4G – 5G के बाद अब 6G की तैयारी, केंद्रीय मंत्री ने ऐलान पर हर भारतीय को होगा गर्व

Updated:
विज्ञापन
6G In India

6G In India: भारत के बढ़ते कदम

Bharat 6G Alliance: 4G और 5G के बाद अब देश ने 6G को लेकर कदम बढ़ा दिये हैं. भारतीय टेलीकॉम कंपनियां अगले तीन वर्षों में सभी 6जी पेटेंट में 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल करने और वैश्विक मानकों में छठे हिस्से का योगदान करने का लक्ष्य बना रही हैं.

विज्ञापन

Bharat 6G Alliance: देशभर में 5G सर्विस अपने पैर पसार रही है. इसके साथ ही सरकार ने 6G सर्विस की तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसी कोशिश के तहत केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम सिंधिया ने कहा है कि सबसे तेज 5जी सेवा लाने के बाद भारत छठी पीढ़ी की मोबाइल सेवाओं में दुनियाभर में हुए पेटेंट का 10वां हिस्सा हासिल करने का लक्ष्य बना रहा है. वह यहां एआईएमए राष्ट्रीय प्रबंध सम्मेलन के 51वें संस्करण में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे.

हमारे पास दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला 5जी नेटवर्क

सिंधिया ने कहा, जहां हमारे पास दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला 5जी नेटवर्क है, 22 महीनों में 4.5 लाख 4जी टावर का निर्माण किया गया है, बीएसएनएल के लिए अपनी खुद की 4जी तकनीक का निर्माण किया गया है, हम ‘भारत 6जी अलायंस’ को स्थापित कर 6जी की ओर भी बढ़ रहे हैं.

6जी में भारत के लिए 10% अंतरराष्ट्रीय पेटेंट सुनिश्चित करना लक्ष्य

उन्होंने कहा, हमारा लक्ष्य आने वाले दिनों में इस ‘भारत 6जी अलायंस’ के माध्यम से 6जी में भारत के लिए 10 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय पेटेंट सुनिश्चित करना है. मंत्री ने कहा कि वैश्विक आर्थिक और सामाजिक उथल-पुथल के बीच भारत आशा और स्थिरता की किरण बनकर उभरा है.

भारत दुनिया में मोबाइल फोन का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक

उन्होंने कहा, वह (भारत) आज विश्व मंच पर उभर रहा है. अब वह संघर्षरत अर्थव्यवस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि एक ऐसी अर्थव्यवस्था है जो आगे बढ़ रही है. सिंधिया ने कहा कि यह तथ्य इसका प्रमाण है कि भारत आज दुनिया में मोबाइल फोन का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है.

स्वदेशी प्रौद्योगिकी को डिजाइन और विकसित करना भी महत्वपूर्ण

उन्होंने कहा, भारत ने अपने अस्तित्व में पहली बार अपना स्वयं का 4जी प्रौद्योगिकी ढांचा विकसित किया है, जिसे अगले वर्ष के मध्य तक स्थापित दिया जाएगा. सिंधिया ने कहा कि न केवल प्रौद्योगिकी को लागू करना महत्वपूर्ण है, बल्कि स्वदेशी प्रौद्योगिकी को डिजाइन और विकसित करना भी महत्वपूर्ण है.

डिजिटल प्रौद्योगिकी से जुड़े देश का हर हिस्सा

उन्होंने कहा, हमने अपने लिए तीन लक्ष्य तय किये हैं. पहला लक्ष्य परिपूर्णता सुनिश्चित करना है. हमारे देश के हर हिस्से को डिजिटल प्रौद्योगिकी से जुड़ना चाहिए. हर व्यक्ति को डिजिटल क्रांति के माध्यम से हर अवसर का लाभ उठाने में सक्षम होना चाहिए.

44,000 करोड़ रुपये आवंटित

सिंधिया ने कहा कि भारत ने देशभर में करीब साढ़े चार लाख टावर लगाये हैं. सरकार ने करीब 20,000 और टावर लगाने के लिए प्रतिबद्धता जतायी है और इस पहल के लिए 44,000 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं. उन्होंने कहा, वित्त वर्ष 2024-25 के मध्य तक हम अपने देश में 100 प्रतिशत परिपूर्णता का लक्ष्य प्राप्त कर लेंगे.

नयी प्रौद्योगिकी को अपनाना महत्वपूर्ण

उन्होंने कहा, तीसरा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत में भविष्य उन्मुख प्रौद्योगिकी हो, हमारे लिए नयी प्रौद्योगिकी को अपनाना महत्वपूर्ण है, लेकिन हमारे लिए नयी प्रौद्योगिकी के उत्पादन की अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल करना भी जरूरी है.

परिवर्तनकारी बदलाव का वादा

सिंधिया ने पोस्ट ऑफिस अधिनियम और नये दूरसंचार अधिनियम के बारे में भी बात की और परिवर्तनकारी बदलाव का वादा किया. उन्होंने कहा कि सिंधिया ने कहा, मैं आप सभी से वादा करता हूं कि इस साल दिसंबर तक दोनों विभागों द्वारा एक बहुत ही पारदर्शी, दूरदर्शी नियम प्रणाली लागू की जाएगी जिससे हमारे क्षेत्र में एक नया बदलाव आएगा. (भाषा इनपुट के साथ)

Technology Trending Video

6G को लेकर PM Modi का बड़ा ऐलान

6G तकनीक आ गई, 5G से 500 गुना तेज स्पीड, 1 सेकेंड में 5 एचडी मूवी डाउनलोड

विज्ञापन
राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola