गाजोल के आलू किसान ने कर ली खुदकुशी

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मालदा : मालदा के गाजोल में बुधवार को एक और आलू किसान के आत्महत्या कर ली. आलू की खेती के लिए किसान ने बाजार से तीन लाख रुपये का कर्ज लिया था. कर्ज चुका नहीं पाने के कारण उसने मंगलवार रात को कीटनाशक खाकर अपनी जान दे दी. देर रात को उसे मालदा मेडिकल कॉलेज […]

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मालदा : मालदा के गाजोल में बुधवार को एक और आलू किसान के आत्महत्या कर ली. आलू की खेती के लिए किसान ने बाजार से तीन लाख रुपये का कर्ज लिया था.
कर्ज चुका नहीं पाने के कारण उसने मंगलवार रात को कीटनाशक खाकर अपनी जान दे दी. देर रात को उसे मालदा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल ले जाया गया, जहां आज सुबह उसकी मौत हो गयी. घटना गाजोल थानांतर्गत रानीगंज एक नंबर ग्राम पंचायत के महाकांदन गांव की है.
मृत किसान का नाम बरुण सरकार (27) है. उसके परिवार में उसकी पत्नी कनिका सरकार, पांच साल का बेटा व वृद्ध माता-पिता हैं. मृत किसान की पत्नी ने बताया कि उसके पति ने अपने सात बीघा जमीन पर आलू की खेती की थी. खाद की खरीदारी से लेकर घर के राशन तक उधारी पर लाया गया. इसके अलावा उसके पति ने एक बैंक से 50 हजार रुपये लोन लिया था.
आलू का फलन अच्छा हुआ था, लेकिन 50 किलो आलू का एक बोरा मात्र 100 रुपये में बिका. सात बीघा जमीन पर करीब 150 बोरा आलू का उत्पादन हुआ था, लेकिन आलू के दाम सही नहीं मिले. इसलिए बरुण ने आधे से ज्यादा आलू को घर में ही रख दिया था. खाद का दुकानदार 15 हजार रुपये पाता था.
किराने के दुकान में 20 हजार रुपये बकाया हो गया था. सब मिला कर करीब तीन लाख रुपये उधारी हो गयी थी. पति ने सोचा था कि आलू बेच कर सारे रुपये चुका देंगे,लेकिन ऐसा नहीं हुआ. पोयला वैशाख के कारण सभी रुपये के लिए दबाव दे रहे थे. उसका पति मानसिक रूप से टूट गया था और कीटनाशक खाकर उसने आत्महत्या कर ली.
प्रशासन की बढ़ी मुश्किल: इधर, आलू किसान की मौत से प्रशासन मुश्किल में है. वाम मोरचा विधायक खगेन मुमरू ने इस घटना के लिए प्रशासन व सरकार की उदासीनता को दोषी ठहराया है. बाजार में आलू के उचित मूल्य नहीं पाकर किसान आत्महत्या कर रहे हैं.
प्रशासन आंख मूंद कर बैठा है. आलू की कालाबाजारी हो रही है. किसान असहाय है. इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया गया था. किसानों को प्रति क्विंटल आलू के दाम 800 से 900 रुपये देना चाहिए. आलू किसान मात्र 200 से 250 रुपये में एक क्विंटल आलू बेच रहे है. अभाव व महाजन के कर्ज के जाल में फंस कर किसान आत्महत्या का रास्ता अपना रहे हैं.
गाजोल के बीडीओ सौभिक मुखर्जी ने बताया कि आलू किसान के आत्महत्या के बारे में उन्हें नहीं पता. मृतक के परिवार की ओर से अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गयी. उन्होंने संबंधित इलाके के पंचायत को मामले की जांच-पड़ताल का आश्वासन दिया है.
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