऐप्स की जरूरत नहीं, उन्हें बंद करें.

नियमित रूप से प्राइवेसी चेक करें

अगर आप सच में अपने डेटा को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो महीने में एक बार फोन की प्राइवेसी सेटिंग्स जरूर चेक करें.

  • ऐप परमिशन
  • लोकेशन ऐक्सेस
  • माइक्रोफोन और कैमरा ऐक्सेस
  • ब्राउजर ट्रैकिंग

इन सेटिंग्स को नियंत्रित करके आप अपने डिजिटल फुटप्रिंट को काफी कम कर सकते हैं

समझें डिजिटल दुनिया का सच

आज इंटरनेट पर मुफ्त मिलने वाली कई सेवाएं असल में आपके डेटा पर आधारित होती हैं. आसान शब्दों में कहें तो अगर आप किसी सेवा के लिए पैसे नहीं दे रहे हैं, तो संभव है कि आपका डेटा ही उस सेवा का असली बिजनेस मॉडल हो. इसलिए अपने स्मार्टफोन की प्राइवेसी सेटिंग्स को समझना और उन्हें सही तरीके से मैनेज करना बेहद जरूरी है.

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राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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