मौत के बाद यूजर के डिजिटल अकाउंट्स का क्या होता है? फोटो, पासवर्ड और प्राइवेट डेटा पर किसका हक, समझिए पूरा नियम

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Digital Data Inheritance

पासवर्ड, फोटो और अकाउंट्स पर यूजर के बाद किसका अधिकार / एआई-जेनरेटेड रिप्रेजेंटेशनल इलस्ट्रेशन

सोशल मीडिया अकाउंट, क्लाउड फोटो, बैंकिंग ऐप और पासवर्ड जैसी डिजिटल संपत्तियों पर मौत के बाद किसका अधिकार होता है? भारत में बदलते डिजिटल इनहेरिटेंस नियम और कानूनी प्रक्रिया को आसान भाषा में समझिए.

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आज की दुनिया में इंसान सिर्फ असल जिंदगी में नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी अपनी पहचान छोड़ता है. स्मार्टफोन, सोशल मीडिया अकाउंट, क्लाउड फोटो, ईमेल, बैंकिंग ऐप, क्रिप्टो वॉलेट और ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन अब हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं. लेकिन जब किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है, तब सबसे बड़ा सवाल उठता है कि उसके डिजिटल अकाउंट्स, निजी डेटा और पासवर्ड पर आखिर किसका अधिकार होता है? भारत में यह मुद्दा तेजी से गंभीर होता जा रहा है क्योंकि करोड़ों लोग अपनी निजी और वित्तीय जानकारी पूरी तरह ऑनलाइन स्टोर कर रहे हैं.

डिजिटल संपत्ति अब सिर्फ डेटा नहीं, कानूनी विरासत भी

पहले संपत्ति का मतलब घर, जमीन, बैंक बैलेंस और गहनों तक सीमित था, लेकिन अब डिजिटल डेटा भी विरासत का हिस्सा माना जाने लगा है. इसमें सोशल मीडिया प्रोफाइल, क्लाउड स्टोरेज, ऑनलाइन निवेश, डिजिटल वॉलेट, ईमेल अकाउंट और सब्सक्रिप्शन जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं.

विशेषज्ञों के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति ने वसीयत यानी ‘विल’ बनाई है, तो उसके डिजिटल और वित्तीय अकाउंट उसी के अनुसार ट्रांसफर किये जा सकते हैं. लेकिन अगर वसीयत नहीं है, तो संपत्ति उत्तराधिकार कानूनों के तहत कानूनी वारिसों को मिलती है.

भारत में बदल रहे हैं डिजिटल इनहेरिटेंस के नियम

भारत में अब डिजिटल विरासत को लेकर कानूनी सोच भी बदल रही है. हाल के वर्षों में अदालतों और नये डेटा कानूनों ने इस विषय को ज्यादा स्पष्ट करना शुरू किया है. गांधीनगर की एक सिविल कोर्ट ने अपने फैसले में माना कि iCloud जैसे डिजिटल डेटा भी मृत व्यक्ति की संपत्ति का हिस्सा हो सकते हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 का सेक्शन 14 किसी व्यक्ति को यह अधिकार देता है कि वह अपने डेटा के लिए एक नॉमिनी तय कर सके. यह नॉमिनी व्यक्ति की मौत या असमर्थता की स्थिति में डेटा ऐक्सेस, मैनेज या डिलीट करने से जुड़े अधिकार इस्तेमाल कर सकता है.

क्या नॉमिनी ही असली मालिक होता है?

डिजिटल और वित्तीय दुनिया में ‘नॉमिनी’ शब्द को लेकर अक्सर भ्रम बना रहता है. कई लोग मानते हैं कि नॉमिनी ही संपत्ति का मालिक बन जाता है, जबकि ऐसा हमेशा नहीं होता. कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक नॉमिनी कई मामलों में सिर्फ कस्टोडियन यानी अस्थायी देखरेख करने वाला व्यक्ति होता है.

अंतिम स्वामित्व उत्तराधिकार कानूनों और कानूनी वारिसों के अनुसार तय होता है. यानी अगर किसी बैंक अकाउंट, निवेश या डिजिटल एसेट में नॉमिनी मौजूद है, तब भी कानूनी वारिसों का अधिकार खत्म नहीं होता.

सोशल मीडिया और क्लाउड अकाउंट्स का क्या होता है?

Google, Apple, Meta और दूसरे बड़े प्लैटफॉर्म पहले से कुछ डिजिटल लेगेसी फीचर्स देते हैं. उदाहरण के लिए Google का ‘Inactive Account Manager’ और Apple का ‘Legacy Contact’ फीचर यूजर को पहले से तय करने का विकल्प देता है कि मौत के बाद कौन व्यक्ति उसके डेटा तक पहुंच पाएगा.

हालांकि भारत में अभी तक सभी डिजिटल प्लैटफॉर्म्स के लिए एक समान नियम नहीं हैं. यही वजह है कि कई परिवारों को अकाउंट रिकवरी और डेटा ऐक्सेस के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है.

क्यों जरूरी हो गया है डिजिटल विरासत की प्लानिंग?

जैसे-जैसे लोगों की जिंदगी ऑनलाइन होती जा रही है, वैसे-वैसे डिजिटल इनहेरिटेंस प्लानिंग भी जरूरी बनती जा रही है. एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि लोगों को अपनी महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी, पासवर्ड मैनेजर, नॉमिनी डिटेल और डिजिटल संपत्ति का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना चाहिए.

अगर समय रहते डिजिटल विरासत की योजना नहीं बनाई गई, तो परिवार को निजी डेटा, फोटो, निवेश और जरूरी अकाउंट्स तक पहुंच पाने में बड़ी परेशानी हो सकती है.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए [email protected] पर

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