फोन चलाते समय आंखें भारी-भारी सी लगती हैं? ये तीन सेटिंग्स ऑन करते ही दिखेगा फर्क

फोन से स्क्रीन लाइट से आदमी की आंखें हुई लाल (Photo: AI Generated)
अगर फोन चलाते हुए आपकी आंखें जल्दी थक जाती हैं या जलन होती है, तो टेंशन न लें. आपके फोन में ही कुछ ऐसी छोटी-छोटी सेटिंग्स हैं जो आपकी आंखों को आराम देंगी, नींद बेहतर बनाएंगी और स्क्रीन स्ट्रेन कम करेंगी. आइए जानते हैं इनके बारे में.
अगर आप घंटों तक लगातार फोन स्क्रॉल करते रहते हैं, तो क्या आपकी भी आंखों में जलन होने लगती है? आंखें भारी-भारी सी लगती हैं… कभी-कभी ऐसा भी लगता है जैसे किसी ने उनमें रेत डाल दी हो. दरअसल, ये सब स्क्रीन स्ट्रेन के संकेत हैं. अच्छी बात ये है कि इसका समाधान आपके फोन में पहले से ही मौजूद है. बस आपको सेटिंग्स में जाकर कुछ छोटे-छोटे स्विच ऑन करने की जरूरत है. आइए आपको इसके बारे में बताते हैं.
नाइट लाइट या नाइट शिफ्ट ऑन करें
आपके फोन की स्क्रीन का ब्लू लाइट आपके दिमाग को ये सोचने पर मजबूर करता है कि अभी दिन है. और जब दिमाग दिन समझेगा, तो नींद नहीं आएगी.ऊपर से आपकी आंखें भी जल्दी थक जाती हैं. Android में Night Light और iPhone में Night Shift इसे कम कर देते हैं. आइए जानते हैं कैसे आप इसे अपने फोन में ऑन कर सकते हैं.
Android पर नाइट लाइट कैसे ऑन करें?
- सेटिंग्स खोलें.
- डिस्प्ले वाले सेक्शन में जाएं.
- वहां Night Light पर टैप कर दें.
- शेड्यूल सेट करें सूरज डूबने से लेकर सूरज उगने तक.
- स्क्रीन का कलर थोड़ा गर्म और ऑरेंज हो जाएगा.
iPhone पर नाइट लाइट कैसे ऑन करें?
- सेटिंग्स खोलें.
- डिस्प्ले & ब्राइटनेस वाले सेक्शन में जाएं.
- वहां Night Shift को ऑन कर दें.
- शेड्यूल ऑन करें और टाइम चुनें सूरज डूबने से सूरज उगने तक.
- अगर आप चाहो तो वॉर्मथ बार को स्लाइड करके स्क्रीन को और एम्बर टोन दे सकते हैं.
डार्क मोड ऑन करें
सफेद बैकग्राउंड सीधी रोशनी आपकी आंखों में डालते हैं और थकावट बढ़ाते हैं. डार्क मोड सब कुछ ब्लैक या ग्रे में बदल देता है. रात में या हल्की रोशनी वाले कमरे में इसे यूज करना आपकी आंखों के लिए बहुत आसान और आरामदायक होता है.
अपने ऐप्स पर लिमिट सेट करें
Android और iPhone दोनों में अब आप ऐप्स के लिए डेली टाइमर सेट कर सकते हैं. जब टाइम खत्म हो जाएगा, ऐप अपने आप लॉक हो जाएगा. मतलब, चाहे आपने ब्रेक लेने का सोचा हो या नहीं, अब आपको जरूरी ब्रेक लेना ही पड़ेगा.
Android में ऐप्स पर लिमिट कैसे सेट करें?
- सेटिंग्स में जाएं.
- वहां Digital Wellbeing & Parental Controls खोलें और Dashboard पर क्लिक करें.
- उस ऐप पर टैप करें जिसे आप सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं.
- तय करें कि दिन में कितने मिनट इस्तेमाल करना है.
- जैसे ही टाइम लिमिट खत्म होगी, ऐप अपने आप बंद हो जाएगा.
iPhone में ऐप्स पर लिमिट कैसे सेट करें?
- सेटिंग्स खोलें.
- फिर Screen Time में जाएं और App Limits चुनें.
- किसी ऐप या पूरी कैटेगरी को चुनें.
- टाइमर सेट करें.
- जैसे ही टाइमर खत्म होगा, ऐप अपने आप बंद हो जाएगा.
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By Ankit Anand
शॉर्ट बायो
अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.
काम के बारे में
अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.
उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.
पढ़ाई और करियर
बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.
प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.
विजन
अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.
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