जेयू : रैगिंग को लेकर ईसी सदस्य ने वीसी को लिखा पत्र, दोषियों के खिलाफ धीमा रवैया अपनाने का आरोप
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 19 Jun 2024 11:28 PM
रैगिंग की घटना को लेकर जादवपुर यूनिवर्सिटी (जेयू) के धीमे रवैये की आलोचना हो रही है. यूनिवर्सिटी की एक्जीक्यूटिव काउंसिल (ईसी) के सदस्य ने रैगिंग को लेकर कुलपति को पत्र लिखा है. जेयू की रैगिंग विरोधी समिति की सिफारिशों में उन चार छात्रों को स्थायी रूप से निष्कासित करने की बात कही गयी है, जो नौ अगस्त 2023 की रात या उससे पहले रैगिंग में मौजूद पाये गये थे और पूरी तरह से इसमें शामिल थे.
कोलकाता.
रैगिंग की घटना को लेकर जादवपुर यूनिवर्सिटी (जेयू) के धीमे रवैये की आलोचना हो रही है. यूनिवर्सिटी की एक्जीक्यूटिव काउंसिल (ईसी) के सदस्य ने रैगिंग को लेकर कुलपति को पत्र लिखा है. जेयू की रैगिंग विरोधी समिति की सिफारिशों में उन चार छात्रों को स्थायी रूप से निष्कासित करने की बात कही गयी है, जो नौ अगस्त 2023 की रात या उससे पहले रैगिंग में मौजूद पाये गये थे और पूरी तरह से इसमें शामिल थे. जादवपुर विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के एक सदस्य ने कुलपति को पत्र लिख कर आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय पिछले साल प्रथम वर्ष के छात्र की रैगिंग की जांच में दोषी पाये गये लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के मामले में ”धीमा रवैया’ अपना रहा है. विश्वविद्यालय की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था के सदस्य काजी मासूम अख्तर ने कुलपति से जानना चाहा है कि अधिकारी रैगिंग के मुद्दे पर 24 मई को आयोजित कार्यकारी परिषद की बैठक में लिये गये निर्णय पर कार्रवाई क्यों नहीं कर सके. जेयू की एंटी-रैगिंग कमेटी की सिफारिशों में उन चार छात्रों को स्थायी रूप से निष्कासित करने की बात कही गयी है, जो रैगिंग की घटना में मौजूद थे और पूरी तरह से शामिल पाये गये थे. कमेटी ने विश्वविद्यालय के एंटी-रैगिंग दस्ते के निष्कर्षों के आधार पर पांच छात्रों को चार सेमेस्टर के लिए निष्कासित करने और जेयू छात्रावास से स्थायी रूप से निष्कासित करने की भी सिफारिश की, क्योंकि वे रैगिंग की आपराधिक साजिश से सीधे जुड़े पाये गये थे.गौरतलब है कि प्रथम वर्ष के स्नातक छात्र की रैगिंग के बाद 10 अगस्त, 2023 की सुबह मौत हो गयी थी. हालांकि, विश्वविद्यालय ने अभी तक समिति की सिफारिशों पर कार्रवाई नहीं की है. ईसी सदस्य ने लिखा है : विश्वविद्यालय अपनी जांच में प्रथम वर्ष के छात्र की रैगिंग के दोषी पाये गये लोगों के खिलाफ धीमी गति से कार्रवाई क्यों कर रहा है? रैगिंग को रोकने के लिए कोई कदम क्यों नहीं उठाया जा रहा है.
कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि जेयू के डीन ऑफ स्टूडेंट्स हॉस्टल में स्थिति की गंभीरता को समझने में विफल रहे, जबकि एक छात्र ने उन्हें नौ अगस्त की रात को मुख्य छात्रावास में परेशानी के बारे में फोन पर सचेत किया था. इसके कुछ घंटे बाद ही प्रथम वर्ष के छात्र की मौत हो गयी. आंतरिक जांच में यह कहा गया है. जेयू के अंतरिम कुलपति भास्कर गुप्ता ने कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जायेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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